Monday, January 10, 2011

मतभेद भुलाकर शिवसेना ने एक बार फिर एमएनएस का साथ

एमएनएस के साथ अपने राजनीति मतभेद भुलाकर शिवसेना ने एक बार फिर एमएनएस का साथ दिया है। एमएनएस के विधायक हर्षवर्घन जाधव की पिटाई करने वाले पुलिस वालों की शिवसेना ने कड़ी आलोचन की है। शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एमएनएस के विधायक जाधव पर लाठियां भांजने वाली पुलिस को नक्सल ग्रस्त क्षेत्रों में भेजने की मांग की है। श्री ठाकरे ने कहा कि राज्य में जब विधायक के साथ पुलिस का यह रवैया है तो आम आदती का क्या हाल होगा। शनिवार को सेना भवन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुलिस ने जाधव की इस तरह से पिटाई कि जैसे वे कोई लुटेरे हो। पुलिस के इस गंुडागिरी की शिवसेना निंदा करती है। श्री ठाकरे ने जाधव की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने का अधिकार पुलिस को नहीं है। शिवसेना पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के औरंगाबाद दौरे के दौरान पुलिस ने एमएनएस के विधायक हर्षवर्धन जाधव की पिटाई कर दी। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों के चलते जाधव की गाड़ी रोकी गई थी मगर उन्होंने एक पुलिस उप निरीक्षक पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। फिलहाल गृह विभाग ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट औरंगाबाद के पुलिस महानिरीक्षक से मांगी है।

Wednesday, January 5, 2011

बैग में बम की आशंका

शाहपुर तालुका के आदिवासियों को कुछ दानवीरों ने ठंडी से बचने के लिए इंपोर्टेड ब्लैंकेट वितरित किया। लेकिन , उस ब्लैंकेट के बैग में बम की आशंका के चलते आदिवासियों ने उसे गांव के बाहर फेंक दिया। बम के चक्कर में उस समय आदिवासियों में अफरा - तफरी मच गई और पुलिस के आने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली। मालूम हो कि शाहपुर तालुका के टाकीपठार के करपटवाडी के आदिवासी इलाके में ठंडी से बचने के लिए गरीब आदिवासियों को कुछ लोगों ने यूएसए का वार्मिंग इंपोर्टेड ब्लैंकेट वितरित किया। इंपोर्टेड ब्लैंकेट देने वालों में दो महिलाओं सहित चार पुरुष भी शामिल थे। लेकिन , उनमें से किसी ने भी आदिवासियों को यह नहीं बताया कि इस बैग में ठंड से बचने के लिए ब्लैंकेट रखा गया है। बैग में ब्लैंकेट के अलावा पेंसिल सेल सहित कई जरूरी सामग्री भी थी , जिसे आदिवासियों ने बम समझ लिया। इस आशंका के चलते आदिवासियों ने महंगे इंपोर्टेड ब्लैंकेट को गांव के बाहर ले जाकर फेंक दिया। आदिवासियों में घबराहट के चलते अफरा - तफरी मच गई। बम सूचना मिलते ही वहां स्थानीय पुलिस पहुंची और जब बैग खोलकर देखा गया , तो उसमें इंपोर्टेड वार्मिंग ब्लैंकेट व दैनिक उपभोग से जुड़ी अन्य वस्तुएं मिलीं। पुलिस की जांच पड़ताल के बाद आदिवासियों ने राहत की सांस ली।

