Tuesday, April 28, 2009

दक्षिण मुम्बई से कांग्रेस-एनसीपी के साझा उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा के समर्थन में युवा शक्ति ने ताकत झोंक दी

दक्षिण मुम्बई से कांग्रेस-एनसीपी के साझा उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा के समर्थन में युवा शक्ति ने ताकत झोंक दी है। इसकी झलक तब देखी गई जब सोमवार की शाम सभी वर्गों से जुड़े लोगों ने एक विशाल रैली निकाली, जिससे पूरा मरीन ड्राइव रोमांचित हो गया। रैली में 'मिलिंद मैटर्स' नाम के बैनर यह बता रहे थे कि लोग मिलिंद को फिर से क्यों सांसद के रूप में देखना चाहती है। छात्रों के वोटिंग ग्रुप को लेकर बने एनजीओ 'यस वी कैन मुम्बई' के आदित्य मलकानी का कहना था कि निश्चित रूप से मिलिंद हमारे लिए मायने रखते हैं और आज के हालात में मिलिंद की हम सबकी जरूरत है। इसी रैली में एक नौजवान का कहना था कि मिलिंद सिर्फ साउथ मुम्बई ही नहीं, पूरे देश के सबसे सक्षम उम्मीदवारों में से एक हैं। खास बात यह थी कि रैली में खुद मिलिंद देवड़ा नहीं थे। सैकड़ों की तादाद में स्वत:स्फूर्त शामिल हुए छात्रों के अलावा डिवेलपर निरंजन हीरानंदानी, समाजशास्त्री नंदिनी सरदेसाई, सोशल एक्टिविस्ट डा. मिठू अलूर, देविका भोजवानी, मालविका संघवी,कई एनजीओ और सीनियर सिटीजन इसमें शामिल थे। रैली की अगुवाई कर रहीं मिलिंद की पत्नी पूजा देवड़ा का कहना था कि बेशक मिलिंद युवाओं की आवाज हैं, मगर पिछले 5 सालों में उन्होंने ऐसा काम किया है वे पहली पसंद बन गए है। रैली में 26/11 के आतंकी हमलों के पीड़ित भी मौजूद थे, जो विशेष आकर्षण का केंद्र थे। इसी हमले में बेटी और दामाद को खो देने वाले इंदर चौधरी ने कहा कि मुश्किल की उस घड़ी में मिलिंद ही हमारे साथ थे। इसके अलावा मिलिंद के समर्थन में काफी सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन भी आगे आए हैं। इनमें दिगंबर जैन समाज के नेता और उद्योगपति एस. पी. जैन, चार्टर्ड अकाउंटैंट असोसिएशन (वेस्टर्न जोन) के प्रेजिडेंट बी. सी. भालावत, तेरापंथ समाज के नेता खयाली तातेड़, पूर्व नगरसेवक और जैन फुलवारी के संयोजक प्रमुख रूप से हैं।

Sunday, April 26, 2009

मुख्यमंत्री और डीएमके नेता करुणानिधि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

श्रीलंका में तुरंत सीजफायर की अपनी मांग पर जोर देने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता करुणानिधि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सोमवार सुबह हड़ताल पर बैठने से पहले वह अपने राजनीतिक गुरु अन्नादुरई की प्रतिमा पर फूल चढाने गए। उन्होंने कहा, 'यह तमिल कॉज के लिए मेरा बलिदान है। मुझे भी राजपक्षे (श्रीलंकाई राष्ट्रपति)के जनसंहार की बलि चढ़ जाने दीजिए। ' गौरतलब है कि लिट्टे ने रविवार को इकतरफा युद्धविराम का ऐलान किया जिसे श्रीलंका सरकार ने नामंजूर कर दिया। लिट्टे का यह ऐलान तब आया जब रविवार को ही श्रीलंका सेना ने सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण व्लायरमदाम इलाके पर कब्जा करके बचे हुए करीब 6 किलोमीटर इलाके को चारों ओर से घेर माना जा रहा है कि इसी 6 किलोमीटर के इलाके में लिट्टे चीफ प्रभाकरन और उसके प्रमुख सहयोगी छिपे हुए हैं। शुक्रवार को करुणानिधि ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि अगर श्रीलंका सरकार सीजफायर के इसके सुझाव को स्वीकार नहीं करती तो उसके साथ सारे कूटनीतिक संबंध समाप्त कर लिए जाएं। इससे पहले वह प्रभाकरन को अपना अच्छा मित्र भी बता चुके हैं। मगर, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह श्रीलंका में तमिल नागरिकों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है, लेकिन तमिल आतंकवादियों से कोई सहानुभूति नहीं रखती।

Saturday, April 25, 2009

बॉम्बे हाई कोर्ट को एक कुत्ते को राहत दिलाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना पड़ा।

