Sunday, January 4, 2015

राजपक्षे के लिए चुनाव प्रचार करना ऐक्टर सलमान खान के लिए मुसीबत

श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के लिए चुनाव प्रचार करना ऐक्टर सलमान खान के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। रविवार को कुछ तमिल नागरिकों ने बॉलिवुड ऐक्टर के घर के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। सलमान श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में हाल ही में राजपक्षे के समर्थन में प्रचार करने गए थे, जिससे कुछ तमिल लोग सलमान से नाराज हैं। 
रविवार सुबह 10 बजे के आसपास शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण सलमाल के गैलक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 

बांद्रा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया, 'हां, आज (रविवार) विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी सलमान के घर की सुरक्षा के लिए मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।' 
सलमान, 'किक' फिल्म को ऐक्ट्रेस और पूर्व श्रीलंकन ब्यूटी क्वीन, जैकलीन फर्नांडीज के साथ श्रीलंका गए थे। 

Thursday, January 1, 2015

शुभकामनाएं

साथियों ,

मेरी और मेरी धर्म-पत्नी की ओर से आपको तथा आपके परिवार को नव वर्ष 2015 की हार्दिक शुभकामनाएं । 

Tuesday, December 30, 2014

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी 6.29 की लोकल ट्रेन पकड़ते हैं

न जाने कितने मुंबईकर रोज सीएसटी से कल्याण जाने वाली 6.29 की लोकल ट्रेन पकड़ते हैं, लेकिन जब सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इसी लोकल से यात्रा की तो यह सफर यादगार बन गया। खास बात यह रही की सीएम ने कल्याण तक का यह सफर आम यात्रियों के साथ बैठकर उनसे बातें करते हुए पूरा किया।
मुख्यमंत्री को सोमवार की शाम एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कल्याण जाना था। उनका कार्यक्रम सुबह से ही काफी व्यस्त था इसलिए वे सुबह से ही टाइम बचाने पर जोर दे रहे थे। सुबह अलीबाग जाने के लिए भी उन्होंने गेटवे से बोट का सफर किया। वापस लौटे तो कुलाबा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी बीच उन्हें लगा कि अब वे सड़क के रास्ते निकले तो कल्याण पहुंचने में बहुत लेट हो जाएंगे। इसलिए कुलाबा का कार्यक्रम खत्म कर सीएम का काफिला सीधे सीएसटी स्टेशन पहुंच गया। वहां 6.29 की कल्याण लोकल प्लैटफॉर्म पर लगी थी। जब अचानक सीएम अपनी टीम के साथ इस लोकल के एक डिब्बे में चढ़े तो लोगों को बड़ा आश्चर्य लगा।

इस साल 1,661 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और उनके बिचौलियों को गिरफ्तार किया

महाराष्ट्र की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस साल हर दिन चार से ज्यादा अधिकारियों और उनके दलालों को भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किया है। इससे नौकरशाही में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के साथ-साथ एसीबी के जाल में अनेक पूर्व मंत्री, एमपी और एमएलए भी फंसे। इनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार, पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री छगन भुजबल और उनके परिवार के कई सदस्य और कांग्रेस नेता कृपाशंकर सिंह भी शामिल हैं।
एसीबी ने इस साल 1,661 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और उनके बिचौलियों को गिरफ्तार किया। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 117% ज्यादा है। एसीबी के डायरेक्टर प्रवीण दीक्षित ने बताया कि 2013 में 574 बार जाल बिछाकर 764 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और उनके सहयोगियों को पकड़ा गया था।
एसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तरह ब्यूरो ने सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के अधिकारियों को पकड़ा। इसके बाद पुलिसकर्मी गिरफ्त में आए। सबसे कम शिकायतें शहर के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, बेस्ट, चैरिटी कमिशन और ग्रामीण विकास विभाग के खिलाफ आई। इन विभागों में जाल बिछाने के बाद गिरफ्तारियां की गईं। यहां 319 ट्रैप में राजस्व विभाग के कुल 419 कर्मियों को पकड़ा गया। 292 मामलों में पुलिस विभाग के 408 कर्मी घूस लेते हुए पकड़े गए।

Monday, December 29, 2014

साल 2015 में मुंबईकरों को पानी की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी

साल 2015 में मुंबईकरों को पानी की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। यह संभावना बीएमसी ने झीलों में पानी की मौजूदा स्थित को देखते हुए जताई है।
बीएमसी के जलापूर्ति विभाग ने मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात तालाबों का लेखा-जोखा पेश किया है। इसके अनुसार सभी झीलों में अभी करीब 1127971 मिलियन लीटर पानी है। मुंबईकरों को रोजाना करीब 3940 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। जलापूर्ति विभाग के मुताबिक मुंबई को पानी देने वाली सातों झीलों में जमा पानी करीब 10 महीने तक की आपूर्ति के लिए पर्याप्त है।