Monday, January 3, 2011

काफी सुर्खियों वाला साल


बीता साल मुंबई तथा महाराष्ट्र के लिए काफी सुर्खियों वाला साल रहा। साल 2010 में 26/11 हमलों के आरोपी अजमल आमिर कसाब, 11 जुलाई को हुए ट्रेन विस्फोट के 13 संदिग्धों और अभिनेता शाइनी आहूजा पर लगे दुष्कर्म के मामले सुर्खियों में रहे। दूसरी ओर अभिनेता जॉन अब्राहम को दोषी ठहराए जाने, आदर्श सोसाइटी मामला, क्रिकेट बोर्ड और आईपीएल के निलंबित आयुक्त ललित मोदी के बीच मामला, बीसीसीआई की किंग्स इलेवन और राजस्थान रॉयल्स पर कार्रवाई भी खासी चर्चा में रही। गुजरे साल में तीन मई को एक मुकदमा अदालत ने कसाब को दोषी ठहराया, जिसके तीन दिन बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई। कसाब ने इस सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। सरकार ने इस मामले में दो अन्य भारतीय आरोपियों फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को रिहा करने के खिलाफ अपील दायर की। अदालत में इस समय कसाब को मौत की सजा की पुष्टि और इन दोनों के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई हो रही है। इसके अलावा एक विशेष मकोका अदालत ने 11 जुलाई, 2006 को ट्रेनों में हुए शृंखलाबद्ध धमाकों के मामले में लश्कर और सिमी के 13 संदिग्ध सदस्यों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया। जुलाई, 2006 को 10 मिनट के भीतर पश्चिमी रेलवे की सात लोकल ट्रेनों के प्रथम श्रेणी कंपार्टमेंट में धमाके हुए थे। अपनी घरेलू नौकरानी से कथित दुष्कर्म के मामले का सामना कर रहे शाइनी आहूजा के मामले में सात सितंबर को तब अचानक मोड़ आ गया, जब नौकरानी अपने बयान से पलट गई। उसने कहा कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ ही नहीं और पुलिस ने झूठा मामला दर्ज किया। ऐसे ही दूसरे मामले में एक सत्र अदालत ने एक अमेरिकी नागरिक और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में छह युवकों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दुर्घटना के एक मामले में अभिनेता जॉन अब्राहम को 15 दिन की सामान्य कैद की सजा दी गई। इस सड़क दुर्घटना में दो लोग घायल हो गए थे। बीते साल मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट का मुकदमा भी चर्चा में रहा। एक विशेष मकोका अदालत ने 2009 में आरोपियों के खिलाफ मकोका आरोप हटा दिए थे, जिसके बाद यह मामला नासिक की सत्र अदालत में स्थानांतरित किया गया। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित पर भी आरोप हैं। आदर्श सोसाइटी हाउसिंग घोटाले ने भी इस साल प्रदेश को हिला दिया। इस घटना ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को कुर्सी से हटा दिया। इस बीच हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई , जिसमें कथित अनियमितताओं पर सीबीआई जांच की मांग की गई। याचिकाकर्ता सिमप्रीत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में एक शिकायत दायर की थी , पर उनका कहना है कि ब्यूरो ने अब तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की। सीबीआई और सरकार दोनों ने जांच की प्रगति पर हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगा , जिसके चलते अदालत ने मामले की सुनवाई को 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। एक और जनहित याचिका की सुनवाई के तहत बॉम्बे हाई कोर्ट ने 27 दिसंबर को टीवी शो ' बिग बॉस ' के प्राइम टाइम पर प्रसारण को अनुमति दे दी।

नववर्ष आपको मंगलमय हो

नववर्ष आपको मंगलमय हो, जीवन पथ पर ज्योतिर्मय जय हो
सत्य न्याय और प्रेम पताका, सुगंध सुवासित नूतन किसलय हो
रहे कोई न शत्रु जग में, हे प्रभुराम प्रेममय जग हो
विपुल कीर्ती भारत की होवे, उच्च तिरंगा प्रखर अमर हो
कर जोर पुन: विनती करता, नववर्ष आपको मंगलमय हो

Wednesday, December 22, 2010

आतंकवादी मुंबई में घुस आए

केंद्र ने मंगलवार को मुंबई पुलिस को क्रिसमस और नए साल पर संभावित आतंकवादी ह मले होने की आशंका के मद्देनजर खास अलर्ट भेजा है। यह अलर्ट आईबी की इस सूचना के बाद जारी किया गया कि लश्कर के कुछ आतंकवादी मुंबई में घुस आए हैं और वे अगले दस दिनों में मुंबई में हमला या ब्लास्ट कर सकते हैं। इसी तरह का अलर्ट अहमदाबाद पुलिस को भी जारी किया गया है। केंद सरकार ने मुंबई पुलिस को सूचित किया है कि इस बार हमले किसी चर्च के पास हो सकते हैं, इसलिए केंद के ताजा इनपुट के बाद मुंबई के सभी प्रमुख चर्च के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस हेर्डक्वाटर को उड़ाने की आशंका का भी अलर्ट जारी किया गया है। यहां बताना जरूरी है कि डेविड हेडली ने एफबीआई को दिए बयान में इस बात का खुलासा किया था कि 26/11 को लश्कर आतंकवादी रात के बजाए यदि दिन में मुंबई आते, तो उन्हें पुलिस हेडक्वार्टर के अंदर भी घुसकर फिदायीन हमले करने का निर्देश था। आईबी की ताजा टिप के बाद मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ताज और ट्राइडेंट होटल के बाहर भी गश्त तेज कर दी गई है, क्योंकि ताजा सूचना में इन होटलों पर फिर आतंकवादी हमले की आशंका व्यक्त की गई है। यों तो क्रिसमस और नए साल पर मुंबई में किसी आतंकवादी हमले की आशंका से जुड़ा अलर्ट हर साल केंद द्वारा जारी किया जाता है, लेकिन इस बार मुंबई पुलिस इस अलर्ट को इसलिए गंभीरता से ले रही है, क्योंकि पिछले पखवाड़े ही मुंबई क्राइम ब्रांच ने आईएसआई एजेंट जफूर मोजावाला को मझगांव से गिरफ्तार किया था। उसने मुंबई में कई जगहों की रेकी की थी। पिछले महीने महाराष्ट्र एटीएस ने भी मुंबई से सटे ठाणे में लश्कर के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। एटीएस का दावा था कि ये दोनों मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर फिदायीन हमला करने वाले थे।

