Monday, December 31, 2012

नव वर्ष 2013 की शुभकामनायें

2012 को अलविदा --  तथा नव वर्ष 2013  की शुभकामनायें । इसी उम्मीद के साथ कि नव वर्ष महिला उत्पीड़न मुक्त हो । 

Thursday, December 20, 2012

फर्जी शिकायत के आधारपर चुनाव अधिकारी ने नोटिस जारी किया

भिवंडी के तहसीलदार ने पिछले 10-15 वर्षों सेएक ही पते पर रहकर मतदान करने वाले पद्मानगर इलाके के1300 लोगों को नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा है किउनका नाम मतदाता सूची से क्यों  हटा दिया जाए।तहसीलदार की इस नोटिस से पद्मानगर इलाके में हड़कंपमचा हुआ है। पद्मानगर इलाके में रहने वाले तकरीबन 1300लोगों को चुनाव निर्णय अधिकारी  तहसीलदार द्वारा नोटिसभेजकर मतदाता सूची से उनका नाम हटाने के लिए जवाबमांगा गया है। बताया जाता है कि फर्जी शिकायत के आधारपर चुनाव अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। 

मनपा में एनसीपी के गटनेता नगरसेवक संतोष शेट्टी ने बतायाकि चुनाव अधिकारी ने उन 1300 लोगों से तमाम तरह के प्रमाण - पत्र पेश करने का निर्देश दिया है , जिसकेकारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के सिर्फ एक ही वार्ड में इतनीभारी संख्या में रहने वाले लोगों के साथ यह कार्रवाई की जा रही है , जो इन लोगों के साथ अन्याय है। पद्मानगरइलाके के रहने वाले उक्त 1300 लोगों ने नगरसेवक संतोष शेट्टी के नेतृत्व में तहसीलदार सुनील शिंदे से मिलकरजांच की मांग की है। तहसीलदार शिंदे ने जांच कराने का आश्वासन देते हुए फर्जी ढंग से मतदाता सूची से नामहटाने को काफी गंभीरता से लिया है। 

23 दिसंबर का दिन नवी मुंबई केलिए खास


रविवार ,23 दिसंबर का दिन नवी मुंबई केलिए खास है , क्योंकि इस दिन यहां महापौर मैराथनआयोजित है। नवी मुंबई मेयर मैराथन का यह दूसरा साल है।नवी मुंबई मनपा प्रशासन मैराथन के लिए व्यापक तैयारी मेंजुटी है। साथ ही , नवी मुंबई और आसपास के हजारों धावकभी मैराथन में शामिल होने के लिए अपने तईं तैयारियों मेंजुट गए हैं। 
मनपा अधिकारी गुरव के अनुसार मैराथन की शुरुआतरविवार की सुबह सात बजे पामबीच रोड के मोराज सर्कल सेहोगी। यह बेलापुर किला के सिग्नल तक जाकर यू - टर्न लेते हुए वापस मोराज सर्कल लौटेगी। मैराथन की कुलदौड़ ( मोराज सर्कल से बेलापुर किला और वापस मोराज सर्कल ) 15 किलोमीटर लंबी होगी। रूट और दौड़ कीपूरी जानकारी मैराथन शुरू होने से पहले ही सभी धावकों को दे दी जाएगी और जिन्हें इसकी जानकारी नहींहोगी , उन्हें दौड़ शुरू होने के ठीक पहले बता दिया जाएगा। 

Sunday, December 16, 2012

अफजल गुरू को फांसी नहीं दी जानी चाहिए।


भारिपा बहुजन महासंघ (बीबीएम) के नेता प्रकाश आंबेडकर ने रविवार को कहा कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी नहीं दी जानी चाहिए। 

आंबेडकर ने कहा, 'दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ऐसी मांग कर रहे हैं, वे अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहते हैं। उनके दिमाग में कोई राष्ट्रीय हित नहीं है।' संविधान रचियता डॉक्टर बीआर आंबेडकर के पौत्र ने कहा कि अफजल गुरू को फांसी पर लटकाने से कश्मीरी अलगाववादी एक हो जाएंगे। 
उन्होंने अफजल गुरू के मामले में स्थिति यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए कहा, 'अधिकतर कश्मीरी भारतीय संघ का हिस्सा रहना चाहते हैं। अफजल गुरू को फांसी पर लटकाने से उन्हें संदेह होगा कि वे धर्मनिरपेक्ष भारत का हिस्सा बन पाएंगे या नहीं।'

