Saturday, August 30, 2014

मुंबई से कोंकण क्षेत्र में जाने वाले नागरिकों की जबरदस्त भीड़

मुंबई से कोंकण क्षेत्र में जाने वाले नागरिकों की जबरदस्त भीड़ को देखते हुए कोंकण रेलवे 214 विशेष रेलगाड़ियां चला रही है। पिछले साल के गणेशोत्सव की अपेक्षा यह सेवा करीब 20 फीसदी अधिक है। कोंकण रेलवे 130 विशेष आरक्षित व 46 प्रीमियम आरक्षित गाड़ियां भी चला रही है, जिसमें 20 डबल-डेकर गाड़ियां भी शामिल हैं। इस साल की अतिरिक्त सेवाओं में अचानक यात्रा का प्लान बनाने वाले यात्रियों के लिए कोंकण रेलवे द्वारा 38 अनारक्षित (अन-रिजर्व्ड) गाड़ियां भी चला रहा है। ये अनारक्षित रेलगाड़ियां सावंतवाडी-दादर व रत्नागिरी-एलटीटी (कुर्ला टर्मिनस) के बीच चलाई जा रही हैं।
इतनी बड़ी संख्या में ट्रेन चलाए जाने के साथ ही इनमें यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोंकण रेलवे ने RPF के साथ ही RPSF की कंपनी भी तैनात की है। इनकी सहायता के लिए स्थानीय स्तरों पर होमगार्ड व पुलिसबल को तैयार रहने के लिए उनके वरिष्ठ अधिकारियों से निवेदन किया जा चुका है। खेड, चिपलूण, रत्नागिरी, कणकवली आदि स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
कोंकण रेलवे द्वारा यात्रा के दौरान यात्रियों के बीमार पड़ने की स्थिति में कोंकण रेल रूट के खेड, चिपलूण, रत्नागिरी, कणकवली, कुडाल आदि स्टेशनों पर आपातकालीन मेडिकल सुविधा देने के लिए मेडिकल किट के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रत्नागिरी स्टेशन पर एक विशेष फॉर्मा काउंटर खोला गया है। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सभी स्टेशनों पर मौजूद फूडस्टॉल चालकों को अतिरिक्त मात्रा में खाद्यपदार्थ अपने-अपने काउंटरों पर तैयार रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।

Thursday, August 28, 2014

गणपति बप्पा के स्वागत - सड़कों के गड्ढे भरने की बात

बीएमसी बाबुओं ने गणपति बप्पा के स्वागत की पूरी तैयारी का दावा किया है। सड़कों के गड्ढे भरने की बात कर रहे हैं। उनकी मानें तो मुंबई की सड़कों में 923 गड्ढे ही रह गए हैं, जिनकी भराई करने की कोशिश जारी है।
बीएमसी के अडिशनल कमिश्नर एस.वी.आर. श्रीनिवास ने प्रेस कांफ्रेंस कर ये दावे किए। श्रीनिवास के अनुसार, पिछले साल गणेश उत्सव के दौरान 29,800 गड्ढे थे, लेकिन इस साल सिर्फ 10,384 गड्ढे ही हुए| इनमें 9,461 गड्ढे भर दिए गए हैं| उत्सव की तैयारियों पर बीएमसी इस वर्ष 13 से 15 करोड़ रुपये खर्च कर रही है| करीब आठ हजार कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा| समुद्र में 400 लाइफ गार्डस तैनात किए जाएंगे| श्रीनिवास के अनुसार, 67 प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, 71 कंट्रोल रूम, 55 एंबुलेंस, निर्माल्य कलश के लिए 172 डंपर, 55 बोट्स, 80 मोबाईल टॉयलेट वैन आदि की व्यवस्था गणेश भक्तों के लिए की जाएगी| गणपति विसर्जन स्थलों पर 100 डॉक्टर्स तैनात किए जाएंगे| पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए छोटे गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए 26 कृतिम तालाब और बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए 71 बड़े विसर्जन घाटों का निर्माण किया गया है|

