Wednesday, February 25, 2009

बनने चले थेछब्बे, रह गए दूबे- यह हाल हुआ राज ठाकरे का

बनने चले थेछब्बे, रह गए दूबे- यह हाल हुआ राज ठाकरे का
अजीत सरकार हत्याकांड मामले में जमानत पर छूटे राष्ट्रीय जनता दल के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज ने जनता की भावनाएं भड़काकर राजनीति चमकाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने मकसद में नाकाम रहे। एक निजी प्रोग्रैम में हिस्सा लेने आए आरजेडी के इस विवादास्पद सांसद ने कहा कि लोगों की भावनाएं भड़काकर कोई भी नेता लंबी राजनीतिक पारी नहीं खेल सकता। इस बात का अहसास राज को आने वाले चुनावों में हो जाएगा। एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि लालू प्रसाद के मन में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जगी, तो इसमें गलत क्या है।

Sunday, February 22, 2009

गुजरात को दिल्ली के किसी शख्स से टाटा के नैनो प्रॉजेक्ट पर सलाह की जरूरत नहीं

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए
कहा है कि गुजरात को दिल्ली के किसी शख्स से टाटा के नैनो प्रॉजेक्ट पर सलाह की जरूरत नहीं है। मोदी ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि कुछ लोग दिल्ली से आते हैं और बिना पूरी जानकारी के हमें टाटा के नैनो प्रॉजेक्ट पर सलाह देने लगते हैं। मोदी ने कहा कि हीरा व्यापारियों के हित के बारे में भी सोचने की जिम्मेदारी केंद्र की बनती है। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले से ही हीरों पर वैट की दरें कम कर दी गई हैं। बीजेपी के तेजतर्रार लीडर नरेंद्र मोदी का राहुल गांधी पर ताजा जुबानी हमला तब हुआ जब अमेठी से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुजरात सरकार पर अमीरों के हक में नीतियां बनाने का आरोप लगाया। राहुल ने नैनो प्रॉजेक्ट के लिए गुजरात सरकार पर विशेष रियायतें देने का आरोप लगाते हुए लोगों से अपील भी कर डाली। राहुल ने अपनी अपील में कहा है कि वह ऐसी पार्टी को वोट न दें जो 'सिर्फ अमीरों' के हक में काम कर रही है। जूनियर गांधी ने गुजरात में हीरा व्यापार में आ रही मुश्किलों के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही है। राहुल ने यह भी कहा कि मोदी की सरकार बड़े बिजनस घरानों को विशेष छूट दे रहे हैं, जबकि हीरा व्यापारियों के हित में राज्य सरकार ने कुछ भी नहीं सोचा। उन्होंने मोदी पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि गुजरात सरकार ने नैनो प्रॉजेक्ट को करीब साठ हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया है, लेकिन इसके बावजूद हीरा व्यापारियों के लिए कुछ भी नहीं किया गया। राहुल गांधी का पक्ष लेते हुए कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह ने कहा कि गांधी की धरती पर पूंजीवाद के नए मॉडलों की आजमाइश हो रही है। लेकिन उन्होंने इसके लिए मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराते हुए कहा कि मोदी जिस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, वह पूंजीवाद में ही यकीन रखती है।

Thursday, February 19, 2009

मराठा आरक्षण का मामला

मराठा आरक्षण का मामला धीरे धीरे ही नहीं अब उसे मजबूती से उठाया जाना चाहिये

मराठा आरक्षण का मामला धीरे धीरे तूल पकड़ रहा है। आरक्षण की मांग कर रहे लोगों ने शिवनेरी फोर्ट के पास गुरुवार को महाराष्ट्र के वित्त मंत्री दिलीप वाल्से पाटिल के हेलिकॉप्टर पर पथराव किया। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें मराठा संगठन संभाजी ब्रिगेड के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। उधर, मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि मराठा आरक्षण के इस विवादास्पद मुद्दे पर सभी राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक अगले हफ्ते की जाएगी। छत्रपति शिवाजी की जयंती के मौके पर आयोजित एक समारोह में शिरकत करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के अलावा दिलीप वाल्से पाटिल भी आने वाले थे। मुख्यमंत्री से पहले वित्त मंत्री का हेलिकॉप्टर उतरा और इसके साथ ही लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।

