Monday, April 25, 2011

सुरेश कलमाड़ी को सीबीआई ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया

कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गनाइजिंग कमिटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को सीबीआई ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स क्वींस बैटन रिले केस में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में उनको अरेस्ट किया गया। सुरेश कलमाड़ी से सीबीआई ने सोमवार सुबह 10 बजे पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक क्वींस बैटन रिले के आयोजन के लिए जिन दो कंपनियों को ठेका दिया गया था, उसके करोड़ों के पेमेंट के बारे में सीबीआई ने कलमाड़ी से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद कलमाड़ी से आईओसी के चेयरमैन की कुर्सी छिननी भी तय मानी जा रही है। इस पर कोई फैसला आज देर शाम तक हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक आईओसी ने कलमाड़ी को प्रेजिडेंट पद से इस्तीफा देने को कह दिया है। आईओसी ने इंडियन ओलिंपिक असोसिएशन से भी इस मामले में दखल देने को कहा है। सीबीआई का आरोप है कि क्वीन्स बैटन रिले के आयोजन के लिए दो कंपनियों को ठेका दिया गया था। इसमें भारी अनियमितता की गई और इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सीबीआई इस मामले की छानबीन के दौरान ओसी के कुछ पूर्व अधिकारियों टी. एस. दरबारी और अन्य को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी दौरान सीबीआई ने कलमाड़ी व अन्य के दिल्ली और पुणे स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। सीबीआई ने दस्तावेजों के पड़ताल के बाद कलमाड़ी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। सीबीआई के मुताबिक 29 अक्टूबर, 2009 क्वीन्स बैटन रिले में एएम फिल्म्स और एएम कार ऐड वैन हायर लिमिटेड को नियमों को ताख पर रखकर ठेका दिया गया। इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तीसरी एफआईआर स्विस कंपनी से हुई 107 करोड़ की डील से संबंधित है। सीबीआई ने कलमाड़ी के अलावा ओसी के सेक्रेटरी जनरल ललित भनोट व अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की थी। सूत्रों के मुताबिक गेम्स डील से संबंधित कुछ दस्तावेज गायब हो चुके हैं सीबीआई को अंदेशा है कि कहीं इस दस्तावेज को छुपाया न गया हो।

Sunday, April 24, 2011

बिहार और यूपी के लोगों की मौजूदगी से एतराज

गुड़ तो खाएंगे लेकिन गुलगुले से परहेज करेंगे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) पर यह कहावत पूरी तरह से फिट बैठती है। पार्टी को सूबे में बिहार और यूपी के लोगों की मौजूदगी से एतराज है, लेकिन बात जब भोजपुरी फिल्में बना कर पैसा कमाने की आती है तो इसके नेताओं को लगता है कि इसमें कोई बुराई नहीं है।

एमएनएस के एक नेता की पत्नी भोजपुरी फिल्म बना रही हैं। एमएनएस चित्रपट कर्मचारी सेना के वाइस प्रेजिडेंट सतीश बाविसकर की पत्नी नंदा बविसकर भोजपुरी फिल्म बना रही हैं। इस फिल्म का नाम है ' त्रिदेव ' । फिल्म में भोजपुरी स्टार पवन सिंह और विराज भट्ट होंगे। फिल्म छठ के आसपास रिलीज की जाएगी।

इस बारे में जब सतीश बाविसकर ने स्थानीय टैब्लॉइड से कहा कि पार्टी की विचारधारा और पत्नी के फिल्म निर्माण में कहीं कोई विरोधाभास नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी कुछ भी गलत नहीं कर रही हैं। वह तो केवल मराठी मानुष को बिजनस के गुर सिखा रही हैं।

पिछले दिनों यूपी और बिहार से राज्य में आने कर नौकरी या बिजनस करने वालों के खिलाफ एमएनएस ने हल्ला बोला था। उन पर राज्य के स्थानीय लोगों के लिए संसाधनों की कमी पैदा करने का आरोप लगाया था। अपने विरोध के तहत भोजपुरी फिल्में दिखाने वाले थियेटर्स तक पर हमला बोला गया था।

लेकिन, अब बाविसकर यह सब याद दिलाने पर तर्क देते हैं, ' जब कोई दुबे, चौबे और मिश्रा मराठी फिल्में बना कर पैसा कमा सकते हैं तो एक मराठी द्वारा भोजपुरी फिल्म बनाने में क्या गलत है? फर्क सिर्फ यह है कि यहां आ कर उत्तर भारतीय पैसा बनाते हैं और अपने गृह-राज्य में भेज देते हैं, जबकि मराठी मानुष वहां पैसा बनाएंगे और यहां लेकर आएंगे।'

