Thursday, October 16, 2014

प्राइवेट अस्पताल में भर्ती 86 साल की इंदूबेन पारेख भी

बुधवार को महाराष्ट्र मनाए गए जनतंत्र के जश्न में हिस्सा लेते हुए लाखों की संख्या में लोग वोट देने उतरे। इस पूरे जश्न में अपनी हिस्सेदारी निभाने और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए साउथ मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती 86 साल की इंदूबेन पारेख भी उतरना चाहती थी। लेकिन उनकी शारीरिक कमजोरी और मेडिकल कंडीशन की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें बाहर जाकर वोट देने की इजाजत नहीं दी।

साउथ मुंबई की रहने वाली 86 वर्षीय इंदूबेन पारेख कुछ दिन पहले अपने घर में फिसलने के कारण चोटिल हो गई थी और उन्हें साउथ मुंबई के ही भाटिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इंदूबेन पारेख का इलाज कर रहे, न्यूरो फिजीशन, डॉ़ जॉय देसाई ने बताया कि इंदूबेन को सिर में चोट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बुधवार सुबह वोट डालने की इच्छा जतायी।
डॉ़ जॉय ने बताया कि उनकी बात सुनकर हमने उनके ब्लडप्रेशर और बाकी जरूरी टेस्ट किए, ताकि उन्हें जाने में कोई समस्या न हो। लेकिन इतनी उम्र में चोट लगने के कारण उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें पोलिंग बूथ तक ले जाया जाए। उनकी इच्छा को देखते हुए अस्पताल उन्हें पोलिंग बूथ तक ले जाने और लाने की व्यवस्था भी करने को तैयार था। वहीं इंदूबेन का कहना है कि मैंने हमेशा वोट दिया है और मैं चाहती थी कि इस बार भी वोट दूं। लेकिन मेरी हालत ऐसी नहीं थी कि डॉक्टर मुझे बाहर भेज पाते।

Tuesday, October 14, 2014

विधानसभा के चुनाव प्रचार का बिगुल सोमवार की शाम 6 बजे बंद

महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव प्रचार का बिगुल सोमवार की शाम 6 बजे बंद हो गया। अब उम्मीदवारों की असली अग्नि परीक्षा में 48 घंटे से भी कम समय बचा है। प्रचार थमने के बाद ज्यादातर उम्मीदवार अपने ऑफिसों में जाकर पसीने पोंछते नजर आए। देर रात गुपचुप तरीके से अलग-अलग सोसायटियों और स्लम बस्तियों में जाकर मेल-मिलाप का कार्यक्रम शुरू हो गया। उधर, चुनाव आयोग मुस्तैद है। उम्मीदवारों पर उसकी पैनी नजर है। पुलिस भी बंदोबस्त में लगी है।
महाराष्ट्र की 288 सीटों के लिए 4,119 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 276 महिलाएं हैं। 1,699 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य की कुल विधानसभा सीटों में सबसे ज्यादा सीटों पर 287 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। शिवसेना 282, बीजेपी 280, एनसीपी 278, बीएमसी 260, एमएनएस 219, सीपीआई 34 और सीपीएम 19 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
राज्य की 83 सीटों पर 15 से अधिक उम्मीदवार है। नांदेड दक्षिण विधानसभा पर सबसे ज्यादा 39 उम्मीदवार हैं। सबसे कम 5-5 उम्मीदवार अकोला और गुहागर सीट पर हैं। राज्य में सबसे बड़ी सीट चिंचवड विधानसभा क्षेत्र है। वहां 4,84,080 मतदाता हैं। सबसे छोटा विधानसभा चुनाव क्षेत्र मुंबई का वडाला हैं। वहां 1,96,859 मतदाता हैं।
चुनाव आयोग ने मतदान कराने की तैयारी पूरी कर ली है। मतदान पर्ची बांटने का काम अंतिम दौर में है। करीब 90 पर्सेंट लोगों को पर्ची बांट दी गई हैं। करीब 92 पर्सेंट मतदाताओं के पास फोटो वाले पहचान पत्र हैं। राज्य के कुल 91,376 मतदान केंद्रों में से 2,331 मतदान केंद्र संवेदनशील हैं और 626 मतदान क्षेत्र अतिसंवेदनशील हैं। सबसे ज्यादा 450 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र गडचिरोली में है। मुंबई में एक भी अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र नहीं है।
सुरक्षित मतदान कराने के लिए राज्य में सीआरपीएफ की 320 कंपनियां (लगभग 3200 जवान) बुलाई गई हैं। राज्य के 1.22 लाख पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है। मतदान के लिए 5,84,617 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। वोट देने के लिए 1,51,032 इलेट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग किया जा रहा है।
बंदोबस्त की वजह से पुलिसवाले कभी अपना वोट नहीं डाल पाते, इसलिए इस बार पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने अपने सभी पुलिसकर्मियों को पोस्टल बैलट से वोट डालने को कहा है। सोमवार शाम तक कुल 17,000 पुलिसकर्मियों को पोस्टल बैलट दिए जा चुके थे।
राज्य में चुनाव कराने की तैयारी हो गई है। बस, किंग वोटर के मतदान का इंतजार है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हम मतदाताओं से अपील करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान करें। 

