Monday, October 11, 2010

शिवसैनिकों ने करीना कपूर को साड़ी भेजी


बॉलिवुड ऐक्ट्रिस करीना कपूर और शिवसेना के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है। जुबानी जंग को आगे बढ़ाते हुए शिवसैनिकों ने करीना कपूर को साड़ी भेजी है ताकि वह अपनी 'खुली पीठ' ढक सकें। करीना ने इसपर कोई कॉमेंट करने से मना कर दिया है। गौरतलब है कि कुर्बान फिल्म के पोस्टरों में खुली पीठ की वजह से शिवसेना ने करीना को निशाना बनाया था। शिवसैनिकों ने इन पोस्टरों पर अपना गुस्सा निकाला था और कुछ को साड़ी भी पहनाई थी। मुम्बई में पार्टी के नेता जितेंद्र जनावले ने कहा था कि हम जल्द करीना के घर जाकर उन्हें साड़ी भेंट करेंगे। इसके बाद करीना ने जवाबी हमला करते हुए कहा था कि उन्हें अभी तक साड़ी नहीं मिली है और उन्होंने जोर देकर कहा है कि अगर वे साड़ी भेजना चाहते हैं तो थोड़ा कायदे की और अच्छी भेजें।

Saturday, October 2, 2010

आज भी सत्य अहिंसा बेस्ट सेलिंग में हैं।

गांधी जी की हत्या के 62 साल बाद भी उनकी जीवनी 'बेस्ट सेलर' है। जिस समय देश हिंसा, भ्रष्टाचार और छल कपट के कारण त्राहिमाम कर रहा था उस समय गांधी जी की जीवनी ने सत्य अहिंसा का संदेश दिया। चकित करने वाली मगर खुशी की बात यह है कि आज भी सत्य अहिंसा बेस्ट सेलिंग में हैं। तभी तो गत वर्ष गांधी जी की जीवनी की 2 लाख 57 हजार प्रतियां बिकीं और इस साल अप्रैल से सितंबर 2010 के बीच जीवनी की करीब 1 लाख 40 हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। इस जीवनी का 12 भारतीय और 6 विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया है। सभी भाषाओं में गांधी जी की जीवनी की मांग दिनों दिन बढ़ रही है। अनुमान है कि मार्च 2011 तक इस पुस्तक की 3 लाख 50 प्रतियां बिक जाएंगी। 1084 में गांधी फिल्म के प्रदर्शन के बाद से इस पुस्तक की मांग बढ़ी और इसके बाद ही गांधी बुक सेंटर की स्थापना की गई। आज इस सेंटर में गांधी जी पर विभिन्न भाषाओं में 250 पुस्तकें उपलब्ध हैं। बीच गांधी जी विषयक पुस्तकों की मांग घटने लगी थी, मगर फिल्म 'लगे रहो मुन्ना भाई' के प्रदर्शन के बाद फिर से गांधी जी की जीवनी और उनसे संबंधित किताबों की मांग में जोरदार वृद्धि हुई।

Thursday, September 30, 2010

सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए संयुक्त बैठकें की जा रही हैं।

