Thursday, April 30, 2015

(मकोका) और अनलॉफुल ऐक्टिविटिज प्रेवेंशन ऐक्ट( ऊपा) दोनों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है- आतंकियों को

आतंकवाद गतिविधियों में लिप्त आतंकियों को ज्यादा सजा दिलाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने नई व्यवस्था सुनाते हुए कहा है कि उन्हें महाराष्ट्र कंट्रोल ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऐक्ट (मकोका) और अनलॉफुल ऐक्टिविटिज प्रेवेंशन ऐक्ट( ऊपा) दोनों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है।
इस आशय का एक फैसला जस्टिस पीवी हरदास ने निचली अदालत के उस फैसले को दरकिनार देते हुए दिया है जिसमें उसने कहा था कि किसी आरोपी को दोनों ही ऐक्टों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।

हाई कोर्ट महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर उस अपील पर सुनवाई कर रहा है जिसमें 2 अगस्त, 2014 के विशेष मकोका कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ चुनौती दी गई है, जिसमें 2012 में पुणे के सीरियल बम ब्लॉस्ट के एक आरोपी फीरोज उर्फ हमजा अब्दुल हमीद सईद को मकोका में लगाए गए आरोपों से बरी किया गया था। उसके बाद ट्रॉयल कोर्ट ने यह कोर्ट रेग्युलर कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया।

Tuesday, April 28, 2015

नाव से नशीला पदार्थ ला रहे एक बड़ा जखीरा पकड़ा

पिछले दिनों गुजरात के समुद्री क्षेत्र में नाव से नशीला पदार्थ ला रहे एक बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। इसमें हेरोइन की तस्करी करने के आरोप में 8 पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए थे। इस मामले में अब मुंबई पुलिस की अपराध शाखा भी जांच करेगी। क्राइम ब्रांच इस प्रकरण में अंडरवर्ल्ड के एंगल की जांच कर करेगी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों नेवी और कोस्ट गार्ड ने अपने एक संयुक्त अभियान में गुजरात कोस्ट में से एक बोट पकड़ी जिसमें 232 किलोग्राम हेरोइन थी। इंटरनैशनल मार्केट में इसकी कीमत 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस धरपकड़ में 8 पाक नागरिकों को पकड़ लिया था जिन्हें येलो गेट कोर्ट ने 5 मई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने कोर्ट में इन ड्रग माफियाओं की रिमांड मांगते हुए कहा कि पुलिस चाहती है कि वह यह पता लगा सके कि इन 8 ड्रग तस्करों का इतना बड़ा जखीरा लाने का क्या उद्देश्य था? कोर्ट में पुलिस ने बताया कि ये सभी 8 तस्कर एक इंटरनैशनल ड्रग स्मगलिंग गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इनके विरुद्ध आईपीसी, नारकोटिक्स और मेरीटाइम कानूनों के तहत केस दर्ज किया है।
इन कानूनों को क्रियान्वित करने वाली एजेंसियों के अधिकारी इन सभी 8 कथित तस्करों से पूछताछ कर रहे हैं। गौरतलब है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नशीले पदार्थों की तस्करी के क्षेत्र में बड़ा दबदबा है। उसके गिरोह की महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के समुद्री तटों में अच्छी पकड़ है।