Monday, August 25, 2014

राज ठाकरे चुनाव नहीं लड़ेंगे।

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने संकेत दिया है कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। रविवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए राज ने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन चुनाव लड़ना ठाकरे परिवार के खून में नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ एक चुनाव क्षेत्र तक सीमित होकर रहना नहीं चाहता। पूरा महाराष्ट्र ही मेरा चुनाव क्षेत्र है।'
राज ठाकरे एमएनएस से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लेने के लिए नागपुर गए थे। इंटरव्यू लेने के बाद राज ने पत्रकारों से कहा, 'अभी मैं विचार-विमर्श कर रहा हूं कि क्या करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि इससे पहले ठाकरे परिवार में किसी ने चुनाव नहीं लड़ा।
इसी साल 31 मई को राज ठाकरे ने मुंबई के सोमैया ग्रउंड में एमएनएस के सम्मेलन में भाषण देते हुए चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। मगर, अब बदले हुए हालात में एमएनएस की राजनीतिक स्थिति को देखकर लगता है कि राज ठाकरे चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। हालांकि राज ठाकरे ने चुनाव की तारीखें जल्द घोषित करने की मांग चुनाव आयोग से की है।

Friday, August 22, 2014

ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स और केस डायरियों का पता नहीं

साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में बॉलिवुड ऐक्टर सलमान खान के खिलाफ नए सिरे से चलाए जा रहे मुकदमे में और देरी हो सकती है। इस केस के ज्यादातर गवाहों के मूल बयानों के साथ-साथ केस डायरियां भी गायब हैं। पुलिस ने कोर्ट को यह जानकारी दी है।
पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट को पहली बार केस डायरी गायब होने की जानकारी दी। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि गवाहों के 63 मूल बयानों में से सिर्फ 7 का पता लगाया जा सका है। हालांकि, फोटोकॉपी मौजूद है।
जज डी डब्ल्यू देशपांडे ने इस मामले में अब रिटायर हो चुके तत्कालीन जांच अधिकारी किशन शेंगल को भी 12 सितंबर को खुद कोर्ट में पेश होने और गायब दस्तावेजों पर प्रकाश डालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को भी निर्देश दिया कि वह 12 सितंबर की अगली सुनवाई तक डॉक्युमेंट्स का पता लगाए। इससे पहले कल गायब बयानों की वजहसे एक महीने के बाद इस केस में सुनवाई हुई थी।
 
सलमान के वकील श्रीकांत शिवाडे ने दावा किया कि कानून के मुताबिक, मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए कोर्ट के समक्ष ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स को पेश करना जरूरी है, जबकि अभियोजन पक्ष ने दलील दी है कि मुंबई की अदालतों में चल रहे ट्रेंड के मुताबिक केस फोटोकॉपी से भी चल सकता है।
जज डी डब्ल्यू देशपांडे ने पुलिस से कहा कि वह अगली सुनवाई के दौरान अपने रुख के बारे में बताए। कोर्ट उसके बाद इस बात की जांच करेगी कि अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के पास कौन से डॉक्युमेंट्स हैं और क्या उनके आधार पर मुकदमे पर आगे बढ़ना सही होगा।
पुलिस के मुताबिक, ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स मैजिस्ट्रेट कोर्ट में रखे गए थे, जहां शुरू से मुकदमा चल रहा था। हालांकि गैर-इरादतन हत्या का आरोप इस मामले में जुड़ जाने के बाद, जब मामले को हाल ही में मैजिस्ट्रेट कोर्ट से सेशन कोर्ट में ट्रांसफर किया गया तो ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स और केस डायरियों का पता नहीं लगाया जा सका।
शिवाडे ने कहा कि यह मामला बहुत संवेदनशील और एक गंभीर अपराध से जुड़ा है इसलिए वह चाहते हैं कि कानून के अनुसार ऑरिजनल डॉक्युमेंट्स कोर्ट के समक्ष पेश किए जाएं, सिर्फ कॉपी काफी नहीं होंगी।
कोर्ट ने 25 जुलाई को बांद्रा पुलिस को गुरुवार की सुनवाई में केस डायरियां पेश करने का निर्देश दिया था लेकिन पुलिस ने केस डायरियां गायब हो जाने की जानकारी दी। सेशन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई नए सिरे से हो रही है। पिछले साल 5 दिसंबर को सेशन कोर्ट ने इस आधार पर नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया था कि गैर इरादतन हत्या के संगीन आरोपों के संदर्भ में गवाहों से पूछताछ नहीं की गई थी।
ऐक्टर के खिलाफ यह आरोप सुनवाई के दौरान मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने लगाया था। 28 सितंबर 2002 को ऐक्टर सलमान की कार ने एक बेकरी के बाहर पटरी पर सो रहे कुछ लोगों पर अपनी कार चढ़ा दी थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे।

