Tuesday, March 31, 2015

300 जेनेरिक (सस्ती) दवा की दुकाने

अन्न व औषधि प्रशासन मंत्री गिरीश बापट ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि केंद्र सरकार की मदद से राज्य सरकार पहले चरण में 300 जेनेरिक (सस्ती) दवा की दुकाने खोलेगी। साथ ही बापट ने कहा कि पुणे में फर्जी मेडिकल स्टोर के नाम पर दवा कंपनी के जिस मेडिकल रिप्रजेंटेटीव (एमआर) ने दवा बेची थी, उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में कुल 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें 4 गिरफ्तार हो चुके हैं।
प्रश्नकाल में योगेश टिलेकर, जगदीश मुलीक व अन्य सदस्यों ने पुणे में फर्जी मेडिकल स्टोर के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर किडनी की दवा बेचे जाने का मामला उठाया था। सदस्यों के उठाए सवाल का जवाब हुए मंत्री बापट ने कहा कि इस संबंध में 4 लोगों को गिरफ्तार करने के अलावा दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद कर दिया। इसकी सूचना सरकार ने ऑल इंडिया मेडिकल काउंसिल दी है। उन्होंने कहा कि एमआर को मिलने वाली दवाएं बाजार में नहीं बेची जा सकती।

राज्य के लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 300 जेनेरिक दवाओं की दुकाने खोली जाएंगी। दवाई पर लिखी कीमत से ज्यादा कीमत वसूलने पर दवा बेचने वालों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई होगी। मेडिकल असोसिएशन वालों ने एक संगठन बनाया है जो 18 दवाएं सस्ती कीमतों पर मुहैया कराते हैं। भविष्य में बाजार में बेची जाने वाली जेनेरिक दवाओं की फेहरिस्त में और दवाओं को शामिल किया जाएगा।

Sunday, March 29, 2015

की सेहत का ध्यान अब 'मोनिका' रखेगी

गर्भावस्था में मां और उसकी कोख में पल रहे बच्चे की सेहत का ध्यान अब 'मोनिका' रखेगी। सायन स्थित बीएमसी के लोकमान्य तिलक जनरल अस्पताल में शनिवार को देश का पहला वायरलेस मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया गया।  'मॉनिका' (मॉनिटरिंग ऐंड केयर) नामक इस सिस्टम की मदद से गर्भावस्था के दौरान माता और शिशु दोनों की हृदयगति, यूट्रस में शिशु की अवस्था आदि की सारी जानकारी मिल सकती है। 
मोबाइल के आकार के इस यंत्र को गर्भवती महिला के गले में लटका कर रखा जा सकता है और सेंट्रल मॉनिटरिंग स्टेशन के माध्यम से इसकी जांच की जा सकती है।

स्टील चैंबर चैरिटेबल फाउंडेशन नामक संस्थान ने सायन अस्पताल को इस प्रकार के चार उपकरण दिए हैं। इस तकनीक के माध्यम से इस उपकरण को ईसीजी के लिए इस्तेमाल होने वाली लीड (तार) से जोड़ा जाएगा। लीड का एक सिरा गर्भवती मां के पेट पर रहेगा तो दूसरा इस उपकरण से जुड़ा होगा।
अब तक गर्भवती महिलाओं में मॉनिटरिंग के लिए बहुत ही भारी (5-6 किलो) का उपकरण इस्तेमाल होता था, जिससे गर्भवती महिला कोई काम नहीं कर पाती थी। यह उपकरण बहुत ही हल्का और अडवांस है। इसके लिए किसी बेल्ट की जरूरत भी नहीं। यह माता और बच्चे की हृदयगति को स्पष्ट तौर पर अलग-अलग दिखाता है और यह मोटापे से जूझ रही माताओं के लिए भी उपयोगी है।

Friday, March 27, 2015

चर्च पर पत्थर फेंकने वाले - व्यक्तिगत रंजिश

पनवेल के चर्च पर पत्थर फेंकने वाले 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन्होंने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह जानकारी विधानसभा में मंगलवार को दी। उन्होंने सदन को बताया कि पत्थर फेंकने वालों ने किसी धार्मिक कारण से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश से इस घटना को अंजाम दिया था। सीएम के मुताबित पत्थर फेंकने वालों में से एक राहुल पाटील के अवैध जुए के अड्डे पर 19 मार्च को पुलिस ने छापा मारा था। पाटील को शक था कि चर्च के लोगों की शिकायत पर पुलिस ने छापामारी की; इससे नाराज होकर पाटील ने बदला लेने के लिए साथियों के साथ मिलकर चर्च पर पथराव कर दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राहुल रमेश पाटील (39), अनिलचंद्र चव्हाण (27), लक्षमण प्रसाद सुगेवर (21) और मुहम्मद तबरेक शेख (20) को पुलिस ने पकड़ा गया है। शनिवार को बाइक पर सवार नकाबपोश सेंट जार्ज कैथोलिक चर्च पर पत्थरबाजी करके भाग गए थे। यह मामला सीसीटीवी में भी कैद हुआ।
सोमवार को इस घटना पर कांग्रेस-एनसीपी के सदस्यों ने विधानसभा में भारी हंगामा किया था। ईसाई समुदाय के लोगों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। तब मुख्यमंत्री ने आरोपियों को 48 घंटे के अंदर पकड़ने का आश्वासन दिया था।

