Saturday, October 30, 2010

कांग्रेस प्रेजिडेंट सोनिया गांधी उनसे खासी नाराज

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की कुर्सी खतरे में दिख रही है। आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में उनकी संलिप्तता को देखते हुए कांग्रेस प्रेजिडेंट सोनिया गांधी उनसे खासी नाराज हैं। सोनिया ने इस मुद्दे पर बात करने के लिए चव्हाण को दिल्ली तलब किया है। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक, चव्हाण से इस्तीफा मांगा जा सकता है। गौरतलब है कि आदर्श हाउसिंग घोटले को सबसे पहले हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने उजागर किया था। हाउसिंग सोसायटी को लेकर सीएम चव्हाण ने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, उसमें उनके जवाब से आलाकमान नाखुश है। इसके बाद ही उन्हें दिल्ली तलब किया गया है। इस बीच चव्हाण दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले रक्षा मंत्री ए.के. एंटोनी मुलाकात की। अब उन्हें कांग्रेस प्रेजिडेंट सोनिया गांधी से मिलना है। ऐसा माना जा रहा है कि सोनिया चव्हाण से इस्तीफा भी मांग सकती हैं। गौरतलब है कि चव्हाण 2000 में जब महाराष्ट्र के रेवन्यू मिनिस्टर थे, तो उन्होंने आदर्श हाउसिंग सोसायटी के मेंबरों के साथ मिलकर काम किया था और अपने संबंधियों को इसमें फायदा पहुंचा था। उनके इस काम कांग्रेस मुश्किल में फंस गई है। खबर है कि 2 जून 2000 को सोसायटी के प्रमोटर्स के साथ चव्हाण की मीटिंग के बाद यह तय हुआ था कि सोसायटी में सिविल मेंबर्स को भी शामिल किया जाएगा। इसके बाद चव्हाण की सास भगवती मनोहरलाल शर्मा सोसायटी की मेंबर बनीं। आदर्श सोसायटी के प्रमोटर्स ने उस वक्त चव्हाण के नीचे काम करने वाले प्रिसिंपल रेवन्यू सेक्रेटरी जोसी शंकरन के बेटे को भी फ्लैट दिया था। इस घोटाले के उजागर होने के बाद चव्हाण खासे दबाव में हैं। पार्टी में उनके विरोधियों को मौका मिल गया है।

Thursday, October 21, 2010

कार्रवाई मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ क्यों नहीं की जाती ?

मुंबई में दादर स्थित शिवाजी पार्क में दशहरा की रैली में शोर-शराबे के कारण पुलिस द्वारा शिव सैनिकों के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण के मानदंडों के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किए जाने पर प्रतिक्रिया जताते हुए शिवसेना ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ क्यों नहीं की जाती ? शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में कहा गया है भिंडी बाजार और बेहरामपदा इलाके में स्थित मस्जिदों के ऊपर लगे लाउडस्पीकरों से निकलने वाली अजान की ध्वनि के कारण बच्चों की पढ़ाई और नींद में खलल पड़ता है। इसलिए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने शिवसेना को इस शर्त के साथ शिवाजी पार्क में रैली करने की अनुमति दी थी कि वहां उनकी वजह से आवाज़ की तीव्रता 50 डेसीबल को पार नहीं करने पाये। गौरतलब है कि यह इलाका अब ध्वनि निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। दादर पुलिस ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को मुंबई हाई कोर्ट के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अभियुक्त बनाया है। इस पर सामना के संपादकीय में कहा गया है, 'हम भी कानून को जानते हैं और किसी को भी हमें कानून बताने की जरूरत नहीं है। कानून को हमारी भावना का सम्मान करना चाहिए तभी हम कानून का सम्मान करेंगे।' शिवसेना ने न केवल निर्धारित 50 डेसीबल की सीमा का उल्लंघन किया बल्कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने खुले तौर पर कोर्ट के आदेश की यह कहकर आलोचना की कोई भी शिवसेना की दहाड़ को नहीं रोक सकता।

Friday, October 15, 2010

यूपीए की अध्यक्ष ने कहा, 'हमें अहिंसा, त्याग और भाईचारे के गांधी जी के सिद्धांतों पर चलते रहना होगा।


