Thursday, August 14, 2014

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अगस्त को उरण आ रहे हैं

उरण स्थित देश के सबसे बड़े पोर्ट JNPT द्वारा 277 हेक्टेयर में प्रस्तावित देश के पहले SEZ (स्पेशल इकोनामिक जोन या विशेष आर्थिक क्षेत्र) के निर्माण हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अगस्त को यहां आ रहे हैं। उनके आगमन से पूर्व सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए नवी मुंबई पुलिस कोई भी खतरा नहीं ले रही है।
पीएम मोदी की सुरक्षा हेतु पोर्ट प्रशासन द्वारा उरण और जेएनपीटी क्षेत्र की जिस मुख्या सड़क से पीएम मोदीजी का काफिला गुजरेगा उस सड़क पर मौजूद सभी अवैध टपरियों व कई होटेलों तथा ढाबों के विस्तारित निर्माण को बुलडोजर से तोड़कर गिरा दिया गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था।
स्थानीय नागरिकों द्वारा अपनी रोजी रोटी के लिए खड़ी की गई इन टपरियों को तोड़कर हटा दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में तीव्र आक्रोश फैल गया है। हटाई गई कुल टपरियों की संख्या करीब 350 हैं। जो टपरियां हटाई गई हैं, उनमें JNPT के बल्क गेट से करल फाटा तक व गणेश बेन्जोप्लास्ट से IOC तक की सभी किस्म की टपरियां शामिल हैं।
इस बाबत पोर्ट प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे उच्च पदस्थ अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

Wednesday, August 13, 2014

ऑटो और टैक्सी का न्यूनतम किराया 2 रुपये बढ़ाने को मंजूरी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को ऑटो और टैक्सी का न्यूनतम किराया 2 रुपये बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इनके न्यूनतम किराये क्रमश: 15 और 19 रुपये से बढ़कर 17 और 21 रुपये हो जाएंगे। हाई कोर्ट ने किराये की नई दर को मंजूरी देते हुए कहा है कि इसे वही ऑटो-टैक्सी वाले लागू कर सकेंगे, जिनके वाहन में कैलिबरेटेड मीटर होगा। इसका मतलब यह है कि ऑटो-टैक्सी में लगे मीटर में नया मिनिमम किराया दिखने पर ही यात्री उसे चुकाएंगे। इसके लिए ऑटो-टैक्सियों को वर्कशॉप ले जाकर मीटर की चिप बदलवानी पड़ेगी।
कोर्ट ने मौजूदा मीटरों में बदलाव लाने के लिए या कैलिबरेट करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है। जानकारों का कहना है कि इस बदलाव के लिए कम से कम 7 दिन तो लग जाएंगे। वैसे जिस ऑटो या टैक्सी में कैलिबरेटेड मीटर होगा, वह नया किराया मंगलवार आधी रात से ही वसूल कर सकेंगे।

Tuesday, August 12, 2014

सांसद संजय राऊत ने स्वतंत्रवीर सावरकर को 'भारत रत्न' देने की मांग की

'भारत रत्न' पुरस्कारों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राऊत ने स्वतंत्रवीर सावरकर को 'भारत रत्न' देने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, रिजर्व बैंक को भारत रत्न के पांच पदक तैयार रखने का आदेश दिया गया है।
चर्चा है कि सुभाषचंद्र बोस, पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी, बीएसपी के संस्थापक कांशीराम के नाम इस बार भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा हो सकती है। इसी में स्वर जोड़ते हुए शिवसेना प्रवक्ता राऊत ने कहा कि सावरकर को भी भारत रत्न मिलता तो अच्छा होता।
राजनीति गंदी हो गई: शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री हर्षवर्द्धन पाटील पर स्याही फेंके जाने की निंदा की है। संपादकीय में कहा गया, 'यह घटना महाराष्ट्र की संस्कृति और प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है।'