Wednesday, December 5, 2012

भारत रत्न डॉ बाबा साहेब आंबेडकर के 56 वेमहापरिनिर्वाण दिवस


 भारत रत्न डॉ बाबा साहेब आंबेडकर के 56 वेमहापरिनिर्वाण दिवस की तैयारी बीएमसी , पुलिस , बेस्टसहित गैरसरकारी संगठनों ने पूरी कर ली है। 5 दिसंबर कीसाम 8 बजे से 7 दिसंबर की सुबह 9 बजे तक ट्रैफिक में भारीबदलाव किया गया है। वहीं , बेस्ट प्रशासन ने अतिरिक्त बसेचलाने का निर्णय लिया है। दैनिक पास जारी करने के बेस्ट नेपहचान पत्र में राहत दी है। चैत्यभूमि पर आने वालों को पीनेका पानी , शौचालय इत्यादि की व्यवस्था की है। चैत्यभूमिऔर शिवाजी पार्क पर विशेष नियंत्रण कक्ष बना गया है।अनुयायियों की सुविधा हेतु एक लाख 30 हजार वर्ग फुट मेंमंडप बनाया गया है। 

Monday, November 26, 2012

सीनियर पुलिस ऑफिसर्स के खिलाफ सख्त ऐक्शन

 फेसबुक पर ठाकरे विरोधी कॉमेंट करने पर 2 लड़कियों को अरेस्ट करने के मामले में सरकार ने लापरवाही बरतने पर सीनियर पुलिस ऑफिसर्स के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया है। सरकार ने ठाणे रूरल के एसपी रविन्द्र सेनगांवकर को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। उधर बॉम्बे हाई कोर्ट ने इन दोनों लड़कियों को 15-15 हजार रुपये की जमानत पर रिहा करने वाले फर्स्ट क्लास जूडिशल मैजिस्ट्रेट रामचंद्र बागडे का ट्रांसफर कर दिया है।

21 साल की शाहीन डाढा ने 18 नवंबर को शिवसेना चीफ बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार वाले दिन फेसबुक पर एक स्टेटस अपडेट किया था। इस अपडेट को उनकी दोस्त रेणू ने लाइक करके शेयर किया था। हालांकि शाहीन ने अपनी पोस्ट में ठाकरे का जिक्र नहीं किया था, लेकिन स्थानीय शिवसेना चीफ ने उसके खिलाफ लोगों की भावनाएं भड़काने की शिकायत दर्ज करा दी। यही नहीं, शाहीन के चाचा के क्लिनिक में कुछ गुंडों ने तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने भी इस मामले में दोनों लड़कियों को अरेस्ट कर लिया था, जिसके बाद देश भर में 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' के मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई थी।

चारों तरफ हो रहे विरोध के बाद महाराष्ट्र के सीएम पृथ्वीराज चव्हान और गृह मंत्री आर.आर. पाटिल ने ऐक्शन लेने का वादा किया था। इसके लिए आईजी रैंक के एक ऑफिसर को मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच में पाया गया कि सीनियर पुलिस ऑफिसर्स ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अगर उन्होंने वक्त पर सही फैसला लिया होता, तो हालात इतने खराब नहीं होते।


Tuesday, November 20, 2012

अजमल आमिर कसाब के शव को यरवदा जेल में दफना दिया गया

 आतंकी अजमल आमिर कसाब के शव को यरवदा जेल में दफना दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बताया कि कसाब के शव को पाकिस्तान को न सौंपकर जेल के अंदर ही दफन कर दिया गया। इससे पहले कयास लग रहे थे कि कसाब के शरीर को या तो पाकिस्तान के हवाले किया जाएगा, या ओसामा-बिन-लादेन की ही तरह पर समंदर में दफन किया जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने जानकारी दी कि कसाब को यरवदा जेल के अंदर ही दफनाया गया है। इस बात के लिए खास इंतजाम किए गए हैं कि कसाब की कब्र की कोई पहचान न हो। मुंबई हमले के दौरान मार गिराए गए कसाब के साथियों के शवों को भी गुमनाम जगह पर दफन किया गया था। उस वक्त समस्या यह थी कि पाकिस्तान ने शव लिए नहीं और भारत में मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अपील की थी आतंकियों को यहां न दफनाया जाए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सुबह बताया था कि पाकिस्तान को इस बारे में एक लेटर भी भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया।

कुछ लोग मांग कर रहे थे कि कसाब के शरीर को भारत में दफनाने के बजाए समंदर में दफन कर दिया जाए। आशंका थी कि अगर कसाब को भारत में दफन किया जाता है, तो कट्टरपंथी और राष्ट्र विरोधी लोग उसे हीरो बना सकते हैं। इसी तरह की आशंका के डर से अमेरिका ने 9/11 के गुनहगार ओसामा बिना लादेन को मार गिराने के बाद उसकी डेड बॉडी को समंदर में दफन कर दिया था। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कसाब के शरीर को जेल में दफनाने का फैसला किया, ताकि वहां कोई पहुंच न सके।