30 सितंबर को आने वाले बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि के फैसले के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है, वहीं दूसरी तरफ सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए संयुक्त बैठकें की जा रही हैं। गृह मंत्री आरआर पाटील ने प्रेस को बताया कि गणपति के लिए बुलाई गई केंद्रीय सुरक्षा बलों की आठ बटालियनों को फिलहाल रोका गया है और मुंबई की कानून-व्यवस्था के लिए तैनात की गई हैं। पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी समुदाय के लोगों और राजनीतिक दलों नेताओं से शांति और सद्भाव के लिए चर्चा की जा रही है। सभी ने शहर में हर कीमत पर शांति बनाए रखने का वादा किया है। पाटील ने कहा कि अयोध्या पर फैसला एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि किसी पक्ष को यह मंजूर नहीं तो सुप्रीम कोर्ट में कानून के दरवाजे खुले हैं। 30 सितंबर को आने वाला फैसला अंतिम नहीं है। इसलिए इस पर आंदोलित होने की जरूरत नहीं है। मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के लिए मूल रूप से धार्मिक स्थलों को वरीयता में रखा है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक हम सिर्फ बड़े धार्मिक स्थलों पर ही नहीं, छोटे-छोटे धार्मिक स्थलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात करेंगे, ताकि किसी अप्रिय घटना को होने से पहले ही वहीं रोका जा सके। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन पुलिसकर्मियों को भी बंदोबस्त पर बुलाया गया है, जिनका काम अब तक सिर्फ डिटेक्शन तक सीमित था। मीडिया को कोई गलत जानकारी न मिले, इसलिए फैसला किया गया है कि 30 सितंबर से मीडिया को एक आईपीएस रैंक का ऑफिसर हर दो-दो घंटों में संबोधित करेगा। मीडिया से भी अनुरोध किया गया है कि किसी खबर को चलाने से पहले वह पुलिस से कन्फर्म जरूर कर ले। मंगलवार से ही मुंबई में जगह-जगह नाकेबंदी शुरू कर दी गई। ज्यादातर होटलों व लॉजों की भी तलाशी ली जा रही है। यही नहीं, मुंबई में बाहर गांव से आनेवाली ट्रेनों के यात्रियों के सामानों की चेकिंग करने का भी फैसला किया गया है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अलग-अलग रीजन को मॉनिटर करने का जिम्मा आईजी रैंक के अधिकारियों को सौंपे जाने पर विचार चल रहा है। सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त संजीव दयाल पिछले कुछ दिनों में अपने अधिकारियों के साथ कई दर्जन मीटिंग कर चुके हैं।

Saturday, September 18, 2010

केवल 3 प्रतिशत एक्टिव होकर पुलिस को सूचना देने की जिम्मेदारी निभाते हैं।

79 प्रतिशत मुंबईकर किसी भी आतंकवादी हादसे की आशंका को लेकर अलर्ट रहते हैं, लेकिन इनमें से केवल 3 प्रतिशत एक्टिव होकर पुलिस को सूचना देने की जिम्मेदारी निभाते हैं। यह बात एक सर्वे में सामने आई है। प्रोटेक्शन सेल के डीआईजी नवल बजाज ने शुक्रवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। मुंबई पुलिस ने दस दिन पहले 'जागृत मुंबईकर' अभियान की शुरूआत की थी। श्री बजाज के मुताबिक शुरूआत में हमने गणेश मंडलों में 30 हजार और मुस्लिम इलाकों में 15 हजार पोस्टर लगाए। शहर में पांच हजार बैनर भी लगाए गए। अभियान की दूसरी कड़ी में पुलिस प्राइवेट सिक्युरिटी गार्ड्स, टैक्सीवालों और कोस्टल एरिया को ध्यान में रखकर अपना अभियान चलाएगी-खासतौर से टैक्सीवालों को जागरूक करने पर पुलिस का विशेष ध्यान है। यहां महत्वपूर्ण है कि 26/11 को समुद्र के रास्ते मुंबई आए आतंकवादियों ने बाद में अलग-अलग स्थानों पर जाने के लिए टैक्सियां की थीं। कुछ साल पहले गेट वे आफ इंडिया व मुंबा देवी के पास फटे बम भी टैक्सी में रखकर लाए गए थे। पुलिस का लक्ष्य है कि टैक्सीवालों को इस तरह जागरूक किया जाए कि सीट पर सामान रखने की जगह होने पर भी यदि कोई यात्री डिक्की या सीट के नीचे सामान रख रहा है, तो शक होने पर वह फौरन पुलिस को सूचित करे। इसी तरह एसी प्राइवेट टैक्सियों के अंदर वह मॉनिटर पर विज्ञापन के जरिए लोगों को जागरूक करेगी। पुलिस की योजना है कि वह हर 10 दिन में मुंबईकर को जागरूक करनेवाली 1 मिनट की डॉक्यूमेंटरी फिल्म की सीडी रिलीज करे। शुक्रवार को जिस फिल्म की सीडी दिखाई गई, उसका निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। पुलिस अपने इस प्रचार में बड़ी-बड़ी हस्तियों को शामिल करने की कोशिश कर रही है। इन हस्तियों में सचिन तेंडुलकर का भी नाम है।