Tuesday, February 17, 2009

शिवराज पाटिल बने लेखक

गृह मंत्रालय से छुट्टी के बाद शिवराज पाटिल आजकल अपना ज़्यादातर वक्त किताब लिखने में लगा रहे हैं। मुम्बई पर आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल इन दिनों पुस्तक लिखने में व्यस्त हैं । इस किताब के बारे में उनका कहना है कि यह किताब भारतीय राजनीति और लोकतंत्र का व्यवहारिक चेहरा होगी। शिवराज पाटिल ने विशेष बातचीत में कहा, इन दिनों मैं किताब लिखने में व्यस्त हूं। पुस्तक 'विदाउट स्पेस' के 400 पन्ने लिखे जा चुके हैं जो मेरे पूरे जीवन, काम, आसपास के लोगों, संगठनों और सहयोगियों का व्यावहारिक चित्र प्रस्तुत करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा इस पुस्तक में किसी विषय को लेकर या किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप नहीं है और न ही मैंने इसके जरिये अपने उपर लगाये गए कथित आरोपों का जवाब देने की कोशिश की है। पाटिल ने कहा इतने सालों के अपने संघर्षकाल में मैंने अपने आसपास जो कुछ देखा है-महसूस किया है, उसे इस किताब में लिखने की कोशिश भर की है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्ववाली कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में गृह मंत्री रहे शिवराज पाटिल ने 26 नवंबर 2008 को मुम्बई पर आतंकी हमले के बाद 30 नवंबर को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था पाटिल ने कहा यह पुस्तक राष्ट्रीय स्तर पर, प्रांत के स्तर पर और एक व्यक्ति के स्तर पर मेरे अनुभव का दस्तावेज है।इस पुस्तक में अतीत में घटी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ आने वाले समय में उन घटनाओं के प्रभाव के बारे में मेरे विचार होंगे. उन्होंने कहा पुस्तक में मेरे जीवन, एक मंत्री के रूप में मेरे कार्य, लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य के साथ देश में चुनाव की प्रक्रिया और राजनीति के साथ भारतीय लोकतंत्र और दलगत राजनीति के विभिन्न पहलुओं का जिक्र होगा। पाटिल ने कहा पुस्तक में भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था, नीति निर्माण और पालन का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा यह पुस्तक मेरी जीवन यात्रा का संकलन है। गौरतलब है कि शिवराज पाटिल महाराष्ट्र विधानसभा के लिए दो बार निर्वाचित हुए और उन्होंने लगातार सात बार लोकसभा चुनाव जीता और यह सिलसिला 2004 के लोकसभा चुनाव में टूटा जब लातूर से वह पराजित हो गए। पाटिल ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में रक्षा और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का कार्यभार संभाला और 1991 से 1996 तक वह लोकसभा अध्यक्ष भी रहे।

Saturday, February 14, 2009

पुलिस ने कॉन्ट्रेक्टर संगम मिश्रा की हत्या की गुत्थी सुलझाने का किया दावा, साधुवाद

पुलिस ने कॉन्ट्रेक्टर संगम मिश्रा की हत्या की गुत्थी सुलझाने का किया दावा, साधुवाद
3 फरवरी को गिरगांव में हुई कॉन्ट्रेक्टर संगम मिश्रा की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। इस मामले में यूनिट-दो के सीनियर इंस्पेक्टर मंगेश पोटे की टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच चीफ राकेश मारिया के अनुसार इस हत्याकांड की साजिश नैनी जेल में रची गई थी। संगम मिश्रा ने अपने बिज़नस में अपने एक रिश्तेदार दिवाकर मिश्रा को भी रख दिया था। बाद में जब दिवाकर उनके बिजनेस को हड़पने की कोशिश करने लगा, तो संगम मिश्रा ने दिवाकर को अपने से अलग कर दिया। दिवाकर इससे नाराज हो गया और उसने फिर संगम से बदला लेने फैसला किया। इस वास्ते वह अपने एक रिश्तेदार गोपाल उपाध्याय से मिला। गोपाल बाद में अपने एक और रिश्तेदार राजेश्वर उपाध्याय से मिलने नैनी जेल गया। राजेश्वर यूपी का एक कुख्यात गुंडा है। राजेश्वर ने बाद में यूपी से दो शूटरों बबलू फूलन खान और दिलीप सिंह को मुम्बई भेजा। इन दोनों शूटरों ने 3 फरवरी को संगम मिश्रा की हत्या कर दी। इस मामले में मुम्बई से दिवाकर मिश्रा और यूपी से बबलू फूलन खान पकड़ा गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं, जबकि राजेश्वर पहले से ही जेल में बंद है।