फिलहाल ऐसे अनेक वॉर्ड है जहां निरंतर पानी की समस्या बनी हुई है। जैसे कि के- वेस्ट वॉर्ड का पहाड़ी इलाका- जहां लोगों को पूरे साल इस समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही विक्रोली हीलसाइड और कुर्ला भाग में सबसे ज्यादा पानी की दिक्कत रहती है।

Friday, December 26, 2014

मोदी लहर जारी

झारखंड और जम्मू कश्मीर के चुनावों में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय 'मोदी लहर' को देते हुए शिव सेना ने गुरुवार को कहा कि जब विपक्षी पार्टियां धर्मांतरण के मुद्दे पर प्रदर्शन करने में व्यस्त थीं, तब इन दोनों राज्यों ने प्रधानमंत्री के विकास के अजेंडे को मंजूरी दी।
शिव सेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है, 'मोदी लहर जारी है जिसने झारखंड और जम्मू कश्मीर में बीजेपी को बड़ा चुनावी लाभ पहुंचाया। 14 साल बाद झारखंड एक स्थिर सरकार पाने जा रहा है, और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को जाता है।'
जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन की तैयारी कर रही पार्टियों को राज्य में काफी समय से लंबित समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए शिवसेना ने कुछ सवाल भी उठाए हैं।
शिवसेना ने कहा, 'क्या कश्मीरी पंडित जम्मू कश्मीर में अपना घर फिर बनाने में सक्षम होंगे? क्या कश्मीर को एक बार फिर धरती का स्वर्ग कहा जाएगा? क्या राज्य में आतंकवादी गतिविधियां रुक जाएंगी? क्या पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ रुक जाएगी? हम कामना करते हैं कि नई सरकार इन सभी सवालों का जवाब देने में सक्षम हो।'

Tuesday, December 23, 2014

सदन की कार्यवाही का बहिष्का

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जो समिति स्थापित करना चाहते हैं, उनकी सरकार उसी पर बहस कराने से मुंह चुरा रही है। सोमवार को विपक्ष इस मुद्दे पर बहस कराने की मांग करता रहा, लेकिन अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने विपक्ष की एक न सुनी। अध्यक्ष के रवैए से परेशान विपक्ष ने सदन में हंगामा मचाया और अंत में सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने अलग समिति के मुद्दे को उठाने के लिए नियम 57 के तहत प्रश्नकाल निलंबित करने का नोटिस दिया था। उनके इस नोटिस को विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान इसी मुद्दे को स्थगन प्रस्ताव के रूप में दोबारा उठाने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी भी मंजूरी नहीं दी।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा चर्चा की अनुमति नहीं देने पर कांग्रेस-एनसीपी के विधायक अध्यक्ष के सामने वेल में आकर नारेबाजे करने लगे। शोरशराबे के बीच ही विधायक औचित्य का मुद्दा उठाते रहे। नारेबाजी और शोर शराबे के बीच ही कांग्रेस के विजय वडेट्टीवार ने आव्हाड का समर्थन करते हुए कहा कि उनका स्थगन प्रस्ताव है, इसलिए उस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने मना कर दिया। इसी दौरान कांग्रेस-एनसीपी के विधायक 'मुंबई को तोड़ने नहीं देंगे' और 'मुंबई नहीं किसी के बाप की' जैसे नारे लगाने लगे। इसी बीच बीजेपी के विधायक भी एकजुट होकर विपक्षी विधायकों के सामने आ गए। इस स्थिति को टालने के लिए अध्यक्ष ने 15 मिनट के लिए बैठक स्थगित कर दी। जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तब भी विपक्षी विधायक चर्चा की मांग पर अड़े रहे और शोर मचाने लगे। अंत में विपक्ष ने देखा कि अध्यक्ष उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दे रहे, तब उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर मुंबई के विकास को गति देने के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा था। इस बारे में मुख्यमंत्री ने सदन में कई बार सफाई दी कि उस समिति से सालों-साल लटकी मुंबई की योजनाओं को जल्दी मंजूरी मिल जाएगी। इस समिति से देश की आर्थिक राजधानी का विकास तेजी से होगा। विपक्ष इसी पर चर्चा और बहस की मांग कर रहा था।

मुंबई के विकास के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनने वाली समिति को लेकर एनसीपी चीफ शरद पवार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सात पन्नों का खत लिखकर इस समिति से दूर रहने की नसीहत दे चुके हैं। पवार ने अपने खत में मोदी को लिखा था कि उन्हें यानी मोदी को मुंबई के विकास की जिम्मेदारी से खुद को दूर रखना चाहिए, क्योंकि मुंबई के विकास की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और राज्य की है। पवार ने अपने खत में यह भी लिखा था कि था कि जब संविधान में राज्य और केंद्र की जिम्मेदारियों का सविस्तार वर्गीकरण किया गया है, तो ऐसा करना गलत होगा। पवार के इस खत के बाद ही एनसीपी विधायक विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर मुखर हुए हैं।