Wednesday, March 9, 2011
मुंबई पुलिस भी परेशान 'टैक्स चोर'पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के नखरों से
Monday, March 7, 2011
दिलीप कुमार की 72 वर्षीय बहन अख्तर आसिफ के नौकर-चाकर उनकी जूलरी और कैश लेकर चंपत
बॉलिवुड ऐक्टर दिलीप कुमार की 72 वर्षीय बहन अख्तर आसिफ के नौकर-चाकर उनकी जूलरी और कैश लेकर चंपत हो गए। आसिफ सुपरहिट फिल्म ' मुगल-ए-आजम ' बनाने वाले दिवंगत के . आसिफ की पत्नी हैं। आसिफ ने अपने नौकरों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके हेल्पर उनकी जूलरी और कैश ले गए हैं। आसिफ को ऐल्टशाइमर्ज रोग है। वह ठीक से चीजों को याद नहीं रख पाती हैं। जुहू स्थित फ्लैट में रहने वाली आसिफ ने रविवार को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका ड्राइवर, उसकी पत्नी और एक दूसरी नौकरानी ने यह वारदात की। आसिफ का बंगला अमिताभ के बंगले का पास ही है। अख्तर के भाई असलम खान ने बताया कि ये नौकर कई समय से उनके लिए काम कर रहे थे। आसिफ ने घर के खर्चों के लिए उन्हें बेयरर चेक भी दिए हुए थे। आशंका है कि नौकरों ने इनका भी दुरुपयोग किया। आसिफ ने कहा कि नौकर करीब 12 लाख रुपये तक ले गए।
Wednesday, March 2, 2011
11 बड़े बंदरगाहों के प्रशासनिक परिवर्तन की तैयारी
Tuesday, March 1, 2011
शरद पवार ने राज्य में सारे स्थानीय चुनावों को अकेले लड़ने की घोषणा
Monday, February 28, 2011
धार्मिक स्थलों पर फिर से तोड़क कार्रवाई शुरू
धार्मिक स्थलों पर फिर से तोड़क कार्रवाई शुरू की गई है । इस महीने में कुल 729 धार्मिक स्थल तोड़े जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इससे पहले भी बीएमसी ने धार्मिक स्थलों पर तोड़क कार्रवाई की थी, जिसका भारी विरोध भी हुआ था, मगर कोर्ट का ऑर्डर होने से विरोध करने के लिए खुलकर सामने नहीं आ सके। बीएमसी ने तोड़क कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट दी थी, जिसमें उन्होंने बाकी के बचे धार्मिक स्थलों पर भी तोड़क कार्रवाई का वादा किया था। अब, फिर से बीएमसी तोड़क कार्रवाई पर निकल पड़ी है। वैसे, यह कार्रवाई वार्ड स्तर पर की जा रही है। डेप्युटी म्यूनिसिपल कमिश्नर (स्पेशल) राजेंद्र भोसले ने बताया कि गैरकानूनी रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों का आठ महीने सर्वे कराया था। नोटिस जारी कर उनके कागजात भी मांगे थे। यह तोड़क कार्रवाई वार्ड के असिस्टेंट इंजिनियर (मेनटेंनेंस डिपार्टमेंट) के लोग करेंगे, मगर जहां पर उन्हें हमारी जरूरत पड़ेगी, उनकी मदद करेंगे। सड़क, फुटपाथ जैसे स्थानों पर जहां कही भी गैरकानूनी धार्मिक स्थल बनाए गए हैं, उन्हें तोड़ा जाएगा। मार्च महीने में तोड़क कार्रवाई पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। Friday, February 25, 2011
घोटाले की जांच के लिए गठित संसद की जेपीसी में शिवसेना शामिल नहीं होगी।
Tuesday, February 22, 2011
फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के बरी होने ने उसकी जांच पर फिर नए सिरे से सवाल
26/11 मामले में अजमल कसाब को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सोमवार को फांसी की सजा की पुष्टि से भले ही मुंबई क्राइम ब्रांच अपनी पीठ थपथपाए , लेकिन इस केस में फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के बरी होने ने उसकी जांच पर फिर नए सिरे से सवाल उठा दिए हैं। फहीम और सबाउद्दीन को निचली अदालत ने भी बरी कर दिया था। दो - दो अदालतों के एक जैसे फैसले के बाद अब यह एकदम साफ हो गया है कि 26/11 को मुंबई में जिन जगहों पर दस आतंकवादियों ने फिदायीन हमला किया था , उन जगहों की रेकी फहीम या सबाउद्दीन ने नहीं , बल्कि डेविड हेडली ने लश्कर के कई आकाओं और तहव्वुर राना के कहने पर की थी। 26/11 से पांच दिन पहले तक राना मुंबई में ही था। लेकिन जब 26/11 का मुकदमा शुरू हुआ , तो हेडली और राना की साजिश का किसी को सुराग ही नहीं था। इसलिए मुकदमे के शुरुआती दौर में मुंबई क्राइम ब्रांच की कहानी को सच माना जाता रहा। अक्टूबर 2009 में हेडली और राना जब अमेरिका में गिरफ्तार हुए , उसी के बाद से तमाम लोगों का शक बढ़ गया कि फहीम और सबाउद्दीन को इस केस में गलत फंसाया गया है। इसकी मूल वजह यह थी कि दोनों ही आरोपी 26/11 के दिन ही नहीं , उससे सात महीने पहले से यूपी की जेल में बंद थे। मुकदमे के दौरान अपनी बात साबित करने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच नुरुद्दीन नामक गवाह की गवाही पर निर्भर रही , जिसने दावा किया कि फहीम ने जब नेपाल में सबाउद्दीन को नक्शा सौंपा , उस समय वह वहां मौजूद था। मुंबई क्राइम ब्रांच का दावा था कि ये नक्शे फहीम ने उस वक्त मुंबई की रेकी के दौरान बनाए थे , जब वह यूपी की जेल में बंद नहीं था। पर फैसले के दौरान अदालत ने कहा था कि पुलिस ने इस बात के कोई सबूत नहीं दिए कि नुरुद्दीन नेपाल गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने फहीम द्वारा बनाया नक्शा पेश करते हुए कहा था कि यह नक्शा गिरगांव एनकाउंटर में मारे गए अबू इस्माइल की जेब से मिला था। लेकिन 26/11 का फैसला सुनाते वक्त जज तहिलियानी ने कहा था कि एनकाउंटर के बाद इस्माइल खून से लथपथ हो गया था। उसके कपड़े भी सन गए थे। लेकिन क्राइम ब्रांच ने जो नक्शा सबूत के तौर पर पेश किया , उसमें न तो कोई खून का निशान था और न ही वह कटा - फटा था। जिरह के दौरान बचाव पक्ष द्वारा यही मुद्दा हाई कोर्ट में भी उठाया गया।