Monday, August 11, 2014

वाशी के खाड़ी पुल पर आए दिन हो रही आत्महत्या

वाशी के खाड़ी पुल पर आए दिन हो रही आत्महत्याओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एनजीओ की सहायता से जीवन जीने को उत्साहित करने वाले व ऐंटि सुइसाइड बैनर लगाने की योजना बनाई है। हाल ही में नवी मुंबई (ट्रैफिक) पुलिस उपायुक्त पद से ट्रांसफर हुए विजय पाटील द्वारा इसकी योजना बनाई गई है और इसके लिए किसी बड़े एनजीओ से प्रायोजित करने की तैयारी है।
खबर लिखे जाने तक किसी भी एनजीओ का चुनाव नहीं किया जा सका है। समुद्री खाड़ी पर बने इस पुल से बीते 12 महीने में 14 लोगों द्वारा छलांग लगाई जा चुकी है। नवी मुंबई, ठाणे व मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले जीवन से निराश लोगों में आत्महत्या करने का विचार आने पर वे अक्सर इस वाशी पुल तक आ जाते हैं और नीचे गहरे पानी में छलांग लगा देते हैं। बार-बार घटने वाली इन घटनाओं के चलते ही वाशी पुलिस की तरफ से यहां नियमित गश्त लगाते हुए पहरा दिया जाता है। 

Friday, August 8, 2014

अब शंकरनारायणन

मिजोरम के राज्यपाल पद से कमला बेनिवाल की बरखास्तगी का संदेश बहुत साफ है। इसे कांग्रेस नियुक्त बाकी राज्यपालों के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। इसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकरनारायणन भी शामिल हैं।
देश वैसे ही बहुत कठोर है- गवर्नर पद से इस्तीफा दो, या फिर बरखास्तगी की जलालत झेलो। संकेत तो यही हैं, कांग्रेस के नेता रहे राज्यपाल मोदी-सरकार के निशाने पर हैं। वैसे, तो इस वर्ग में दस राज्यपाल आते हैं, मगर तीन ऐसे हैं जिन पर तुरंत गाज गिर सकती है। पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटील (राज्यपाल-पंजाब), पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (राज्यपाल-गोवा) और केरल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे के. शंकरनारायणन (राज्यपाल-महाराष्ट्र) के पद खतरे में बताए जा रहे हैं।

वैसे, नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री एस सी जमीर (राज्यपाल-ओडिशा), राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया (राज्यपाल- हरियाणा), पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा (राज्यपाल-राजस्थान) और मध्य प्रदेश की पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उर्मिला सिंह (राज्यपाल- हिमाचल प्रदेश) और लंबे समय तक मुंबई से विधायक रहे सैयद अहमद (राज्यपाल-झारखंड) इसी श्रंखला में आते है।
अगर राज्यपालों की बारी-बारी छंटाई हुई, तो हो सकता है कि इन्हें कुछ समय मिल जाए। जहां तक महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले पूर्व सांसद श्रीनिवास पाटील (राज्यपाल-सिक्किम) और शिक्षाविद डी.वाय. पाटील (राज्यपाल-बिहार) का सवाल है, ये दोनों एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की सिफारिश पर राज्यपाल बनाए गए हैं। हाल में नरेंद्र मोदी और पवार की मुलाकात और बेहतर होते संबंधों के बल पर दोनों बने रह जाएं, तो आश्चर्य नहीं करना चाहिए।
बहरहाल, महाराष्ट्र के राजभवन में चर्चा है कि यहां के राज्यपाल शंकरनारायणन ने खुला बयान देकर अपना केस बिगाड़ लिया। उन्होंने बाकायदा मलयालम अखबारों को बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने उन्हें फोन करके इस्तीफा देने को कहा है। इसी रौ में 'महामहिम' राज्यपाल' यह भी बता गए कि उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आया यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। वे इस्तीफा नहीं देंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि 'प्रॉपर चैनल' से अगर प्रस्ताव आया तो वे इस पर विचार करेंगे। इसके बाद से ही यह चर्चा का विषय है कि 'प्रॉपर चैनल' से उनका मतलब क्या है? गृह मंत्री राजनाथ सिंह उनसे अनुरोध करें या फिर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करें! खैर, कमला बेनिवाल के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। पहले गुजरात से मिजोरम ट्रांसफर। इसके बाद सीधे घर वापसी। सरकारिया कमिशन ने राज्यपाल पद की गरिमा बनाए रखने के लिए उनकी नियुक्ति और कार्यकाल को लेकर स्पष्ट सुझाव दिए हैं। मगर इसका पालन केंद्र सरकारों के लिए प्राथमिकता का विषय नहीं रहा है।
कर्नाटक के राज्यपाल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री हंजराज भारद्वाज और असम के राज्यपाल रहे ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री जेबी पटनायक ही ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने सरकार बदलते ही इस्तीफा दे दिया था। वरना मोदी सरकार आने के बाद राज्यपाल पद त्यागने वाले सरकारी बाबू ही रहे हैं। एम.के. नारायणन (पश्चिम बंगाल), शेखर दत्ता (छत्तीसगढ़), बी.एल. जोशी (उत्तर प्रदेश), वीबी पुरुषोत्तमन (मिजोरम)और पूर्व वायुसेना अधिकारी भारतवीर वांछू (गोवा) इनमें शामिल हैं।
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Wednesday, August 6, 2014

