Monday, October 28, 2013

मरीन ड्राइव मेकओवर प्रॉजेक्ट का दूसरा चरण

 मरीन ड्राइव मेकओवर प्रॉजेक्ट का दूसरा चरण, बस अब शुरू ही होने को है। एमएमआरडीए ने पिछले दिनों टेंडर मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्क आर्डर दिसंबर तक जारी होने की पूरी संभावना है। महाराष्ट्र कोस्टल मैनेजमेंट अथॉरिटी जून में ही 35 करोड़ रुपये के इस प्रॉजेक्ट को मंजूरी दे चुकी है। योजना का क्रियान्वयन एमएमआरडीए करेगी। योजना के तहत मच्छीमार नगर, कोलाबा से गिरगांव चौपाटी तक मरीन ड्राइव का कायाकल्प किया जाना है। मरीन ड्राइव मेक ओवर प्रॉजेक्ट की शुरुआत 2004 में हुई थी। इसका कुछ हिस्सा पूरा हो चुका है। चीफ सेक्रेटरी जे. के. बांठिया के नेतत्व वाली मुंबई मेकओवर इंपावर्डँ कमिटी ने इसी वर्ष इसे हरी झंडी दिखाई है।

क्वींस नेकलेस के ठीक सामने गर्ल्स हॉस्टेल में रहने वाली स्टुडेंट कीर्ति दोडेजा अभी से यह फर्क महसूस करने लगी हैं, 'पेड़-पौधे तराशे हुए हैं, उन्हें वक्त से पानी दिया जाता है, बैठने के लिए ज्यादा जगह है और साफ-सफाई भी बेहतर है। बस, कुछ डस्टबिन और चाहिए। और हां, भद्दे दिखते इन विज्ञापनों और स्टिकरों का भी कोई इंतजाम किया जाना चाहिए।'
मरीन ड्राइव सागर की उत्ताल फेनिल तरंगों, ताजा हवा और दूर तक चले गए ताड़ के वक्षों की संगत में विशाल प्रमनेड पर चहलकदमी करने, सूर्यास्त का मोहक नजारा देखने और चौपाटी की मशहूर भेल चाट खाने की तफरीहगाह ही नहीं है, न है केवल भीमकाय होर्डिंग्ज, लकदक होटेल्स, फैंसी कारों और जलती-बुझती नियॉन लाइटों की ऐशगाह। बाबुलनाथ और मलबार हिल को जोड़ने वाली यह C शेप्ड लोकेलिटी देश के मशहूर सिलेब्रिटीज का बसेरा है और देश का सबसे महंगा बिजनेस डिस्ट्रिक्ट। यह इंप्रेस कोर्ट जैसी 39 सौंदर्यशाली आर्ट डेको और विक्टोरियन गोथिक बिल्डिग्ज और तारापोर एक्वेरियम का घर भी है। समुद्र को पाटकर बनाई गई यह प्राकतिक खाड़ी इंडियन एयरफोर्स के एयरशो, इंडियन नेवी की इंटरनैशनल फ्लीट रिव्यू और फ्रेंच फेस्टिवल जैसे भव्य इवेंट्स का ठिकाना रही है। देश और दुनिया भर की नामचीन शख्सियतों के साथ मुंबई मैराथन जैसी इंटरनैशनल मैराथन हर साल इसकी चौड़ी-चकली छाती पर से होकर गुजरती है। 1999 से यह मुंबई की हेरिटेज लिस्ट का भी अंग है।

Wednesday, October 23, 2013

मुसलमानों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आठ से 10 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश

