Friday, May 22, 2015

बेरोजगार मंत्री

छह महीने पूरे होने पर महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार की एनसीपी ने जमकर खिंचाई की है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि इन छह महीने में शिवसेना कोटे के मंत्री बेरोजगार मंत्री बनकर रह गए। उनके पास कोई कामकाज ही नहीं है। शिवसेना के चार मंत्रियों के खाते से एक भी प्रस्ताव कैबिनेट के सामने नहीं आया। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी के लोग शिवसेना मंत्रियों को काम नहीं करने दे रहे?
मलिक ने फडणवीस सरकार को महज ढिंढोरा पिटने वाली सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि छह महीने में बयानबाजी करने के अलावा सरकार ने कोई ठोस काम नहीं किया। मंत्री एक ही प्रस्ताव को कई तरह से पेश करके सिर्फ नंबर गिनाने में लगे हैं। सरकार के छह महीने के कामकाज का लेखा-जोखा रखते हुए मलिक ने कहा कि सरकार के 37 विभागों में से 17 विभाग से एक भी प्रस्ताव मंत्रिमंडल के सामने नहीं रखा गया। राज्य के छह मंत्री ऐसे हैं जिनके विभाग से एक भी प्रस्ताव कैबिनेट के सामने नहीं आ सका, जिसमें चार शिवसेना के मंत्री हैं।
जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन, आदिवासी विकास मंत्री विष्णु सावरा, परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, पीडब्लूडी मंत्री एकनाथ शिंदे और पर्यावरण मंत्री रामदास कदम के खाते से एक भी प्रस्ताव कैबिनेट के सामने नहीं आया। सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की कुल 21 बैठकें हुई हैं। कैबिनेट की बैठकों की समीक्षा करने पर पता चलता है कि शिवसेना कोटे के मंत्रियों के पास कोई काम ही नहीं है। मलिक ने शिवसेना से से भी जवाब मांगा कि उनके मंत्रियों की इतनी बुरी हालत क्यों हुई?

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