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को ऐसी ताकतों से सावधान रहने को कहा , जो मजहब और भाषा के नाम भड़काऊ बातों के माध्यम से लोगों में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में 'सद्भावना रैली' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, उनसे सावधान रहने की जरूरत है जो हमें भाषा और मजहब के नाम पर बांटने की कोशिश रहे हैं। यह रैली कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई द्वारा आयोजित 'ग्राम से सेवाग्राम' फ्लैग मार्च के समापन समारोह का हिस्सा थी। सोनिया ने कहा, 'कुछ कहने से पहले मैं आप सभी को हुई असुविधा के लिए माफी मांगना चाहूंगी। एयरक्राफ्ट में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से मैं रैली स्थल पर देर से पहुंची।' उन्होंने कहा, 'यह महात्मा गांधी और विनोबा भावे की पवित्र भूमि है। मैं इस पवित्र भूमि को प्रणाम करती हूं। एक कमजोर समाज विकास के रास्ते पर पिछड़ जाता है। हमें अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाना होगा, साथ ही सामाजिक प्रतिबद्धताओं को भी ध्यान में रखना होगा।' यूपीए की अध्यक्ष ने कहा, 'हमें अहिंसा, त्याग और भाईचारे के गांधी जी के सिद्धांतों पर चलते रहना होगा। हमारे महान नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी के लिए खून बहाया है।' सोनिया ने कहा, 'मेरे दिवंगत पति राजीव गांधी ने 21वीं सदी के मजबूत भारत का सपना देखा था। यह आपके सामने है। हमारे लिए राजनीति हमेशा से कमजोर तबकों की सेवा का जरिया रही है। कांग्रेस की अगुवाई में चल रही सरकार किसानों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के विकास पर ध्यान दे रही है। साथ ही हम स्वास्थ्य, शिक्षा और नई पीढ़ी को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में प्रयासरत हैं।' उन्होंने कहा, 'संसद द्वारा पास किया गया शिक्षा का अधिकार अधिनियम गरीब से गरीब बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। हम खाद्य सुरक्षा बिल लाने की तैयार कर रहे हैं जो लोगों को भोजन की गारंटी देगा, खासकर उन्हें जो गरीब हैं। ' पार्टी की स्थापना के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में हो रहे कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर आयोजित इस रैली को सफल बनाने के मकसद से पार्टी ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए थे।

Monday, October 11, 2010

शिव सेना ने शनिवार को कहा कि उन दोनों को दिमाग के किसी अस्पताल में अपनी जांच करानी चाहिए।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी और जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हाल ही में आए विवादास्पद बयानों पर शिव सेना ने शनिवार को कहा कि उन दोनों को दिमाग के किसी अस्पताल में अपनी जांच करानी चाहिए। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शिव सेना ने कहा कि हाल ही में दोनों युवा नेताओं ने जिस तरह के बयान दिए हैं, उन्हें देखते हुए वे राष्ट्र की एकता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि दोनों नेताओं को सरकारी खर्च पर शासकीय मनोरोग चिकित्सालयों में जांच कराने की आवश्यकता है। संपादकीय में राहुल गांधी से शुरुआत की गई है। इसमें कहा गया है कि राहुल ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है और उन्हें तुरंत उनकी मातृ भूमि (इटली) भेज देना चाहिए। पार्टी की सलाह है कि राहुल को अपनी खराब सोच और प्रतिबंधित 'स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया' (सिमी) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में कोई खास फर्क न होने की बात कहने के लिए अपने दिमाग की जांच करानी चाहिए।

शिवसैनिकों ने करीना कपूर को साड़ी भेजी


बॉलिवुड ऐक्ट्रिस करीना कपूर और शिवसेना के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है। जुबानी जंग को आगे बढ़ाते हुए शिवसैनिकों ने करीना कपूर को साड़ी भेजी है ताकि वह अपनी 'खुली पीठ' ढक सकें। करीना ने इसपर कोई कॉमेंट करने से मना कर दिया है। गौरतलब है कि कुर्बान फिल्म के पोस्टरों में खुली पीठ की वजह से शिवसेना ने करीना को निशाना बनाया था। शिवसैनिकों ने इन पोस्टरों पर अपना गुस्सा निकाला था और कुछ को साड़ी भी पहनाई थी। मुम्बई में पार्टी के नेता जितेंद्र जनावले ने कहा था कि हम जल्द करीना के घर जाकर उन्हें साड़ी भेंट करेंगे। इसके बाद करीना ने जवाबी हमला करते हुए कहा था कि उन्हें अभी तक साड़ी नहीं मिली है और उन्होंने जोर देकर कहा है कि अगर वे साड़ी भेजना चाहते हैं तो थोड़ा कायदे की और अच्छी भेजें।