Wednesday, August 20, 2014

बीएमसी महज 10 प्रतिशत रकम खर्च कर सकी

बीएमसी ने विकास कार्य के लिए चालू साल में 8,111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, पर छह महीने बीतने के बाद भी महज 10 प्रतिशत रकम खर्च कर सकी है। आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव है और चुनाव आचार संहिता लग जाने के बाद बकाया रकम खर्च नहीं की जा सकेगी। कई काम अभी भी लटके पड़े हैं।
बीएमसी का सालना बजट करीब 31,400 हजार करोड़ रुपये है। साल 2014-15 का बजट खर्च न करने के पीछे बीएमसी बाबू हवाला देते हैं कि बजट लागू होने के बाद टेंडर प्रक्रिया में समय लगता है। जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होती है तब तक बारिश शुरू हो जाती है। इससे छह महीने में मामूली रकम खर्च हो पाती है। आने वाले दिनों में बकाया राशि खर्च की जाएगी। हालांकि, प्रशासन खुद स्वीकार करता है कि इस साल विधानसभा चुनाव है इसलिए फंड कम खर्च होगा।

Monday, August 18, 2014

विधायक कृष्णा हेगड़े प्रतिष्ठान की दही हंडी

गोकुलाष्टमी मुंबई में लेकर आई, गोविंदाओं की मस्ती, गोविंदा आला की आवाजें और मस्ती में झूमते गोविंदा पथकों की टोलियां। जहां एक तरफ शहर में हर जगह दही हंडियां टंगी नजर आई, वहीं उन्हें फोड़ने के लिए जूझते गोविंदाओं की दीवानगी भी दिल कश रही। आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल भी गोविंदा महोत्सव के आयोजन में कोई कमी नहीं रखना चाहते थे। हालांकि मटकी फोड़ने के प्रयास में मुंबई में 84 गोविंदा घायल हुए। इनमें से 12 अस्पताल में भर्ती हैं जबकि एक की हालत गंभीर है।
सोमवार को मुंबई से दही हंडी फोड़ने ठाणे शहर में आए एक 46 वर्षीय गोविंदा की मौत हो गई है। इसके अलावा करीब 15 गोविंदा जख्मी हुए हैं। जख्मी गोविंदा को ठाणे शहर के विभिन्न हॉस्पिटलों में भर्ती कराया गया है। बताया गया है की मुंबई के लाल बाग स्थित साईं सदन गोविंदा मंडल ठाणे में मटकी फोड़ने आया था।

पुलिस के अनुसार इस मंडल का सदस्य राजेंद्र आंबेकर अपने साथियों के साथ नाश्ता कर रहा था। उसी समय उसे चक्कर आया और बेहोश होकर गिर पड़ा। साथियों द्वारा आंबेकर को तुरंत ठाणे सिविल हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।
समाचार लिखे जाने तक डॉक्टरों ने राजेंद्र आम्बेकर की मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया था। सिविल हॉस्पिटल के चीफ सर्जन डॉ. कुलकर्णी ने बताया है कि मौत के सही कारण का पता पोस्टमॉर्टम के बाद ही चलेगा। अन्य जख्मी गोविंदाओं में सभी की हालत सामान्य बताई गई थी।
संघर्ष के अध्यक्ष, ठाणे के विधायक और मंत्री जितेंद्र आव्हाड की तरफ से शहर के पांचपाखाडी परिसर में लगाई गई दही हंडी मुंबई तथा ठाणे के तमाम गोविंदा मंडलों के आकर्षण का केंद्र रही। इस बार जितेंद्र आव्हाड खुद गोविंदा के बीच शामिल हुए और मानव पिरामिड के चौथे थर पर चढ़े। इस मंडल द्वारा बांधी गई दही हंडी को मुंबई में जोगेश्वरी के जय जवान गोविंदा मंडल के सदस्यों ने 9 मानवीय पिरामिड बनाकर फोड़ा।
विले पार्ले ईस्ट के भोगले चौक में विधायक कृष्णा हेगड़े प्रतिष्ठान की दही हंडी में पूर्व खिलाड़ी करसन घावरी, विनोद कांबली, दिलीप वेंगसरकर समेत विवादित खिलाड़ी श्रीसंथ भी मौजूद रहे। लोगों की मांग पर कांबली ने सिंघम रिटर्न फिल्म के गाने आता माझी सटकली पर गोविंदा के बीच जाकर डांस किया। मराठी गीत दाजी बा फेम वैशाली सावंत के गानों पर लोग झूमते नजर आए।
इस दही हंडी के लिए लगभग 150 गोविंदा पथक मंडलों ने नामांकन करवाया था। मानव पिरामिड की ऊंचाई और इसमें घायल होने वाले गोविंदाओं पर हुए विवाद ने बाद इस समारोह से बारह वर्ष के बच्चों को दूर रखा गया, साथ ही, मानव पिरामिड की ऊंचाई भी छह टियर से अधिक ना रखने का नियम तय किया गया।
दही हंडी में पहुंचे विनोद कांबली ने गोविंदा पथकों से पर्याप्त सावधानी रखने की अपील की। उन्होंने कहा,' खेल में चोट तो लगती ही है, लेकिन, जिस तरह हम क्रिकेटर पैड, हैलमेट के साथ मैदान पर उतरते है, उसी तरह गोविंदाओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए।' कांबली ने दही हंडी को अपने बचपन की खास यादों से जुड़ा त्यौहार बताया।
कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर, कर्जत तक दही हंडी की धूम रही। इनमें कल्याण की दही हंडी सबसे भारी रही, जहां आवाज प्रतिष्ठान द्वारा 25 लाख की दही हंडी टांगने के बाद सैकड़ों गोविंदाओं की टोलियां उसे फोड़ने की कोशिश में देर रात तक लगी रहीं। मिली जानकारी के अनुसार आवाज प्रतिष्ठान के प्रमुख और कल्याण डोंबिवली के कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सचिन पोटे ने कल्याण पश्चिम के मैक्सी गार्डन पर बहुत बड़ी दही हंडी का कार्यक्रम रखा था।
पुणे के मालिण गांव के लिए आवाज प्रतिष्ठान के तरफ से 51 हजार रुपए भी दिया गया। रात 10 बजे तक 157 गोविंदा पथक ने सलामी दी, पिछले कई वर्षों से सचिन पोटे दही हंडी आयोजन कर रहे हैं। इस दही हंडी को कांग्रेस पार्टी की दही हंडी भी कहा जाता है। डोंबिवली के विधायक रविंद्र चव्हाण ने भी डोंबिवली में दही हंडी का आयोजन किया। उल्हासनगर के अनिल मित्र मंडल ने भी दही हंडी कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके आयोजक उल्हासनगर के पूर्व उपमहापौर विनोद ठाकुर थे।