बॉम्बे हाई कोर्ट को एक कुत्ते को राहत दिलाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना पड़ा। यह कुत्ता हत्या के मामले में शामिल एक परिवार के मकान में बंद हो गया था। कुत्ता ठाणे में भाइंदर के रहने वाले संजीव श्रीवास्तव का है। पुलिस को शक है कि संजीव ने मार्च में अपनी पत्नी रीति और अपने 'स्पेशल चाइल्ड' की हत्या कर दी थी। रीति को कथित तौर पर प्रताड़ित करने को लेकर संजीव की चार बहनें भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं और इनकी अग्रिम जमानत याचिका सेशन कोर्ट में पेंडिंग है। उनकी बहनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मकान छोड़ दिया। इस चक्कर में उन्होंने कुत्ता गुरुवार शाम श्रीवास्तव के घर में ही छोड़ दिया था। इस बीच, चारों बहनें शुक्रवार को हाई कोर्ट गईं। उन्होंने निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका पर फैसला किये जाने तक गिरफ्तारी से बचाने और कुत्ते को बाहर निकालने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मकान को सील कर दिया था। अदालत ने परिवार के एक संबंधी को उनके घर जाकर कुत्ते को बाहर निकालने का आदेशदिया है ।

Tuesday, April 21, 2009

नवनिर्माण सेना (MNS)भी उत्तर भारतीयों की मेहनत की कायल हो ही गई

आखिरकार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)भी उत्तर भारतीयों की मेहनत की कायल हो ही गई। ठाणे लोकसभा सीट से एमएनएस प्रत्याशी राजन राजे ने मंगलवार को ठाणे में पत्रकारों के समक्ष मराठी युवकों से आह्वान किया कि वे उत्तर भारतीयों की कठिन मेहनत की आदत को अपनाएं तथा अपना जीवन सफल बनाएं। चुनाव प्रचार के तीसरे दौर के बाद वह पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उत्तर भारतीयों की मेहनत के अलावा उन्होंने गुजरातियों व राजस्थानियों की उद्यमिता और बुद्धिमानी को अपनाने की सलाह दी। विरोधी प्रत्याशियों पर मराठी वोट बैंक को मराठी नोट बैंक में बदलने का आरोप लगाते हुए राजे ने कहा कि एमएनएस जल्द ही अपना सच्चा मराठी वोट बैंक बनाने में सफल हो जाएगी।

Sunday, April 19, 2009

रुबीना के पिता रफीक ने 2 लाख पाउंड यानी करीब 1 करो़ड़ 80 लाख रुपये की मांग की।

ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलिनेअर' में लतिका के बचपन का किरदार निभाने वाली नौ साल की रुबीना अली को उनके पिता रफीक कुरैशी ने करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये में बेचने की कोशिश की। ब्रिटने के अखबार 'न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड' ने एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इसका खुलासा किया है । न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड की वेबसाइट के मुताबिक उनके रिपोर्टर दुबई के शेख बनकर रुबीना के पिता से मिले और रुबीना को गोद लेने की बात की। स्टिंग ऑपरेशन के जरिए रिपोर्टर ने रुबीना के पिता को रंगे हाथों कैमरे में कैद किया है। बेबसाइट का दावा है कि रुबीना के पिता रफीक ने 2 लाख पाउंड यानी करीब 1 करो़ड़ 80 लाख रुपये की मांग की। रुबीना के पिता के साथ उसके चाचा भी इस डील में हिस्सा ले रहे थे। हालांकि रुबीना के परिवार वालों ने ब्रिटिश अखबार के दावे को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सारी बातें विज्ञापन के लिए हुई थीं। रुबीना की चचेरी बहन ने कहा कि कोई पिता अपनी बेटी को बेचने की बात सोच भी नहीं सकता।

Thursday, April 16, 2009

अजमल कसाब और शाहरूख भाई भाई, यह भी चमत्कार

जिस नीलम विज ने खुद को अजमल कसाब की मां होने का दावा किया, उसी नीलम ने कुछ महीने पहले खुद को फिल्म स्टार शाहरुख खान की भी मां बताया था। क्राइम ब्रांच के एक सीनियर अधिकारी ने गुरुवार को इस बात का खुलासा किया। यहां बताना जरूरी है कि नीलम के नये दावे से विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी तक भ्रमित हो गए थे और तीन दिन पहले वह खुलासा कर बैठे थे कि अजमल कसाब की मां कसाब से मिलने मुम्बई आ रही है। लेकिन बुधवार को मुखर्जी ने इस खुलासे के फौरन बाद ही अपनी सफाई में कहा कि कसाब की मां के भारत आगमन के संबंध में उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। यहां बताना जरूरी है कि नीलम मूल रूप से गाजियाबाद की रहने वाली है। उसने अजमल की मां होने का दावा करते हुए कहा कि जब अजमल कसाब पैदा हुआ था, तब नीलम का अपने पति से झगड़ा हो गया था और इस कारण से उसने अजमल को पाकिस्तान भिजवा दिया था। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार नीलम खुद को अजमल और शाहरुख खान की मां बताने से पहले खुद को एक और हस्ती की भी मां बता चुकी है। पुलिस का दावा है कि नीलम खुद को अलग-अलग लोगों की मां बताकर या तो सस्ता प्रचार चाहती है या वह मानसिक रूप से बीमार है।

Wednesday, April 15, 2009

मशहूर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) में पढ़नेवाली विदेशी छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला

मुंबई के मशहूर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) में पढ़नेवाली विदेशी छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। अमेरिका की रहनेवाली इस 23 साल की छात्रा ने 6 लोगों ने गैंगरेप किया। खबर है कि TISS में पढ़नेवाली एक विदेशी छात्रा के साथ 6 लोगों ने गैंगरेप किया है। इस छात्रा की उम्र 23 साल बताई जा रही है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस इस मामले के आरोपियों की तलाश में जुट गई है।