Thursday, October 9, 2014

ध्यान पड़ोसी देश की 'खुराफातों ' को रोकने पर लगाना चाहिए न कि महाराष्ट्र की राजनीति पर।

पाकिस्तान द्वारा सीज फायर का उल्लंघन किए जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रखते हुए शिवसेना ने बुधवार को कहा कि मोदी को अपना ध्यान पड़ोसी देश की 'खुराफातों ' को रोकने पर लगाना चाहिए न कि महाराष्ट्र की राजनीति पर।
शिवसेना ने कहा कि राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए मोदी के कहे मुताबिक 56 इंच का सीना जरुरी नहीं है, इसके लिए दरअसल मजबूत इच्छाशक्ति होनी चाहिए। मोदी पर यह टिप्पणी शिवसेना ने 'सामना' के जरिए की है। जिसमें लिखा गया है कि मोदी को ऐसे समय में राज्य में चुनावी रैलियों में व्यस्त रखा जा रहा है जबकि उनकी सबसे ज्यादा जरुरत केंद्र में है। यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का नजरअंदाज करने जैसा है।

शिवसेना ने कहा, 'हम महाराष्ट्र की राजनीति के बारे में बाद में भी बात कर सकते हैं मोदी जी, लेकिन इस समय सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हम हमारे पड़ोसी द्वारा की जा रही खुराफातों को सहन न करें। क्या राष्ट्र के हितों की सुरक्षा के लिए और पाकिस्तान को उसके कुकर्मों का सबक सिखाने के लिए आपको 56 इंच का सीना चाहिए? उन्हें वापस इतना ही कड़ा जवाब देने के लिए आपको मजबूत इच्छा शक्ति चाहिए।'
शिवसेना ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि पाकिस्तान लगातार भारत की ओर गोलीबारी करने की हिम्मत जुटा रहा है क्योंकि भारत सरकार की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

Wednesday, October 8, 2014

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला

महाराष्ट्र में चुनाव नजदीक आते ही पुरानी सहयोगी रहीं शिवसेना और बीजेपी के बीच जुबानी जंग बढ़ती जा रही है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है।
सामना के ताजा अंक में पाकिस्तान के भारतीय सीमा पर लगातार हमले करने पर और नरेंद्र मोदी के स्टैंड पर सवाल उठाया गया है।
शिवसेना ने सामना के जरिए पीएम से पूछा है कि पाकिस्तान जब सीमा पर लगातार धोखाधड़ी कर रहा है तो 56 इंच सीने वालों को ऐसे समय में देश की रक्षा करनी चाहिए या पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए।
बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से सीमा पर भारतीय सेना के चेकपोस्टों और गांवों पर गोलियां बरसाई जा रही हैं।

Tuesday, October 7, 2014

गडकरी को पुणे में चुनावी सभा के दौरान एक शख्स ने जूता मारने की कोशिश

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी को पुणे में चुनावी सभा के दौरान एक शख्स ने जूता मारने की कोशिश की। हालांकि जूता मारनेवाला शख्स गडकरी से किस बात से नाराज है, यह पता नहीं चल पाया है।
गडकरी चुनावी सभा को संबोधित करने आ ही रहे थे, तभी भीड़ में शामिल एक शख्स ने पीछे से उनपर जूता चला दिया। हालांकि, गडकरी को जूता लग नहीं पाया। बहरहाल, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोपी शख्स को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
इससे पहले आज चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के लातूर में चुनावी सभा के दौरान दिए गए उनके बयान पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। केंद्रीय मंत्री ने लातूर में आयोजित चुनावी सभा में मौजूद लोगों से कहा था कि उन्हें जहां से जो मिले, वह उसे बटोर लें।
उन्होंने कहा था, 'लक्ष्मी को नहीं बोलना नहीं, लेकिन वोट बीजेपी को देना भूलना नहीं। गरीबों को हराम की कमाई में हिस्सा चुनाव के दौरान ही मिल पाता है, इसलिए उससे इनकार नहीं करना चाहिए।'