 महाराष्ट्र सरकार की डॉ. महेमुदूर रहमान कमिटी ने राज्य में मुसलमानों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आठ से 10 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश की है। समिति की रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को सौंपी गई। मुसलमानों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन का कारणों का पता लगाने के लिए समिति का गठन दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के कार्यकाल में किया गया था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, समिति ने सरकारी नौकरियों में मुस्लिम युवकों की स्थिति, दलित मुसलमानों के हालात, वक्फ बोर्ड की जमीन पर प्राइवेट कब्जे की समस्या और समुदाय के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन की वजह जैसे मुद्दों पर अपनी सिफारिशें दी हैं। डॉ. रहमान ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री चव्हाण को अपनी 200 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी, तब अल्पसंख्यक विकास मंत्री आरिफ नसीम खान और अल्पसंख्यक विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. एफ. थेक्केकारा साथ थीं।
मई 2008 में केंद्र सरकार के रिटायर्ड सेक्रेटरी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. रहमान की अध्यक्षता में 'स्टडी ग्रुप' का गठन किया था। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) के प्रो डॉ. अब्दुल शबान, सर सैय्यद कॉलेज (औरंगाबाद) के पूर्व प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद तिलावत अली, निर्मला निकेतन की डेप्युटी प्रिंसिपल डॉ. फरीदा लांबे, टीआईएसएस की प्रो. डॉ. राणू जैन, एसएनडीटी वीमेंस यूनिवर्सिटी की प्रो. विभूती पटेल व डॉ. वीणा पुनाचा सदस्य के तौर पर शामिल थे।

Friday, October 18, 2013

सचिन तेंडुलकर को डब्बावाले उन्हें अपनी तरह की सलामी देंगे

सचिन तेंडुलकर 14 नवंबर को वानखेड़े स्टेडियम में जब अपने करियर का 200वां और अंतिम टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे, तब मुंबई के डब्बावाले उन्हें अपनी तरह की सलामी देंगे। यह पहला मौका होगा, जब 100 के करीब डब्बावाले अपना काम छोड़कर स्टेडियम पहुंचेंगे। नूतन मुंबई टिफिन बॉक्स सप्लायर्स (एनएमटीबीएसटी) के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने कहा, ''50 से 100 डब्बावाले दैनिक काम से कुछ दिनों की फुर्सत लेकर स्टेडियम पहुंचेंगे और क्रिकेट से संन्यास ले रहे महान सचिन को अपनी सलामी पेश करेंगे।'' 
तालेकर ने कहा कि डब्बावाले बीते 123 साल से मुंबई की सेवा कर रहे हैं और सचिन लगभग तीन दशक से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रहे हैं, ऐसे में डब्बावाले सचिन को मुंबई का प्रतीक मानने लगे हैं। तालेकर ने कहा,''सचिन मुंबई की पहचान हैं। उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है। हम इस महान क्षण में सचिन को सलामी देना अपनी ड्यूटी समझते हैं।'' डब्बावाले अपने पैसों से 14 से 18 नवंबर तक वेस्टइंडीज के साथ खेले जाने वाले टेस्ट मैच के लिए टिकट खरीदेंगे।
 
इस मैच में सचिन की मां भी उपस्थित रहेंगी। सचिन की मां पहली बार कोई मैच देखने जाएंगी। तालेकार ने कहा कि डब्बावाले सचिन के सम्मान में बैनर लिए रहेंगे और उन्हें एक टिफिन (डब्बा) भी भेंट करने का फैसला किया गया है। इस तरह का डब्बा ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स को भी भेंट किया जा चुका है। मुंबई में लगभग 5000 डब्बावाले काम करते हैं। ये शहर भर में काम कर रहे लोगों तक लगभग 20,000 टिफिन पहुंचाते हैं। खास बात यह है कि सबके टिफिन उनके दफ्तरों तक साल के 365 दिन समय से और सुरक्षित पहुंचते हैं।

Tuesday, October 15, 2013

अंतिम टेस्ट मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में

 मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर अपने करियर का 200वां और अंतिम टेस्ट मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलेंगे। इसका फैसला मंगलवार को बीसीसीआई की बैठक में लिया गया। गौरतलब है कि संन्यास की घोषणा के वक्त सचिन ने मुंबई में आखिरी मैच खेलने की इच्छा जताई थी। संन्यास की घोषणा के वक्त सचिन ने कहा था कि वह अपनी मां को स्टेडियम की दर्शक दीर्घा में देखना चाहते हैं। सचिन की मां अस्वस्थ रहती हैं और हमेशा वील चेयर पर ही चलती हैं और आज तक उन्होंने सचिन का कोई मैच स्टेडियम में नहीं देखा है। 