Saturday, October 2, 2010

आज भी सत्य अहिंसा बेस्ट सेलिंग में हैं।

गांधी जी की हत्या के 62 साल बाद भी उनकी जीवनी 'बेस्ट सेलर' है। जिस समय देश हिंसा, भ्रष्टाचार और छल कपट के कारण त्राहिमाम कर रहा था उस समय गांधी जी की जीवनी ने सत्य अहिंसा का संदेश दिया। चकित करने वाली मगर खुशी की बात यह है कि आज भी सत्य अहिंसा बेस्ट सेलिंग में हैं। तभी तो गत वर्ष गांधी जी की जीवनी की 2 लाख 57 हजार प्रतियां बिकीं और इस साल अप्रैल से सितंबर 2010 के बीच जीवनी की करीब 1 लाख 40 हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। इस जीवनी का 12 भारतीय और 6 विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया है। सभी भाषाओं में गांधी जी की जीवनी की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। अनुमान है कि मार्च 2011 तक इस पुस्तक की 3 लाख 50 प्रतियां बिक जाएंगी। 1084 में गांधी फिल्म के प्रदर्शन के बाद से इस पुस्तक की मांग बढ़ी और इसके बाद ही गांधी बुक सेंटर की स्थापना की गई। आज इस सेंटर में गांधी जी पर विभिन्न भाषाओं में 250 पुस्तकें उपलब्ध हैं। बीच गांधी जी विषयक पुस्तकों की मांग घटने लगी थी, मगर फिल्म 'लगे रहो मुन्ना भाई' के प्रदर्शन के बाद फिर से गांधी जी की जीवनी और उनसे संबंधित किताबों की मांग में जोरदार वृद्धि हुई।

Thursday, September 30, 2010

सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए संयुक्त बैठकें की जा रही हैं।

30 सितंबर को आने वाले बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि के फैसले के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है, वहीं दूसरी तरफ सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए संयुक्त बैठकें की जा रही हैं। गृह मंत्री आरआर पाटील ने प्रेस को बताया कि गणपति के लिए बुलाई गई केंद्रीय सुरक्षा बलों की आठ बटालियनों को फिलहाल रोका गया है और मुंबई की कानून-व्यवस्था के लिए तैनात की गई हैं। पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए चर्चा की जा रही है। सभी ने शहर में हर कीमत पर शांति बनाए रखने का वादा किया है। पाटील ने कहा कि अयोध्या पर फैसला एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि किसी पक्ष को यह मंजूर नहीं तो सुप्रीम कोर्ट में कानून के दरवाजे खुले हैं। 30 सितंबर को आने वाला फैसला अंतिम नहीं है। इसलिए इस पर आंदोलित होने की जरूरत नहीं है। मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के लिए मूल रूप से धार्मिक स्थलों को वरीयता में रखा है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक हम सिर्फ बड़े धार्मिक स्थलों पर ही नहीं, छोटे-छोटे धार्मिक स्थलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात करेंगे, ताकि किसी अप्रिय घटना को होने से पहले ही वहीं रोका जा सके। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन पुलिसकर्मियों को भी बंदोबस्त पर बुलाया गया है, जिनका काम अब तक सिर्फ डिटेक्शन तक सीमित था। मीडिया को कोई गलत जानकारी न मिले, इसलिए फैसला किया गया है कि 30 सितंबर से मीडिया को एक आईपीएस रैंक का ऑफिसर हर दो-दो घंटों में संबोधित करेगा। मीडिया से भी अनुरोध किया गया है कि किसी खबर को चलाने से पहले वह पुलिस से कन्फर्म जरूर कर ले। मंगलवार से ही मुंबई में जगह-जगह नाकेबंदी शुरू कर दी गई। ज्यादातर होटलों व लॉजों की भी तलाशी ली जा रही है। यही नहीं, मुंबई में बाहर गांव से आनेवाली ट्रेनों के यात्रियों के सामानों की चेकिंग करने का भी फैसला किया गया है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अलग-अलग रीजन को मॉनिटर करने का जिम्मा आईजी रैंक के अधिकारियों को सौंपे जाने पर विचार चल रहा है। सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त संजीव दयाल पिछले कुछ दिनों में अपने अधिकारियों के साथ कई दर्जन मीटिंग कर चुके हैं।