सावधान मुंबईकर, लालू के कहने और करने में बहुत अंतर, मुंबई को कुछ भी नहीं, यात्री परेशान है तो क्या

सावधान मुंबईकर, लालू के कहने और करने में बहुत अंतर, मुंबई को कुछ भी नहीं, यात्री परेशान है तोक्या, गाडियों की सुरक्षा तथा सुरक्षित यात्रा का सवाल ?
अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने दावा किया था कि उनके कार्यकाल में दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। लेकिन उनके दावों की पोल 12 घंटे के भीतर हुई दो रेल दुर्घटनाओं ने खोल दी है। मोतिहारी के पास शनिवार सुबह एक इंजन गोरखपुर-मुजफ्फरपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से टकरा गया। इस हादसे में लगभग 15 लोग घायल हो गए। इससे पहले चेन्नै से हावड़ा जा रही कोरमंडल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे शुक्रवार की रात उड़ीसा के जाजपुर में पटरी से उतर गए थे। इसमें 16 यात्रियों की मौत हो गई है और 161 घायल हो गए हैं। इसके 12 घंटे से भी कम समय में मोतिहारी के पास एक और दुर्घटना हो गई। सुगौती स्टेशन के पास हुए इस हादसे में घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। मामले के उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

Monday, February 9, 2009

प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल के तीन हेलिकॉप्टरों का एक काफिला अचानक 150 यात्रियों को ले जा रहे एयर इंडिया के प्लेन IC 866 के सामने

मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल के तीन हेलिकॉप्टरों का एक काफिला अचानक 150 यात्रियों को ले जा रहे एयर इंडिया के प्लेन IC 866 के सामने आ गया। प्लेन बस कुछ ही सेकंड्स में टेक ऑफ करने वाला था। पाइलट कैप्टन एस. एस. कोहली ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाकर किसी तरह प्लेन को रोका। जानकारी के मुताबिक प्रेजिडंट प्रतिभा देवी पाटिल, महाराष्ट्र के राज्यपाल ए.सी. जमीर और कुछ अन्य वीआईपी लोगों को ले जा रहे तीन हेलिकॉप्टरों ने मुंबई के नौसैनिक अड्डे कुंजली से उड़ान भरी थी। तीनों हेलिकॉप्टर हवाई अड्डे की ओर चल पड़े। वहां से प्रेज़िडंट को एक समारोह में भाग लेने के लिए वायुसेना के विशेष विमान से गोंदिया जाना था। मुंबई हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे वायुसेना का विशेष हेलिकॉप्टर उसी रनवे पर उतर गया, जहां से एयर इंडिया के प्लेन आईसी 866 को दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। प्लेन में 150 पैसिंजर थे। अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया का प्लेन रनवे के नजदीक पहुंचने ही वाला था कि तभी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने हेलिकॉप्टर के बारे में पाइलट को जानकारी दी। प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगा दिए। इसे प्लेन के टायर फट गए। हालांकि आधिकारियों का कहना है कि प्रेजिडंट उस हेलिकॉप्टर में सवार नहीं थीं। पैसिंजर की जुबानी प्लेन में सवार एक यात्री ने बताया कि प्लेन के उड़ान भरने में कुछ ही सेकंड बाकी थे, तभी प्लेन के ऊपर से एक हेलिकॉप्टर गुजरा। उसने बताया कि हेलिकॉप्टर को बाकी यात्रियों ने भी देखा। हेलिकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज बना था। उसने बताया कि प्लेन को रोकने के लिए पाइलट ने इमर्जन्सी ब्रेक लगाए। जांच का आदेश डीजीसीए ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की अध्यक्षता डीजीसीए के जॉयंट डायरेक्टर ए. के. चोपड़ा करेंगे।