Wednesday, March 25, 2015

संपत्ति नीलाम कर सरकार निवेशकों का पैसा लौटाएगी-

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि चिटफंड कंपनी केबीसी की संपत्ति नीलाम कर सरकार निवेशकों का पैसा लौटाएगी। इस काम को पूरा करने के लिए सरकार ने एक उपजिलाधिकारी नियुक्त किया है। देश से फरार कपंनी मालिक को पकड़ने के लिए राज्य सरकार इंटरपोल के संपर्क में है।

मंगलवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत एनसीपी के विधायक छगन भुजबल, जीतेंद्र अव्हाड, राजेश टोपे, राणाजगजीत सिंह आदि सदस्यों ने केबीसी घोटाले का मामला सदन में उठाया। भुजबल ने कहा कि केबीसी कंपनी ने नाशिक, हिंगोली, नांदेड, औरंगाबाद, बीड जैसे राज्य के अन्य जिलों में निवेशकों के करोड़ों रुपए हड़प लिए। ज्यादा फायदे के लालच में आकर लोगों ने अपने घर के जेवर बेचकर कंपनी में निवेश किया क्योंकि कंपनी ने पैसा तीन गुना करने का लालच दिया था। पैसे वापस न मिलने के कारण 6 लोग आत्महत्या भी कर चुके हैं।
भुजबल ने दावा किया कि मुंबई में हर महीने 205 करोड़ रुपए के आर्थिक अपराध होते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सील की गई संपत्ति की नीलामी से करीब 220 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह पैसा निवेशकों को लौटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला जब उजागर हुआ तो पुलिस ने केबीसी के संचालक भाऊसाहेब चव्हाण को गिरफ्तार किया। उसका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था जिसे चव्हाण ने अदालत में चुनौती दी।
अदालत ने पुलिस को पासपोर्ट वापस करने का निर्देश दे दिया और जैसे ही उसे पासपोर्ट मिला वह देश छोड़कर भाग गया। जानकारी के मुताबिक वह सिंगापुर में है। उसे सिंगापुर से लाने के लिए राज्य की पुलिस केंद्र सरकार और इंटरपोल के संपर्क में है।

Monday, March 23, 2015

दोपहर को वेन्यू लोअर परेल होटेल में शिफ्ट

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की धमकी की वजह से लैक्मे फैशन वीक-2015 के ग्रैंड फिनाले का वेन्यू आयोजन से चंद घंटे पहले बदलना पड़ा। पहले यह बाइकुला के डॉक्टर भाऊ दाजी लाड म्यूजियम में होना था, लेकिन तोड़-फोड़ की धमकी की वजह से इसे बदल दिया गया।
एमएनएस का कहना है कि म्यूजियम सार्वजनिक संपत्ति है और यहां पर फैशन शो का आयोजन नहीं किया जा सकता। जबकि म्यूजियम का कहना है कि उसने इस आयोजन के लिए पहले ही सभी जरूरी जगहों से इजाजत ले ली थी।

रविवार दोपहर को वेन्यू लोअर परेल होटेल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां पर इवेंट के बाकी कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। आखिरी वक्त में मची अफरा-तफरी के बीच रोहित बल और नरेंद्र कुमार जैसे डिजाइनर्स भी सेट तैयार करने में मदद करते दिखे।
राज ठाकरे की एमएनएस ने धमकी देते हुए कहा था कि म्यूजियम में फैशऩ शो का आयोजन नहीं कराया जा सकता और अगर ऐसा किया गया, तो हमला कर दिया जाएगा। म्यूजियम के ऑनररी डायरेक्टर और ट्रस्टी तसनीम जकारिया मेहता ने कहा, 'यह सही नहीं है। यह टेस्क्सटाइल से जुड़ा शो था और हमारे पास इसकी परमिशन ती।
मेहनता ने कहा, 'इसमें कुछ भी अभद्र या उत्तेजक नहीं था। एमएनएस मोरल पुलिसिंग कर रही है। उन्होंने कहा था कि हमारे करीब 300 लोग आएंगे और शो रोक देंगे। उन्होंने मेहमानों की कारों को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही थी।'
म्यूजियम अपने विस्तार के लिए साथ वाले प्लेग्राउंड को इस्तेमाल करना चाहता है, जिसका एमएनएस विरोध कर रही है। मेहता ने कहा. 'इस घटना का उनके विरोध या प्लेग्राउंड से कोई नाता नहीं है। हम बीएमसी के साथ मिलकर इस मसले पर विचार कर रहे हैं। उन लोगों को बीएमसी नया मैदान दे देगी। मगर यह मोरल पुलिसिंग है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।'
एमएनएस सदस्य संजय नाइक ने कहा, 'हमने आयोजकों से कहा था कि फैशन शो न करें। म्यूजियम बीएमसी की प्रॉपर्टी है, किसी की निजी संपत्ति नहीं। वहां सिर्फ शिक्षा वगैरह से जुड़े इवेंट्स का ही आयोजन हो सकता है। बीएमसी के नियमों के मुताबिक फैशन शो को इजाजत नहीं दी जा सकती।'