Monday, April 27, 2015

मुंबईकरों को पानी की समस्या

गर्मी का मौसम आते ही मुंबईकरों को पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। बीएमसी द्वारा मुंबई के कई इलाकों में दो से तीन दिन तक पानी सप्लाई नहीं की जा रही है। साथ ही पानी कम दबाव के साथ छोड़ा जा रहा है। इस कारण लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
एनबीटी द्वारा सर्वे किए जाने पर पता चला कि मुंबई के मानखुर्द, विक्रोली पार्क साइट, अंबुज वाडी, मालाड पश्चिम स्थित राथोडी, खाबोडी, आजमी नगर, कच्चा रास्ता, दहिसर का भगवान पाटील नगर, भांडुप स्थित जनशक्ति नगर, कुलाबा स्थित गीतानगर, गणेश कृपा नगर, बांद्रा का गरीब नगर, पाइपलाइन, शास्त्री नगर, माहिम, माटुंगा, कुर्ला क्षेत्र और धारावी में पिछले कई दिनों से लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायतों के बावजूद बीएमसी पानी की समस्या पर कोई विशेष ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए यहां के लोग ज्यादा कीमत पर टैंकर से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मुंबई के इन दिनों कई जगह बड़े स्तर पर बीएमसी का पानी बेचा जा रहा है। पानी माफिया रात को बीएमसी के बड़े-बड़े पाइप लाइनों में कनेक्शन जोड़कर टैंकर भरते हैं। कांदिवली स्थित चिक्कू वाडी परिसर में पिछले कई सालों से टैंकर माफियाओं ने अपना जाल बिछा रखा है। यहां रात को पानी भरने के लिए कई टैंकर खड़े नजर आते हैं। एक ओर बीएमसी का पानी बेचकर करोड़ों रुपये कमाने वाले इन पानी माफियाओं का व्यापार तेजी से चल रहा है, दूसरी ओर मुंबई के कई भागों में लोगों को पानी ही नहीं मिल रहा है।
बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, टैंकर माफियाओं को अवैध तरीके से पानी मुफ्त में मिल जाता है लेकिन ये लोग मुंबईकरों से पानी के लिए मनचाही राशि वसूलते हैं। इस कारण बीएमसी को करोड़ों रुपये का नुकसान भी हो रहा है।
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टैंकर माफियाओं का धंधा बीएमसी के अधिकारियों की मिलीभगत से जोरों पर चल रहा है। टैंकर माफिया बीएमसी के संबंधित अधिकारियों को उनका हिस्सा देते है। टैंकर माफिया एक टैंकर पानी की कीमत करीब दो से तीन हजार रुपये तक वसूलते हैं। जलआपूर्ति विभाग के मुताबिक, फिलहाल मुंबई को प्रतिदिन 3,750 मिलियन लीटर पानी सप्लाई की जाती है। इसमें से करीब 40 पर्सेंट पानी चोरी और लीकेज में बर्बाद हो जाता है, यानी 1200 से 1300 लाख लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद होता है। मुंबई को प्रतिदिन करीब 4,600 मिलियन लीटर पानी की जरूरत है। बीएमसी की कई पाइपलाइनें सालों से फूटी हैं, लेकिन बीएमसी इनकी मरम्मत नहीं करा रही है।


Friday, April 24, 2015

पुलिस चौकी में तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया

मॉडल के अपहरण और पुलिस चौकी में उसके यौन उत्पीड़न के तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें साकीनाका पुलिस स्टेशन के दो असिस्टेंट सब-इंसपेक्टर और एक कॉन्सटेेबल शामिल हैं। 29 वर्षीय मॉडल ने सोमवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से अपहरण, पुलिस चौकी में यौन उत्पीड़न और करीब पांच लाख रुपए ऐंठने की शिकायत की थी। इसके बाद राकेश मारिया ने क्राइम ब्रांच को इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
पुलिस के मुताबिक घटना 3 अप्रैल की रात की है, जब आरोपियों ने साकीनाका पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार वाले इलाके में अपने एक दोस्त के साथ जा रही मॉडल को रोक लिया और संघर्ष नगर पुलिस चौकी ले आए। आरोप है कि यहां आरोपी पुलिसकर्मियों ने अनैतिक देह व्यापार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार करने का डर दिखाकर उनसे पांच लाख रुपयों की मांग की। इसके अलावा उन्होंने बॉम्बे पुलिस ऐक्ट के तहत 1200 रुपए का जुर्माना भरने के लिए भी कहा।

मॉडल का कहना है कि उसी रात उसके दोस्त ने जाकर किसी तरह से साढ़े चार लाख रुपए का इंतजाम किया। लेकिन आरोपी पुलिसकर्मी इससे भी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने करीब 80 हजार रुपए कीमत के उसके गहने भी रख लिए। इसके बाद ही उसे और उसके दोस्त को जाने दिया गया। मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का कहना है कि पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के मद्देनज़र ही उन्होंने इस मामले को विशेष रूप से लिया और इस मामले की जांच अपनी निगरानी में क्राइम ब्रांच को सौंपी।
मॉडल को-ऑडिनेटर ने एक मॉडल को बुधवार रात अंधेरी के होटेल इन में उसके किसी असाइनमेंट के लिए बुलाया। मॉडल वहां कुछ समय बाद पहुंच गई। वहां जाने के बाद उससे होटेल के एक कमरे में चलने को कहा गया। मॉडल ने कमरे में जाने से मना कर दिया और फिर अपने एक फ्रेंड को कॉल किया। कुछ मिनट बाद उसका फ्रेंड होटेल के बाहर आ गया।
मॉडल उसके साथ जाने लगी, तभी एक गाड़ी ने मॉडल और उसके फ्रेंड को घेरा और उन्हें साकीनाका पुलिस स्टेशन ले गए, जहां आरोप है कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने मॉडल का यौन उत्पीड़न किया और दोनों के साथ लूटपाट की। मॉडल की डायमंड रिंग भी छीन ली गई। मॉडल गुरुवार को पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया और जॉइंट सीपी देवेन भारती से मिली। पुलिस कमिश्नर ने इसके बाद इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ फौरन एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया।
दिल्ली के निर्भया हत्याकांड के बाद यौन उत्पीड़न को भी रेप माना गया है, इसलिए राकेश मारिया ने इन तीनों कर्मियों के खिलाफ रेप का सेक्शन जोड़ने का आदेश दिया। देवेन भारती ने कहा कि हमने फैसला किया है कि कोई भी पुलिस कर्मी यदि वर्दी को इस तरह बदनाम करेगा और कानून को अपने आप में लेगा, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। 