छह महीने के भीतर फिल्म रिलीज होने के उम्मीद जताई जा रही है। वैसे यहां बता दें कि 1997 से बविसकर खुद फिल्म निर्माण के क्षेत्र में हैं और एक अन्य भोजपुरी फिल्म 'देवर भाभी' को बनाने में जुटे हुए हैं। इस पर उनका कहना है, ' मैंने पार्टी के सीनियर नेताओं को पत्र लिख कर कहा है कि मराठियों को भोजपुरी फिल्में बनाने का प्रोत्साहन दें ताकि वे वहां पैसा कमाएं और यहां लेकर आएं। जैसे उत्तर भारतीय महाराष्ट्र में आकर पैसा कमा रहे हैं, ठीक वैसे ही मराठियों को भी करना चाहिए।'

इस मसले पर एमएनएस के जनरल सेक्रेटरी शिरीष पारेकर का कहना है कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात करके ही कुछ कॉमेंट कर पाएंगें। पार्टी के वाइस प्रेजिडेंट वागेश सारस्वत का कहना है कि इसमें कोई बुराई नहीं है और यह खालिस बिजनस की बात है।
आपको याद दिला दें 1 जुलाई 2008 को करीब 10 एमएनएस कार्यकर्ताओं ने लोअर पारेल के दीपक टॉकीज में इसलिए तोड़- फोड़ मचा दी थी, क्योंकि वहां भोजपुरी फिल्म 'बनके बिहारी' दिखाई जा रही थी। दोपहर के शो से कुछ ही समय पहले सिनेमा पर अटैक कर दिया गया था। मांग थी कि केवल मराठी फिल्में ही दिखाई जानी चाहिए। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले इसी साल फरवरी में प्रताप टॉकीज पर एमएनएस कार्यकर्ताओं ने 'सैंया से सोलह श्रृंगार' फिल्म दिखाने पर हमला बोल दिया था।

Thursday, April 14, 2011

अलग - अलग छापों में करीब तीन करोड़ रुपये कीमत का ऑयल जब्त किया

मुंबई पुलिस ने वडाला में दो अलग - अलग छापों में करीब तीन करोड़ रुपये कीमत का ऑयल जब्त किया है। पहली कार्रवाई में सीनियर इंस्पेक्टर राकेश शर्मा , पीरजादे की टीम ने दो दिन पहले वडाला ट्रक टर्मिनल के पास ऑयल से भरे छह टैंकर व एक टैम्पो तो जब्त किया ही है , वहां ऑयल से भरे 200-200 लीटर के 22 ड्रम भी पकड़े। इस मामले में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार , जब्त टैंकरों में ऑयल कहीं और से भरा गया था और इन टैंकरों को जाना कहीं और था , लेकिन ऑयल की चोरी के वास्ते इन टैंकरों को जान बूझकर वडाला ट्रक टर्मिनल लाया गया। पुलिस ने वडाला में ही एक दूसरे छापे में 12 हजार 200 लीटर मिलावटी तेल जब्त किया। इस मामले में जोसेफ मुत्तु और वीरेंद्र गौतम को गिरफ्तार किया गया। जोसेफ की मां सरोज अक्का को पुलिस ने फरार घोषित किया है।

Wednesday, March 23, 2011

सुनील शिंदे के पुणे स्थित घर पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने बुधवार को टैक्स चोरी के आरोपों से घिरे हसन अली खान के चार्टेड काउंटेंट (सीए) सुनील शिंदे के पुणे स्थित घर पर छापेमारी की। निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि सुबह से ही शिंदे के घर पर छापे की कार्रवाई चल रही है। हसन अली का ताल्लुक भी पुणे से है। आयकर विभाग की ओर से 53 वर्षीय इस शख्स को पहले ही 70,000 करोड़ रुपये के बकाया कर के बारे में नोटिस दिया जा चुका है।