राजीव शुक्ला की अगुवाई वाली बीसीसीआई की कार्यक्रम समिति की मंगलवार को हुई बैठक में सीरीज का कार्यक्रम तय किया गया। वेस्ट इंडीज को भारत के साथ 2 टेस्ट मैच खेलने हैं। शुक्ला ने कहा कि समिति ने आखिरी टेस्ट उसी मैदान पर खेलने की तेंडुलकर की इच्छा मानने का फैसला किया जहां से उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
 

कोलकाता के ईडन गार्डन पर 6-10 नवंबर तक सीरीज का पहला टेस्ट खेला जाएगा। बीसीसीआई की रोटेशन नीति के तहत अगला मैच बेंगलुरु या अहमदाबाद को मिलना था, लेकिन वानखेड़े को 'आउट ऑफ टर्न' टेस्ट दिया गया। दूसरा टेस्ट 14-18 नवंबर तक खेला जाएगा। इसके बाद 21, 24 और 27 नवंबर को 3 वनडे मैच भी खेले जाने हैं। पहले 2 वनडे क्रमश: कोच्चि और विशाखापत्तनम में होंगे, जबकि तीसरे वनडे पर अभी फैसला नहीं हुआ है। शुक्ला के अनुसार आखिरी वनडे कानपुर या बड़ौदा में खेला जाएगा। बीसीसीआई तेंडुलकर को भव्य विदाई देने की योजना भी बना रहा है। गौरतलब है कि तेंडुलकर ने पिछले सप्ताह 200वें टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया था।

Friday, October 11, 2013

७ वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार

 कल्याण में एक 70 वर्षीय व्यक्ति द्वारा एक ७ वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार की कोशिश का मामला सामने आया है। यही नहीं, जब पीड़ित लड़की किसी प्रकार बुजुर्ग के चुंगल से भाग मां को घटना की जानकारी दी और जब उसकी मां ने आरोपी से जवाब-तलब करने गई, तो आरोपी ने उल्टा पीड़ित की मां को धमकाया।
घटना कल्याण के रामबाग इलाके की है, जहां आरोपी सहाजी बोडके अकेले रहता है और उसने अपनी बिल्डिंग की रहने वाली सात वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार करने की कोशिश की। जब पीड़ित की मां आरोपी से पूछताछ करने गई, तो उसने उसे धमकाया, जिसके बाद महिला ने बेटी के साथ रेप की कोशिश की जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित की मां ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार की कोशिश और धमकाने का मामला दर्ज कराया है। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी तलाश महात्मा फुले पुलिस कर रही है।


Tuesday, October 8, 2013

जस्ट डायल में फोन करने के बाद लोगों को लूटता था

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है , जो जस्ट डायल में फोन करने के बाद लोगों को लूटता था। क्राइम ब्रांच ने इस रैकेट के जिन दो लोगों को अरेस्ट किया है, उनके नाम हैं - दर्शन घोसालकर और विक्रम सरागे।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, इन दोनों में से एक ने कुछ दिन पहले जस्ट डायल में फोन किया कि इन्हें शूटिंग के लिए किराए पर एक कैमरा चाहिए। कुछ मिनट बाद फोन करनेवाले को एक कैमरामैन का नंबर दे दिया गया । गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने इस कैमरामैन को एक खास जगह बुलाया और इधर-उधर की शूटिंग करवाता रहा।
बाद में दोनों आरोपियों ने उसे किसी होटेल में चाय का ऑफर दिया और फिर चाय पिलाने के बाद बातें करते करते एक आरोपी कैमरामैन को होटेल के बाहर ले गया, जबकि दूसरे ने इस बीच बहुत होशियारी से कैमरा गायब कर दिया। कुछ सेकंड में कैमरामैन के साथ खड़ा आरोपी भी हल्के से वहां से निकल लिया।