Thursday, April 16, 2015

एप्रिन न पहनने के चलते कोर्ट केस

1994 में लाया गया प्री-कॉनसेप्शन ऐंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक (PCPNDT) ऐक्ट यूं तो देश में घटते लिंगानुपात को बढ़ाने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लाया गया था, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस ऐक्ट के तहत सजा भुगत रहे या कोर्ट के चक्कर लगा रहे डॉक्टरों के मामले देखें तो आधे से ज्यादा मामले सिर्फ फॉर्म-एफ भरने में हुई गलतियों के हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में PCPNDT ऐक्ट के तहत 500 से ज्यादा ऐसे मामले चल रहे हैं, जिनमें डॉक्टरों पर सिर्फ कागजी कार्रवाई में हुई गलती के चलते कोर्ट केस चलाए गए हैं या फिर उनके सेंटर सील कर दिए गए हैं। ऐक्ट की इन्हीं लचरताओं और कागजी खामियों के चलते डॉक्टरों के कानूनी पचड़े में फंसने की समस्या को लेकर बुधवार को देशभर के 15,000 से ज्यादा डॉक्टर (सोनोलॉजिस्ट, गाइनकॉलजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट) एक दिन की हड़ताल पर चले गए।
PCPNDT
ऐक्ट के तहत डॉक्टरों को चार पन्नों का फॉर्म-एफ भरना होता है। इन 500 मामलों में से कई मामलों में डॉक्टरों पर किसी कॉलम में गर्भवती महिला का नंबर न लिखने, किसी कॉलम के गलती से खाली रह जाने, डॉक्टर के एप्रिन न पहनने या अपने नाम का बैज न लगाने जैसे मामूली कारणों के चलते कोर्ट केस चला दिए गए हैं।
नवी मुंबई में प्रैक्टिस करने वाले एक सोनोलॉजिस्ट की केवल चार दिन पहले शुरू की गई सोनोग्राफी की मशीन को सिर्फ इसलिए सील कर दिया गया क्योंकि उसने सोनोग्राफी के लिए आई एक महिला का फॉर्म भरते समय उसका मोबाइल नंबर नहीं लिखा था। दरअसल उस महिला के पास मोबाइल ही नहीं था। सोनोग्राफी मशीन के लिए 30 लाख का लोन लेने वाले इस डॉक्टर पर इस वजह से पिछले 2 सालों से कोर्ट केस चल रहा है और मशीन भी सील पड़ी है।
जेजे अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के प्रफेसर और इंडियन सोनोलॉजिस्ट ऐंड गाइनकॉलजिस्ट असोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. शरद मलवडकर बताते हैं कि इस ऐक्ट में मौजूद खामियों के चलते छोटी-छोटी गलतियों के कारण भी डॉक्टरों का पूरा करियर चौपट हो रहा है। डॉ़ शरद बताते हैं यदि कोई डॉक्टर लिंग निर्धारण की प्रक्रिया में पकड़ा जाए तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए, बल्कि वर्तमान में जो सजा है उसे बढ़ाना चाहिए। लेकिन यदि एक डॉक्टर फॉर्म-एफ में एक कॉलम भरना भूल गया, तो उसे भी वही सजा देना कैसे जायज है!
गाइनकॉलजिस्ट डॉ़ सोना पुनगांवकर बताती हैं कि PCPNDT ऐक्ट के तहत हर राज्य में अलग-अलग तरह के कानून का पालन हो रहा है। न तो एक नियम है और बेहद छोटी-छोटी खामियों के चलते डॉक्टरों का पूरा करियर बर्बाद हो रहा है।

