Sunday, November 18, 2012

मौत ही उसकी जिंदगी का पैमाना होती है।


अपने जीवन काल में ही किवदंती बन चुके बालासाहेब ठाकरे की मौत ने उनके कद को अतुलनीय रूप से ऊंचा कर दिया और साबित कर दिखाया कि किसी की मौत ही उसकी जिंदगी का पैमाना होती है।
शाम 6 बजे राजकीय सम्मान के साथ मातमी बिगुल बजने और चंद मिनटों बाद मंत्रोच्चार के बीच जब उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन होने लगा तो ऐसा लगा कि बगल में हरहराता कर हिलोरें मारता समंदर भी शांत होकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहा हो। बगल में ही ढल रहे सूरज ने भी मानो अपनी गति रोक ली थी और सिंदूरी शाम बाला साहेब की चिताग्नि से और भी दैदीप्यमान हो चली थी

Thursday, November 15, 2012

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे की हालत अभी भी स्थिर

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे की हालत अभी भी स्थिर बनी हुई है। गुरुवार रात 11 बजे बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी रश्मि और बेटे आदित्य के साथ मातोश्री के बाहर आए और समर्थकों से मराठी में कहा, 'यह आपकी दुआओं का असर है कि बाला साहेब की हालत स्थिर बनी हुई है। आगे भी उन्हें आपकी दुआओं की जरूरत है।'
शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे की हालत को लेकर उनके करीबियों के बयान हैं कि ठाकरे की हालत में अब सुधार हो रहा है लेकिन, निश्चित तौर पर, राज्य में सबकुछ ठीकठाक नहीं है। ठाकरे की नाजुक हालत के मद्देनजर किसी भी 'अनिष्ट' की आशंका के मद्देनजर मुंबई में हालात सामान्य नहीं हैं और चारों ओर कर्फ्यू का सा माहौल है

Sunday, November 11, 2012

कुछ दिनों से बीमार चल रहे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे


 पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के स्वास्थ्य पर डॉक्टरों का एक दल लगातार नजर रख रहा है। ठाकरे के करीबी एक सूत्र ने बताया कि डॉक्टरों का एक दल और कुछ चिकित्सा कर्मी ठाकरे के निवास 'मातोश्री' में मौजूद हैं और शिवसेना प्रमुख के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं। 
उन्होंने बताया 'करीब छह नर्स हर पल ठाकरे के स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही हैं। शिवसेना प्रमुख का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।' महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने लोगों से अपील की है कि वे बाल ठाकरे के स्वास्थ्य के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें। राज ठाकरे कल अपने बीमार चाचा को देखने गए थे। उन्होंने कहा था 'चिंता की कोई बात नहीं है। बाल ठाकरे ने मुझसे मातोश्री आने को कहा था।' राज ठाकरे के अलावा, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी अपने पति के साथ ठाकरे का स्वास्थ्य का हालचाल जानने के लिए उनके आवास गई थीं। 

Tuesday, November 6, 2012

कुप्रबंधनके लिए बीएमसी की नाकामी को दोष


 मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली बीएमसी काकरीब 700 एमएलडी पानी लीकेज के चलते जाया हो जाताहै। इस लीकेज का लगभग 20 फीसदी पानी टैंकर माफियों कोबीएमसी अधिकारियों के सहयोग से पहुंचाया जाता है। यहआरोप लगाए हैं ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ)नामक संस्था ने। संस्था ने एक रिसर्च रिपोर्ट जारी कर कहा हैकि बीएमसी का जितना पानी सिर्फ लीकेज और चोरी मेंबर्बाद हो जाता है, उससे कहीं कम पुणे महानगरपालिका केलोगों के लिए आपूर्ति की जाती है। पुणे को प्रतिदिन 650एमएलडी पानी आपूर्ति होती है।

ओआरएफ के रिसर्चर धवल देसाई ने कहा कि बीएमसी की मांग व आपूर्ति में इस वक्त 700 एमएलडी की कमीहै। 2021 तक मुंबई की मांग तकरीबन 5000 एमएलडी पानी की होगी। देसाई ने पानी आपूर्ति के इस कुप्रबंधनके लिए बीएमसी की नाकामी को दोष दिया है। सोमवार को ओआरएफ की ओर से 'क्या मंुबई के पास पर्याप्तपानी है' के विषय पर सेमिनार हुआ। मुंबई के पानी आपूर्ति पर रिसर्च करने वाले देसाई ने लीकेज और पाइपफूटने, फ्लो मीटर्स, प्रबंधन में बदलाव, पानी की रीसाइकलिंग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और लोगों को जागरूक करनेजैसी मूलभूत चीजों पर जोर देने की मांग प्रशासन से की है।