तानसा झील भी सोमवार की सुबह 11 बजे लबालब

मुंबईकरों की प्यास बुझाने वाली तानसा झील भी सोमवार की सुबह 11 बजे लबालब होकर बहने लगी। इससे पहले अपर वैतरणा 18 जुलाई को और तुलसी 28 जुलाई को लबालब हो गई हुई थी। उसके दो दिन बाद मोडक सागर भी 30 जुलाई को ओरवफ्लो हो गया। मुंबई के सभी 7 जलाशयों में जल संचय करने की कुल झमता करीब 14.50 लाख मिलियन लीटर है। इन सभी जलाशयों में सोमवार की सुबह तक 10.02 लाख मिलियर लीटर पानी जमा हो गया है। कल्याण-डोंबिवली को पानी सप्लाई करने वाला बारवी जलाशय भी सोमवार को दोपहर 3 बजे लबालब हो गया। 

Monday, August 4, 2014

गणेशोत्सव, कृष्णा जन्माष्टमी तथा नवरात्री के मद्देनजर शहर में होने वाले शोरशराबे को 65 डेसिबल तक प्रतिबंधित करने की योजना

त्योहारों के दौरान लाऊड स्पीकर और डीजे से होने वाले कान फाडू शोर शराबे को लेकर ठाणे पुलिस ने इस बार कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने आने वाले गणेशोत्सव, कृष्णा जन्माष्टमी तथा नवरात्री के मद्देनजर शहर में होने वाले शोरशराबे को 65 डेसिबल तक प्रतिबंधित करने की योजना बनाई है।
पुलिस की तरफ से तमाम मंडलधारकों तथा डीजे को निर्देश दिया गया है कि वे लाउडस्पीकर तथा डीजे की आवाज को 65 डेसिबल तक सीमित रखें। यदि इससे ज्यादा आवाज हुई, तो आदेश का उल्लंघन करने वाले मंडल तथा डीजे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मनपा अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी, विभिन्न मंडलों के प्रतिनिधि तथा डीजे धारकों के साथ हुई एक मीटिंग में ठाणे पुलिस के जॉइंट कमिश्नर वी. वी. लक्ष्मीनारायण ने यह निर्देश दिया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र में 75, व्यावसायिक परिसर में 65 तथा निवासी परिसर में 55 डेसिबल से अधिक आवाज को ध्वनि-प्रदूषण माना गया है। लेकिन ठाणे शहर में त्योहारों के अवसर पर 100 डेसिबल से अधिक का शोरशराबा आम है।
ठाणे पुलिस की तरफ से पिछली बार ध्वनि प्रदूषण करने वाले मंडलों के खिलाफ मामला तो दर्ज किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आयोजकों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मगर नए जॉइंट कमिश्नर लक्ष्मीनारायण ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी डीजेधारकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी मशीन में किसी मैकेनिजम का उपयोग कर आवाज को 65 डेसिबल तक सीमित करें, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहें। उन्होंने आवाज को नियंत्रित करने के कई तरीके मीटिंग के दौरान लोगों को बताए।
लक्ष्मीनारायण के आदेश के मुताबिक कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ पुलिस द्वारा 'ऑन द स्पॉट' कार्रवाई की जाएगी और डीजे तथा लाऊड स्पीकर जब्त कर तुरंत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होगा। ठाणे पुलिस के इस आदेश के बाद त्योहार के आयोजकों तथा डीजे मालिकों में खलबली मच गई है। ठाणे पुलिस की तरफ से आवाज को नियंत्रित करने के सिलसिले में शीघ्र ही मुंबई पुलिस से बातचीत कर मुंबई शहर में भी डीजे के आवाज को 65 डेसिबल तक प्रतिबंधित करने की बात बताई गई है।