Saturday, October 4, 2014

जांच एजेंसियों को ताज्जुब

ऑटोवालों की रोज की कमाई हजार रुपये भी नहीं होती है। ऐसे में किसी ऑटोवाले के अकाउंट्स में कुछ सप्ताह के अंतराल में डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम आ जाए, तो स्वाभाविक है, जांच एजेंसियों को ताज्जुब होगा। साइबर पुलिस ने फैयाज शेख नामक इस ऑटोवाले के साथ उसके सरगना आमिर अंसारी को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को गुरुवार को किला कोर्ट में पेश किया गया। ऐडवोकेट अजय दुबे के अनुसार, दोनों आरोपियों को 7 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजने का कोर्ट ने आदेश दिया।
अंसारी कांदिवली का रहनेवाला है, जबकि फैयाज मालवणी का मूल निवासी है। दोनों की एक कॉमन फ्रेंड के जरिए दोस्ती हुई। अब तक की छानबीन में यह बात सामने आई कि आमिर अंसारी नाइजीरियन गैंग से सीधे जुड़ा हुआ था। नाइजीरियन गैंग डेटा चुराकर क्लोन डेबिट और क्रेडिट कार्ड बनाते थे। नाइजीरियन गैंग को ठगी से हथियाई गई रकम को किसी अकाउंट में ट्रांसफर करना होता था।

नाइजीरियन गैंग ने जब अंसारी से संपर्क किया, तो उन्होंने फैयाज शेख के रामू तिवारी नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाए और फिर इन दस्तावेजों पर अलग अलग बैंकों में अकांउट्स खुलवाए। बाद में अंसारी ने इन अकाउंट्स में ट्रांसफर हुई रकम को फैयाज के जरिए निकलवाना शुरू किया। देखते ही देखते फैयाज के अकाउंट्स में 1 करोड़ 65 लाख 23 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर हो गई और निकाल ली भी गई।
अंसारी ने फैयाज के जरिए मिली इस रकम में अपना कमिशन लेकर नाइजीरियन गैंग को शेष रकम दे दी। खास बात यह है कि अंसारी को नाइजीरियन गैंग से उसके इस काम के लिए मोटा कमिशन मिलता था, पर अंसारी ने फैयाज को बदले में सिर्फ 25 हजार रुपये ही दिए थे।

Wednesday, October 1, 2014

सुराज के मुद्दे पर समर्थन मांगा

इस बार समय कम है और उम्मीदवार ज्यादा है। ऐसे में नेता ही नहीं उनके परिवार के लोग भी चुनाव प्रचार में भाग ले रहे हैं। इसी कड़ी में एनएनएस चीफ राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने भी चुनाव प्रचार में एंट्री ले चुके हैं। अमित ने मंगलवार को पोइसर में पदयात्रा की। कास बात यह है कि पोइसर का इलाका पूरी तरह से उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी बहुल इलाका है।
इस इलाके में उनकी पदयात्रा को जानबूझकर प्लान किया गया था, ताकि एमएनएस और उत्तर भारतीयों के बीच की खाई को कम किया जा सके। जूनियर राज ठाकरे ने भी यहां प्रचार के दौरान विवादास्पद मुद्दों के बजाए विकास और सुराज के मुद्दे पर समर्थन मांगा।
उधर मालाड सीट से शिवसेना के उम्मीदवार विनय जैन ने अपने मतदाताओं को इंप्रेस करने के लिए एक अनोखी योजना पेश की है। उन्होंने कहा कि मालवणी इलाके में बेस्ट की बसों के लिए रोज होने वाली जद्दोजहद से अपने वोटरों को बचाने के लिए वे सुबह और शाम को अपने स्कूलों की सारी बसें लगाने को तैयार है। बशर्ते कि बेस्ट उनके महीनों पहले भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार कर ले। कई स्कूलों का संचालन करने वाले जैन की इस घोषणा को मालवणी में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
बोरिवली में बीजेपी के हैवी वेट नेता विनोद तावड़े के खिलाफ शिवसेना जबर्दस्त लामबंदी में जुटी है। शिवसेना ने यहां से सीए उत्तम प्रकाश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी को मात देने के लिए इस सीट पर पार्टी ने शिवसेना के बड़े नेताओं को काम पर लगाया है। मंगलवार को शिवसेना नेता रामदास कदम खुद मेहनत करते नजर आए।
कदम ने नए चुनाव कार्यालय में ही क्षेत्र के सभी शिवसेना नगरसेवकों की बैठक ली और चुनावी रणनीति के तहत सभी को जिम्मादारियां बांटी। बैठक की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दहिसर से चुनाव लड़ रहे विभाग प्रमुख विनोद घोसालकर अपना चुनाव प्रचार छोड़ कर इस बैठक में शामिल हुए।