Wednesday, October 31, 2012

मराठा आरक्षण


 आरपीआई नेता रामदास आठवले के मंच से महाराष्ट्रके वरिष्ठ मंत्री पतंगराव कदम और विपक्ष के नेता विनोदतावडे ने ' मराठा आरक्षण ' के पक्ष में एकसाथ ' हुंकार 'भरकर राजनीतिक गलियारों को आश्चर्य में डाल दिया है। 'अखिल भारतीय मराठा महासंघ ' और ' छावा ' जैसे आक्रामकमराठा संगठनों ने मंगलवार को दलित नेता आठवले के नेतृत्वमें आरक्षण के लिए लड़ने की घोषणा कर दी। इस अप्रत्याशितसमर्थन से उत्साहित आठवले ने राज्य में 35 से 40 प्रतिशतजनसंख्या रखने वाले और राजनीतिक तौर पर सशक्त मराठासमुदाय के लिए उग्र आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। 
महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक गणित में उलटफेर करने की क्षमता रखने वाली ' मराठा - दलित एकता 'का अनोखा सिंहनाद मंगलवार को प्रभादेवी स्थित ' रवींद्र नाट्यमंदिर ' सभागार में देखने को मिला। ' अखिलभारतीय मराठा महासंघ ' के अध्यक्ष शशिकांत पवार व सुरेश पाटील , माथाडी नेता बाबूराव रामिष्टे , ' मराठामहासंघ ' के दिलीप जगताप , ' छावा ' के गंगाधर कलकुटे , ' मराठा आरक्षण संघर्ष समिति ' के सुरेशदादापाटील , वरिष्ठ पत्रकार अभिजीत राणे जैसे मराठा दिग्गजों ने एक सुर से दलित नेता आठवले की अगुवाई साथमिलकर संघर्ष करने की घोषणा मंच से की। 

Sunday, October 21, 2012

महज 4 फैक्ट्री इंस्पेक्टर हैं, जिन पर 2500 कंपनियों के इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी है


क्या सरकार कंपनियों में हो रहे हादसे को रोकने के लिए गंभीर है? यह सवाल खड़ा उठ रहा है डोंबिवली के आरती इंडस्ट्रीज में हुए हादसे के बाद। कंपनियों के सर्वेक्षण के लिए सरकार ने 625 कंपनियों के पीछे महज एक फैक्ट्री इंस्पेक्टर रखा है। 

कल्याण में महाराष्ट्र सेफ्टी ऐंड हेल्थ डिपार्टमेंट के ऑफिस के पास महज 4 फैक्ट्री इंस्पेक्टर हैं, जिन पर 2500 कंपनियों के इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी है। वहीं, डोंबिवली में विक्रम कांतवर नामक जांच अधिकारी के पास 625 कंपनियों के इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी है, जिसमें 85 प्रतिशत कंपनियां केमिकल से जुड़ी हैं। 

एक अधिकारी ने बताया कि उनके डिपार्टमेंट ने सरकार से कई बार स्टाफ को बढ़ाने की मांग की, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। एक कंपनी के इंस्पेक्शन के लिए अधिकारी को पूरा दिन लग जाता है। इसके अलावा उन्हें कंपनी से संबंधित कोर्ट केस का काम रहता है। ऐसे में, इंस्पेक्शन कर घटना से पहले हादसा टाल सकना किसी सपने से कम नहीं!

Friday, October 12, 2012

उनके लिए कोई न कोई मकान-प्लॉट तो ढूंढ ही निकालेंगे।


हर तरह से काबिल होने के बावजूद अपनी मनपसंद जगह परआमिर खान को बंगला नहीं मिल पा रहा है। जानकार इसेरीयल एस्टेट के काले धंधे से जोड़कर देख रहे हैं और उनकाकहना है कि अगर आमिर ने अपने 'परफेक्शनिस्ट' के सिद्धांतोंसे समझौता किया होता तो वह अब तक नई इमारत में शिफ्टहो चुके होते। आज रीयल एस्टेट संबंधी हर लेन-देन में 'कैश'का 50 फीसदी इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही कई दफाप्रॉपर्टी के टाइटल में भी दिक्कत होती है। आमिर को यह बातबखूबी मालूम है और वह इस तरह कोई झमेला मोल लेनानहीं चाहते हैं।

कई फिल्म स्टारों को फ्लैट और प्लॉट दिला चुके एक ब्रोकर ने बताया, 'कोई जरूरी नहीं कि आमिर को प्लॉट हीमिले, अगर कोई पुराना बंगला या इमारत मिल जाती है तो भी वह खरीदने को तैयार हैं और फिर उसका अपनेहिसाब से रीडिवेलपमेंट कराकर उसमें अपना काम-काज शिफ्ट करना चाहते हैं। इसमें पैसा मुद्दा नहीं है, मुद्दा हैतो सही ट्रांजैक्शन का। उन्होंने कहा कि आमिर की सख्त हिदायत है कि उन्हें प्लॉट का टाइटल एकदम क्लियरचाहिए। उनके लिए प्लॉट ढूंढ रहे इस ब्रोकर ने कहा, 'हमने हिम्मत नहीं हारी है। उनके लिए कोई न कोई मकान-प्लॉट तो ढूंढ ही निकालेंगे।

पिछले कुछ सालों में सफलता की सीढ़ियां चढ़े आमिर खान का बिजनेस और इसका मॉडल दोनों बढ़ा है औरइसकी डिमांड को पूरा करने के लिए उन्होंने बांद्रा में ही एक बंगला बनाने का फैसला किया, जहां से वह अपनीफिल्मों और प्रॉडक्शन का काम-काज संभाल सकें। ब्रोकर के मुताबिक, 'उनकी चाहत है कि उन्हें कोई प्लॉट पेरीक्रॉस रोड स्थित सचिन तेंडुलकर के घर के आस-पास ही मिले, लेकिन जिस तरह से सचिन बिना ओसी केपजेशन के पचड़े में पड़ गए थे, वैसा कोई बवाल उनके साथ ना हो।

गौरतलब है कि आमिर खान फिलहाल बांद्रा के यूनियन पार्क के मरीना अपार्टमेंट में रहते हैं। सूत्र बताते हैं कियह अपार्टमेंट भी कम बड़ा नहीं है, लेकिन आमिर अपने प्रॉडक्शन हाउस के लिए अब एक अलग से डेडीकेटेडबंगला या इमारत चाहते हैं।