Monday, September 29, 2014

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। बीजेपी और एनसीपी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की थी।
गौरतलब है कि एनसीपी ने कांग्रेस के साथ पंद्रह साला पुराना गठबंधन टूटने के बाद सरकार से समर्थन वापस लिया था। इसके बाद राज्य सरकार अल्पमत में आ गई थी।

15 अक्टूबर को महाराष्ट्र में चुनाव होने जा रहे हैं। एनसीपी और कांग्रेस में सीटों को लेकर गतिरोध चल रहा था। दोनों ही पार्टियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी जिद पर अड़ी रहीं।

Friday, September 26, 2014

जो छोड़कर गए वे पितृपक्ष के काग (कौवे) हैं

शिवसेना ने अपनी पूर्व सहयोगी बीजेपी और उसके नेताओं पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने कहा है कि 25 साल पुराना गठबंधन तोड़ने वाले महाराष्ट्र के शत्रु हैं। शिवसेना ने कहा, 'हमारे अन्य सहयोगी चाहते थे कि शिवसेना-बीजेपी गठबंधन कायम रहे। इससे भी बड़ी बात यह थी कि महाराष्ट्र के 11 करोड़ लोग क्या चाहते हैं। जिन लोगों ने इन भावनाओं को आहत किया वे महाराष्ट्र के शत्रु हैं।' पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय में लिखा गया है, 'गठबंधन को तोड़ना संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 105 मराठी शहीदों का अपमान है।' शिवसेना ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 25 साल से हिंदुत्व की विचारधारा से बंधा हुआ शिवसेना-बीजेपी गठबंधन खत्म हो गया है। 

संपादकीय में कहा गया है, 'हमने यह सुनिश्चित करने के लिए अंत तक ईमानदारी से प्रयास किया कि बीजेपी और महायुति के अन्य दलों के साथ हमारा गठबंधन बना रहे। अब आगे जो भी होगा वह देखा जाएगा। जो भी मां तुलजा भवानी की इच्छा होगी वही होगा। केवल एक इच्छा है कि इस पूरी राजनीति में महाराष्ट्र के भविष्य का गणित न प्रभावित हो।' अखबार आगे लिखता है, 'कल तक जो लोग इस खेमे में प्रार्थना कर रहे थे, अब वे दूसरे खेमे में नमाज पढ़ रहे हैं।' 
संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस और उसके नेताओं को एकीकृत मुंबई और महाराष्ट्र की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि शिवसेना और उसका केसरिया ध्वज महाराष्ट्र की रक्षा करेगा। मुखपत्र ने लिखा है,'जल्दी ही यह वास्तविकता उजागर हो जाएगी कि जो (बीजेपी) छोड़कर गए वे पितृपक्ष के काग (कौवे) हैं, जो बने रहे वे मावले (छत्रपति शिवाजी के सैनिक) हैं।' शिवसेना सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे शनिवार को मुंबई में एक सार्वजनिक रैली में अपने विचार रखेंगे। उद्धव ने गठबंधन टूटने पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Thursday, September 25, 2014

पुलिस द्वारा जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

नवरात्री त्योहार के लिए ठाणे पुलिस द्वारा जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मिले आंकड़ों के मुताबिक, ठाणे जिले के शहरी व ग्रामीण दोनों भागों में कुल 1 हजार 366 सार्वजनिक मंडलों द्वारा देवी की मूर्ति स्थापित की गई है। इसे देखते हुए पुलिस की तरफ से जिले भर में अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त किया गया है। मिली जानकरी के मुताबिक, ठाणे के शहरी भाग में 2 डीसीपी, 3 एसीपी, 5 पीआई, 19 एपीआई/पीएसआई, 550 पुलिस कॉन्स्टेबल, 600 होमगार्ड के अलावा एसआरपी की 2 टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
ग्रामीण भागों में 1 अडिशनल एसपी, 5 डीवाईएसपी, 60 सीनियर पीआई, 800 पुलिस कॉन्स्टेबल, 300 होमगार्ड सहित एसआरपी की 2 टुकड़ियों को सुरक्षा बंदोबस्त में लगाया गया है। शहरी भाग में ठाणे पुलिस कमिश्नरेट की सीमा में वागले एस्टेट में 181, उल्हासनगर में 157, कल्याण में 150, ठाणे नगर में 103, भिवंडी में 89 तथा ग्रामीण परिसर स्थित मुरबाड़ में सबसे अधिक 226 सार्वजनिक मंडलों द्वारा दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई है। 

Wednesday, September 24, 2014

नेता चंद्रकांत त्रिपाठी की भी कांग्रेस में वापसी

सोमवार को तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम में चांदवड के निर्दलीय विधायक शिरिष कोतवाल और पंढरपुर के विधायक भारत भालके ने कांग्रेस का का हाथ थाम लिया। इन विधायकों के साथ बड़ी संख्या में इनके समर्थक भी थे। इनके अलावा राजनीति में गुमनाम जीवन जी रहे उत्तरबारतीय नेता चंद्रकांत त्रिपाठी की भी कांग्रेस में वापसी हुई।
एनसीपी के गठन के समय त्रिपाठी शरद पवार के साथ हो लिए थे। कुछ साल तक एनसीपी में सक्रिय रहने के बाद त्रिपाठी धीरे-धीरे राजनीतिक कोमा में चले गए और राजनीतिक कार्यक्रमों से गायब हो गए थे। एनसीपी ने भी त्रिपाठी को साइड लाइन कर रखा था। इससे तंग आकर त्रिपाठी ने हाल ही में एनसीपी से इस्तीफा दे दिया। इससे त्रिपाठी के एनसीपी छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ा।