Tuesday, December 21, 2010

नवनिर्माण सेना के अध्य़क्ष राज ठाकरे सोमवार को अचानक बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में अवतरित

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्य़क्ष राज ठाकरे सोमवार को अचानक बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में अवतरित हुए। उन्हें देखकर बीजेपी के पदाधिकारियों में सनसनी फैल गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे वे पहुंचे तब बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सुधीर मुनगंटीवार, महासचिव विनोद तावडे, रघुनाथ कुलकर्णी और प्रवक्ता माधव भंडारी कार्यालय में थे। आने का मकसद बताते हुए राज ने कहा 'सामने एलआईसी के कार्लय का उद्घाटन करने आया था। पुराने दिन याद आ गए इसलिए चाय पीने चला आया।' फिर चाय के साथ गपशप का दौर चला। राज ने कहा प्रमोदजी थे तब मैं गपशप करने यहां आता करता था। माधव भंडारी ने बताया कि बाकी बातें इधर उधर की हुईं। आधे घंटे बाद राज चले गए। विनोद तावडे ने बताया कि बीजेपी राजनीतिक अस्पृश्यता में यकीन नहीं करती। अत: राज ने जब बीजेपी ऑफिस में आकर चाय पीने की इच्छा जताई तो हमने उनका स्वागत किया। हम सभी का स्वागत करते हैं और सभी से मिलने जाते भी है। हाल ही में छगन भुजबल आए थे, विलासराव भी आए थे। आने वालों का स्वागत करना शिष्टाचार है। राज ने नागपुर अधिवेशन के बारे में चर्चा की। राजनीतिक चर्चा कतई नहीं हुई, उनके और हमारे विचारों में अंतर है, मेल नहीं। उन्होंने भले राजनीतिक चर्चा नहीं की हो, राजनीतिक खेमे में उनकी भेंट चर्चा का विषय बनी। शिवसेना एवं बीजेपी के रिश्तों में पहले से तनाव व्याप्त है। जलगांव की विधानपरिषद सीट से बीजेपी के नेता एकनाथ खडसे के बेटे की हार के बाद युति में और तनातनी चल रही है। राज ठाकरे के कार्यक्रम के बाद शिवसेना के सांसद संजय राऊत और अन्य नेता यह पूछने के लिए एलआईसी के कार्यालय गए थे कि मनसे की यूनियन को जगह कैसे दी गई? पर शिवसेना के नेताओं ने बीजेपी कार्यालय की ओर रूख नहीं किया। शिवसेना से सतत तनावपूर्ण रिश्तों के कारण यह कयास लगता रहा है कि बीजेपी अब मनसे से गठबंधन करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही हैं। इस खबर का वह कई बार खंडन भी कर चुकी हैं। पर यह चर्चा ठंडी नहीं हुई है। सोमवार को राज की सरप्राइज भेंट ने इस कयास को और हवा दी है।

Monday, December 13, 2010

सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात

जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात कर उनसे
देश को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने के लिए अपनी अग्रणी भूमिका निभाने का अनुरोध किया। ठाकरे से मुलाकात के बाद स्वामी ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि यहां भ्रष्टाचार के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में भाग लेने के लिये विभिन्न दलों के साथ ही उन पार्टियों को भी शामिल करने की कोशिशें की जा रही हैं जो संप्रग का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाले की संयुक्त संसदीय दल से जांच कराने से महज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान होगा, जिसके चलते वह इस्तीफा दे सकते हैं।