Saturday, August 16, 2014

पाकिस्तान छोड़कर हिंदुस्तान आने के अपने फैसले पर फख्र

नई पीढ़ी के लोगों को भले ही आजादी विरासत में मिली है, लेकिन जिन लोगों ने अपनी जान पर खेलकर आजादी पाई है उनकी आंखों आज भले ही बूढ़ी हो गई हैं पर उनमें आजादी के अनमोल होने का अहसास आज भी चमकता है। आजादी का अहसास 68 साल पहले के तमाम दुखों को पल भर में काफूर कर देता है। आजादी के ऐसे ही चश्मदीद हैं उल्हासनगर में रहने वाले 82 बरस के प्रताप राय आहूजा और 78 बरस की उनकी पत्नी अंजना आहूजा। आजादी की 68वीं सालगिरह पर जब उनकी मुलाकात हुई तो नेहरु से लेकर नरेंद्र मोदी तक हिंदुस्तान की तरक्की पर इस बुजुर्ग दंपति को पाकिस्तान छोड़कर हिंदुस्तान आने के अपने फैसले पर फख्र होता है।
प्रताप आहूजा कहते हैं जब पाकिस्तान से हिंदुस्तान आया था तब बच्चा था। जो उम्र खेलने की होती है उस उम्र में कत्लेआम देखा। खुन्नस, खुराफात और खूरेंजी देखी। अपना सब कुछ छोड़कर शरणार्थी होने का मतलब क्या होता है इसका अहसास बचपन में ही हो गया। आहूजा बताते है कि उनके पिता पुलिस में थे, बावजूद इसके 1947 की तंग माहौल में पाकिस्तान से निकलकर हिंदुस्तान पहुंचना किसी डरावने सपने की तरह था। आंखों से नींद गायब थी, बस एक ही आस थी कि जल्दी से जल्दी हिंदुस्तान पहुंचे। सांस में सांस तब आई जब हमे लेकर करांची से निकला पानी का जहाज गुजरात के ओखा बंदरगाह पर रुका। घर, ज्यादाद, संपत्ति सब कुछ पीछे छूट गया था। सबके हाथ खाली थे। दो वक्त के खाने की जुगाड़ ही सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। इसी जुगाड़ सरकार द्वारा उल्हासनगर में बनाए गए शरणार्थी शिविर में पूरी हुई।
आज इतना असरा गुजर गया, कभी पीछे मुड़ के देखने की न जरूरत पड़ी न फुर्सत ही मिली, लेकिन हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों मुल्कों की तरक्की देखकर आज लगता है कि उस समय हमारे बुजुर्गों ने पाकिस्तान छोड़ने का जो फैसला लिया था वह सही था।