Tuesday, March 15, 2011

मुंबई आंशिक तौर पर सुरक्षित है।

भूकंप के मापदंड में आमची मुंबई जोन तीन में आती है। जोन तीन का मतलब है कि मुंबई आंशिक तौर पर सुरक्षित है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के अनुसार यदि मुंबई में 5 रिक्टर स्केल पर भूकंप आता है, तो पूरा शहर तहस-नहस हो जाएगा। पांच साल तक किए गए सर्वे के मुताबिक सबसे अधिक खतरनाक इलाकों में प्रभादेवी, दादर, सायन, महालक्ष्मी और पॉश कहा जाने वाला चर्चगेट का क्षेत्र है, इसके अलावा वाशी, मालाड, कुर्ला आदि भी डेंजर जोन में हैं। जबकि, सुरक्षित कहे जाने वाले इलाकों में मलबार हिल, वडाला, परेल, वर्ली आदि शामिल हैं। सात द्वीपों से बने मुंबई का अधिकतर हिस्सा समुद्र से घिरा है। परेशानी का सबब यह है कि कई समुद्री किनारों पर झुग्गियां बसी हैं। इन झुग्गियों में लाखों लोग रहते हैं। दुर्भाग्य से अगर सूनामी आती है, तो बेहिसाब जान-माल का नुकसान होगा। जापान के भूकंप में कई इमारतें भूकंप प्रतिरोधी होने की वजह से कई लोगों की जानें बच गईं। लेकिन, मुंबई में इस तरह की इमारतों के निर्माण पर कोई जोर नहीं होता। जापान की राजधानी टोक्यो सूनामी और भूकंप की मार झेलने के बाद फुकुशिमा में न्यूक्लियर पावर स्टेशन में हुए धमाके के बाद रेडिएशन का खतरा मंडराने लगा है। फुकुशिमा की घटना के बाद भारत में भी न्यूक्लियर पावर स्टेशन की सुरक्षा पर सवाल उठने लगा है। काफी समय से जैतापुर न्यूक्लियर पावर प्रॉजेक्ट को लेकर बवाल मचा है। जापान के हादसे से जैतापुर का विरोध बढ़ गया है। शिवसेना ने जैतापुर प्रॉजेक्ट की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए धमकी दी की वह अपना विरोध और तेज करेगी। बता दें कि रत्नागिरी के जैतापुर में पावर प्रॉजेक्ट की प्रस्तावित जगह पर बीते 20 सालों में कई बार 6 रिक्टर स्केल तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, द न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने ऐसे किसी खतरे से इनकार किया है। उनका कहना है कि भारत के सभी न्यूक्लियर पावर स्टेशन सुरक्षित हैं।

Friday, March 11, 2011

आरोपी हसन अली को सशर्त जमानत

मुंबई सेशन कोर्ट ने टैक्स चोरी और हवाला कारोबार के आरोपी हसन अली को रिमांड पर देने की प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की मांग को खारिज करते हुए सशर्त जमानत दे दी है। हसन अली को 5 दिन मुंबई में रहना होगा और ईडी के अधिकारी इस दौरान 48 घंटे उनसे पूछताछ कर सकते हैं। इसके अलावा हसन अली को एक महीने के भीतर 80 हजार रुपये जमा कराने होंगे। इससे पहले गुरुवार को ईडी ने सेशन कोर्ट के चीफ जज एम.एल. ताहिलियानी को सील बंद लिफाफा सौंप कर कई अपराधों में हसन अली के लिंक होने के सबूत दिए थे जिसके तहत उसके रिमांड की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि ईडी ने जो दस्तावेज सौंपे हैं वे उसके केस के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ईडी के कई दावे एक-दूसरे का खंडन करते हैं। गौरतलब है कि ईडी ने अली पर अंतरराष्ट्रीय हथियार सौदागर अदनान खागोशी से संबंध होने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच जारी है। बचाव पक्ष के वकील आई. पी. बगाड़िया ने कहा था कि जब मुंबई पुलिस ने उनके मुवक्किल को नकली पासपोर्ट के केस में गिरफ्तार किया था तब ईडी ने महज मामले की जांच करने के लिए अनुमति मांगी ना कि हिरासत की।

Wednesday, March 9, 2011

मुंबई पुलिस भी परेशान 'टैक्स चोर'पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के नखरों से

देश के सबसे बड़े 'टैक्स चोर'पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के नखरों से प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) के अधिकारी और मुंबई पुलिस भी परेशान हो गई। ईडी ने मंगलवार को जब हसन अली से पूछताछ शुरू की तो उसने अचानक सीने-पेट में दर्द और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत शुरू कर दी। आनन-फानन में उसे पुलिस वैन से तुरंत जेजे हॉस्पिटल ले जाया गया। जेजे हॉस्पिटल के डीन डॉक्टर टीपी लहाने ने उसकी जांच की। हसन का ईसीजी और ब्लड प्रेशर टेस्ट किया गया और सब ठीक निकला। डॉक्टरों ने जैसे ही हसन को फिट घोषित किया, उसने एक नया ड्रामा शुरू कर दिया। हॉस्पिटल में हसन ने कहा कि उसे टॉइलेट जाना है। वॉर्ड बॉय ने हसन को इंडियन स्टाइल के टॉइलेंट में जाने को कहा, तो उसने वेस्टर्न स्टाइल की सीट की मांग कर दी। उसने कहा कि वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा है। मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि इसके बाद मैंने वॉर्ड बॉय से पॉट मंगाया, तो उसने उसे भी इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया। वॉर्ड बॉय ने उसे टॉइलेट में जाने को कहा तो उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया किर वह केवल वेस्टर्न स्टाइल वाला टॉइलेट ही इस्तेमाल करता है। कस्टडी में भी हसन की यह हनक देखकर अधिकारी भी हैरान थे। हसन का यह तमाशा तब तक चलता रहा जब तक कि उसे दूसरी बिल्डिंग में एक महिला मेडिकल ऑफिसर के केबिन में नहीं ले जाया गया। जेजे अस्पताल में 5 घंटे तक हसन के इस ड्रामे से उसकी सुरक्षा में लगे पुलिवाले भी परेशान थे।