उल्टे उनके पार्टी छोड़ने पर एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने चुटकी ली कि पार्टी ने जिन्हें दरकिनार कर दिया वे ही पार्टी छोड़कर गए हैं। उनके पार्टी छोड़ने से एनसीपी को कोई फर्क नहीं पड़ता।

Monday, September 22, 2014

शिवसेना-बीजेपी में तनाव अपने चरम पर

शिवसेना-बीजेपी में तनाव अपने चरम पर है। शिवसेना को लग रहा है कि महाराष्ट्र बीजेपी के नेता गठबंधन तोड़ने पर आमादा है। इस स्थिति में शिवसेना और भी ज्यादा आक्रामक हो गई है। शिवसेना सूत्रों का कहना है कि अब हमें मोदी से ही उम्मीद है, क्योंकि मोदी इस समय बीजेपी की सर्वेसर्वा हैं। इसी सोच के तहत रविवार को शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बांद्रा के रंगशारदा सभागृह में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिवंगत शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के उपकार की याद दिलाई।
उद्धव ठाकरे ने पूछा, 'क्या मोदी जी बालासाहेब के उपकार को भूल गए।' उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि गोधरा दंगे के समय स्थिति कितनी भयावह थी। हर कोई कह रहा था कि मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। उस वक्त केवल बालासाहेब ने लालकृष्ण आडवाणी से कहा था कि मोदी को बने रहना चाहिए क्योंकि वह हिंदुत्व विचाराधारा का अनुसरण करते हैं।' उद्धव ने कहा कि बालासाहेब ने आडवाणी से कहा था कि 'मोदी गया तो गुजरात गया।'
उद्धव ने मोदी को याद दिलाया कि जिस तरह से लोकसभा चुनावों में बीजेपी के 'मिशन 272' में शिवसेना ने खलल नहीं डाला, उसी तरह बीजेपी को अब महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना के 'मिशन 150' का सम्मान करना चाहिए। उद्धव ने कहा, 'शिवसेना के कार्यकर्ता उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी हैं। वे सभी चुनाव लड़ना चाहते थे। कार्यकर्ता कह रहे थे कि वे लंबे समय से शिवसेना में हैं और उन्हें मौका मिलना चाहिए, लेकिन हमने उन्हें बीजेपी और एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ने दिया। अब हमारा मिशन 150 विधायकों को विधानसभा में भेजना है। बीजेपी को इस पर विचार करना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'मैं तहेदिल से चाहता हूं कि गठबंधन बना रहे, क्योंकि यह गठबंधन मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं है बल्कि हिंदुत्व के लिए है । अगर गठबंधन टूटता है तो वह मेरी किस्मत होगी। हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं।'

Saturday, September 20, 2014

प्रमुख सड़कों को टोलमुक्त करने के लिए एक प्रस्ताव

सिडको के अनुसार जेएनपीटी बंदरगाह की दिशा में जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों को टोलमुक्त करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, सिडको, जेएनपीटी व नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित जेएन पोर्ट रोड कंपनी लिमिटेड ने पहले करीब 2700 करोड़ रुपये की लागत से यहां की तीन मुख्य सड़कों को चौड़ा करने की एक योजना बनाई थी। इन तीनों सड़कों का विस्तारित कार्य बिल्ट-ऑपरेट व ट्रांसफर (बीओटी) के आधार पर किया जाना था, पर अब इस बीओटी स्कीम को रद कर दिए जाने की खबर मिली है, जिसके कारण अब ये रूट टोलमुक्त होगा।

Wednesday, September 17, 2014

शिवसेना और बीजेपी के बीच तनाव चरम पर

शिवसेना और बीजेपी के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची लेकर तैयार हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उनसे चर्चा के लिए बुधवार को मुंबई पहुंच रहे हैं। अगर बात नहीं बनी, तो रात को ही एक साथ राज्यभर के कैडिडेटों की लिस्ट का 'बम' गिराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बताया जाता है कि उद्धव ने बीजेपी के साथ 25 साल पुराने गठबंधन के बने रहने की उम्मीद अभी नहीं छोड़ी है। 
बीजेपी के महाराष्ट्र प्रभारी ओ.पी. माथुर और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अहमदाबाद एअरपोर्ट के हैंगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। अनुमान लगाया जा रहा है कि शिवसेना से सीटों के बंटवारे के बारे में इन नेताओं में चर्चा हुई होगी। दिन भर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बंगले पर बैठकों का सिलसिला जारी रहा। 

इससे पहले उद्धव ने मंगलवार सुबह को आरपीआई नेता रामदास आठवले से मुलाकात की। मुलाकात के बाद आठवले ने पत्रकारों को बताया कि उद्धव बीजेपी से बातचीत करने के इच्छुक हैं। उन्होंने यह अपेक्षा भी जताई कि शिवसेना उनकी पार्टी के लिए अपने हिस्से की छह सीटें छोड़े। बीजेपी पहले ही आठवले की पार्टी को छह सीटें देने का वादा कर चुकी है। उद्धव स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेताओं से बातचीत करके उनकी सीटें तय कर चुके हैं। बाकी छोटे दलों से उनकी बातचीत नहीं हो सकी। शिवसंग्राम के विनायक मेटे और आरपीअई नेता आठवले ने समय पर सीटें न मिलने की हालत में अकेले चुनाव लड़ने की धमकी दी है।