Wednesday, April 15, 2015

कश्मीरी पंडितों के मताधिकार के बारे में भी बात करें

मुसलमानों का मताधिकार छीनने की मांग पर राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया झेलने वाली शिवसेना ने बुधवार को नया मुद्दा उठाते हुए प्रतिप्रश्न किया है कि मुस्लिम मताधिकार के बारे में जिस तरह की प्रतिक्रियाएं हो रही हैं, उसी तरह कश्मीरी पंडितों के मताधिकार का मुद्दा क्यों नहीं उठाया जा रहा है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है, 'मुसलमानों के मताधिकार पर देशभर में हल्ला हो रहा है, लेकिन क्या इन लोगों ने कभी कश्मीरी पंडितों के मताधिकार के बारे में बात की है? जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान कितने हिंदू अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाए? क्या किसी ओवैसी या उनके किसी धर्मनिरपेक्ष समर्थक ने कश्मीरी पंडितों के हक में आवाज उठाई?' यह उल्लेख करते हुए कि कश्मीर घाटी से एक भी हिंदू विधायक नहीं बना, शिवसेना ने आरोप लगाया, 'वहां कोई हिंदू नहीं बचा जो वोट डाल पाता। वहां केवल वे लोग जीत सके जो पाकिस्तान (अलगाववादियों) का समर्थन करते हैं। हिंदुओं का मताधिकार छिन गया, लेकिन कोई इस बारे में नहीं बोलता।'

मुसलमानों का मताधिकार छीनने की शिवेसना की मांग पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने संजय राऊत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी । शिवसेना ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की स्पष्ट योजना की कमी पर जम्मू कश्मीर की पीडीपी-बीजेपी सरकार पर भी सवाल उठाया । पार्टी ने कहा, 'मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार बीजेपी के समर्थन से सत्ता में आई है, इसलिए उन्हें कश्मीरी पंडितों की 'घर वापसी' के बारे में फैसला लेना होगा। मुफ्ती सरकार जेल से रिहा हुए आतंकवादियों के लिए इंतजाम करने में व्यस्त है, कश्मीरी पंडितों की किस्मत पर अब भी सवालिया निशान हैं।' मुस्लिमों से मताधिकार वापस लेने की मांग कर आलोचनाओं का शिकार बने शिवसेना सांसद संजय राऊत अपने बयान से पलटते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय का वोट डालने का अधिकार छीनना असंवैधानिक है और उन्होंने कभी भी मुसलमानों का मताधिकार छीनने की बात नहीं की। मैंने सिर्फ इतना कहा कि अगर उन्हें वोट देने की अनुमति नहीं दी जाए तो मुस्लिमों का प्रयोग राजनीतिक अवसरवादिता के लिए नहीं किया जाएगा, लेकिन मीडिया ने मेरी टिप्पणियों का गलत मतलब निकाला।

Monday, April 13, 2015

रिया सेन के अंधेरी स्थित घर में शनिवार देर रात डेढ़ बजे करीब आग

अभिनेत्री रिया सेन के अंधेरी स्थित घर में शनिवार देर रात डेढ़ बजे करीब आग लग गई, जिसमें उनका ढेर सारा कीमती सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि आग लगने की वजह उनके घर में लगे एसी में छोटा विस्फोट है। इस हादसे के दौरान रिया सेन अपनी मां मुनमुन सेन और पिता के साथ अपने घर पर ही मौजूद थी।

गौरतलब है कि मुंबई के अंधेरी में रुईया पार्क बिल्डिंग की छठी मंजिल पर रिया सेन अपनी मां और पिता के साथ रहती हैं। शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे रिया के घर (उनके दो फ्लैट्स) में आग लग गई, जो कुछ ही देर में पूरे घर में फैल गई। घर में आग फैलते ही रिया सेन का पूरा परिवार बिल्डिंग के नीचे आ गया।
हादसे की खबर मिलते ही घटनास्थल पर तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पानी के टैंकर भेजे गए। कई घंटों की जद्दोजहद के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन रिया का घर पूरी तरह से जलकर राख हो गया। साथ ही घर में मौजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्नीचर पूरी तरह खाक हो गया। फिलहाल आग के सही कारणों का पता नहीं लग सका है। हालांकि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार आग की वजह एसी में छोटा धमाका होना बताया जा रहा है।