Thursday, October 3, 2013

फाइल प्रक्रिया पूरी की तभी तो बजट में 1.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सका

डॉकयॉर्ड के जिस इमारत ने 61 लोगों को निगललिया , उसी की रिपेयिरंग के लिए बीएमसी ने इस साल केबजट में 1.25 करोड़ रुपये प्रावधान किया था। किंतु बजटपारित होने के छह महीने के बाद भी कुछ नहीं किया गया।रिपेयिरंग का प्लान तो बनाया ही नहीं जा सका। ऐसे मेंनिविदा प्रक्रिया तो शुरू करना दूर की बात है। अब सवाल उनउन्हीं लोगों पर उठाया जा रहा है। इस बात को खंगाला जारहा है कि किस विभाग ने कितने दिनों तक फाइलें रोकी। 
जुलाई
 2011 के आसपास मार्केट विभाग निरीक्षक जमाल काजी ने ई वॉर्ड और मार्केट विभाग को पत्र लिखकरबिल्डिंग की सख्त रिपेयरिंग की आवश्यकता बताई थी। ई वॉर्ड ने इमारत का मुआयना करने के बाद तत्कालबिल्डिंग खाली करने के लिए कहा। उस बाबत मार्केट विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर चंद्रशेखर चोरे और प्लानिंगएंड डिजाइन ( पीऐंडडी ) को विस्तार लिखित जानकारी दी गई। बिल्डंग खाली कराने के लिए चोरे ने मार्केटविभाग के दो अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। ताकि , पीऐंडडी और वॉर्ड नियमित उन दोनों से संपर्क कर सके।करीब छह - सात महीने बीतने के बाद पीऐंडडी के अधिकारियों ने दौरा किया। उसके बाद ही इमारत केरिपेयिरंग हेतु सलाहकार नियुक्ति किया। 
इस
 पूरी कहानी में प्लानिंग विभाग को कटधरे में खड़ा किया जा रहा है जबकि प्लानिंग विभाग के लोग बताते हैं कि सिविल वर्क्स हेतु 1.76 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया और बिजली के खर्च की लागत तय करने लिए उसविभाग को भेज दिया। उसके बाद से ही रिपेयिरंग की वह फाइल कभी यहां तो कभी वहां धूमती रही। इसी बीचसाल 201314 के बजट में उस इमारत की रिपयरिंग हेतु 1.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। प्लानिंगविभाग के लोग कहते हैं कि हमारे उपर आरोप लगाया जा रहा है कि हमने फाइल रोकी पर असलियत यह है किपीऐंडडी ने फाइल प्रक्रिया पूरी की तभी तो बजट में 1.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सका , वर्ना यहरकम किस आधार पर तय किया गया ? 
बिल्डिंग
 गिरने की घटना के दौरान एक अजीब पहलू दिखाई दिया जिसे लेकर पुलिस ने भी उंगली उठाई है।शुक्रवार की भोर में बिल्डिंग गिरीऔर सोमवार की सुबह तक बचाव कार्य चलता रहा। यानी एक तरफ बचावकार्य चल रहा है तो दूसरी तरफ बचाव कार्य की उपेक्षा करते हुए उपअधीक्षक बी़ सी़ चव्हाण शिवडी पुलिसस्टेशन में जाकर उस इमारत के डेकारेटर पर एफआईआर दर्ज करा रहे थे। बीएमसी की यह जल्दबाजी भी गलेनहीं उतरी। उल्टे शिकायत करने वाले चव्हाण को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डेप्युटी पुलिस कमिश्नरतानाजी घाडगे द्वारा जल्दबाजी में शिकायत दर्ज करने की बाबत सवाल उठाया गया है। उनका कहना है कि होसकता है कि पुलिस को मिसगाइड करने के लिए बीएमसी कर्मियों ने एफआईआर दर्ज कराया हो।