Friday, March 20, 2015

फिर तेंदुआ दिखा

ठाणे शहर में लंबे अरसे के बाद एक बार फिर तेंदुआ दिखा है। तेंदुए के दिखाई देने से शहर के घोडबंदर मार्ग पर स्थित ब्रह्माण्ड परिसर में रहने वालों में डर का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की जानकारी फॉरेस्ट विभाग को दी गई है। ब्रह्माण्ड परिसरके स्वस्तिक पार्क इमारत में मंगलवार की रात करीब 10 बजे तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए के साथ उसके दो बच्चों के होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई है।
स्वस्तिक पार्क निवासी उज्वला सुर्वे के मुताबिक उन्होंने इमारत के कंपाउंड की दीवार के पास तेंदुआ देखा था और फिर उन्होंने फोन कर सोसायटी में रहने वाले और लोगों को भी इसकी जानकारी दी। उज्ज्वला के अनुसार कुछ समय बाद तेंदुआ उनके कंपाउंड वॉल पर चढ़ गया। तेंदुए की खबर लगते ही सोसायटी के कई लोग इमारत के नीचे जमा हुए, इस बीच तेंदुआ वहां से निकल भागा। निवासियों के अनुसार एक बड़ा तेंदुआ था और उसके साथ दो छोटे बच्चे थे। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में हड़कंप का माहौल है।

पिछले साल घोडबंदर मार्ग स्थित हीरानंदानी परिसर स्थित स्कूल के करीब रात को तेंदुआ दिखा था। तेंदुआ वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया था। इसके अलावा डोंगरीपाडा, ढोकाली तथा ब्रह्माण्ड में भी तेंदुआ दिखा था। पिछले साल के मई माह में ठाणे शहर के श्रीनगर के वार्लीपाडा स्थित एक घर में तेंदुआ घुस गया था और कई घंटों की मशक्कत के बाद फॉरेस्ट के लोग उसे निकालने में सफल हुए थे।

Thursday, March 19, 2015

चौपाटी अब चौपाटी नहीं 'स्वराज भूमि

मुंबई में आने वाले किसी भी नए व्यक्ति के लिए चौपाटी पर चाट खाना इस मायानगरी में आने और होने का सबसे पहला एहसास दिलाता है लेकिन अब इसे चौपाटी नहीं 'स्वराज भूमि' कहा जाएगा। बुधवार को बीजेपी नीत महाराष्ट्र सरकार ने शहर में गिरगांव चौपाटी का नाम बदलने का फैसला किया है। जहां स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक का अंतिम संस्कार किया गया था अब इस गिरगांव चौपाटी को 'स्वराज भूमि' नाम दिया जाएगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि 'मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस आशय का मुंबई नगर निगम का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।' भाजपा ने पिछले साल मांग की थी कि गिरगाम चौपाटी के पास छोटे से बागीचे का नाम 'स्वराज भूमि' किया जाय। यह मांग लोकमान्य तिलक गौरव समिति काफी समय से करती आ रही थी।
समिति की मांग का समर्थन करते हुए तत्कालीन बीजेपी राज्य इकाई के अध्यक्ष फडणवीस ने कहा था, 'लोकमान्य तिलक महान स्वतंत्रता सेनानी, विचारक, सामाजिक सुधाकर थे जिनके 'स्वतंतत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है ' के उद्घोष ने राष्ट्र में अलख जगायी और भारत में अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ आजादी से पूर्व के आंदोलन को गति दी।'वहां बगीचे में समुद्र के किनारे तिलक की विशाल मूर्ति लगी है। समिति वहीं एक विशाल 'स्वराज स्तम्भ' लगाने की मांग करती रही है। उसका कहना है कि राज्य में पूर्ववर्ती सरकारों ने उसकी मांग पर ध्यान नहीं दिया।