Tuesday, September 14, 2010

राज ठाकरे ने सलमान खान का बचाव किया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई आतंकवादी हमले पर एक पाकिस्तानी चैनल को
दिए अपने विवादास्पद बयान को लेकर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे बॉलिवुड स्टार सलमान खान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को मीडिया ने तोड़ मरोड़ कर पेश किया। राज ने कहा, ' मैं समझता हूं कि उनके बयान को मीडिया ने तोड़ मरोड़कर पेश किया। उसी इंटरव्यू में सलमान ने मुंबई हमलों पर पाकिस्तान पर प्रश्न उठाया, लेकिन मीडिया ने उस पर चुप्पी साधे रखी। ' राज ठाकरे ने तीन हफ्ते पहले दिए बयान को ईद और गणेश चतुर्थी के मौके पर प्रसारित किए जाने पर भी संदेह जताया। इससे पहले मुंबई अटैक पर अपने विवादित इंटरव्यू के लिए बॉलिवुड ऐक्टर सलमान खान ने बिना किसी किंतु-परंतु के माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी चैनल को यह इंटरव्यू मैंने तीन सप्ताह पहले दिया था। ईद के मौके पर इसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बावजूद मेरे बयान से किसी को दुख पहुंचा है तो मैं माफी मांगता हूं।

Friday, September 10, 2010

बाजारों व दुकानों में गणेश भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है।

गोविंदा की टोलियां मटकियों को फोड़कर लौट चुकी हैं। श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद अब पूरे शहर पर श्री गणेश और उनके उत्सव का जुनून धीरे-धीरे चरम पर पहुंच रहा है। जो लोग अपने घरों में यह उत्सव मनाते हैं वे अब पूजा सामग्रियों को खरीदने लगे हैं। श्री मूतिर् का चुनाव कर लिया गया है। बस अब इंतजार है तो गणेश चतुर्थी के दिन का। बड़े और सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल पिछले एक-डेढ़ महीने से मंडप उभारने और सजावट करने में दिन-रात जुटे हुए हैं। बाजारों में गणेशोत्सव की सजावट से जुड़ी सामग्रियां बिकने के लिए गणेश भक्तों के इंतजार में हैं। पुलिस विभाग भी हर तरह की सुरक्षा को लेकर अपनी तैयारियों में व्यस्त है। सभी पुलिस कमिर्यों की छुट्टियों को घोषित-अघोषित तौर पर रद्द कर दिया गया है। श्री गणेश के आगमन के पूर्व घरों में रंग-रोगन और सफाई के काम अपने अंतिम चरण में हैं। जिनके मूल गांव में यह उत्सव मनाया जाता है वे या तो गांव के लिए निकल चुके हैं या फिर तैयारी में हैं। बाजारों व दुकानों में गणेश भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है।

Friday, September 3, 2010

मुंबई में 'गोविंदा' बने कई लोग घायल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दही की मटकी फोड़ने की रस्म पूरी करने के दौरान गुरुवार को समूचे
मुंबई में 'गोविंदा' बने कई लोग घायल हो गए। ये हादसे 'दही हांडी' तक पहुंचने के लिए मानव-मीनार बनाने के दौरान हुए। बृहन मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया, 'हमने अब तक 170 जख्मी गोविंदाओं को सरकारी अस्पतालों में भिजवाया। इनमें से 152 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। 18लोग अब भी अस्पतालों में हैं। उनमें से कुछ की हालत गंभीर है।' उन्होंने बताया, 'हमें अब भी और लोगों के घायल होने की सूचना फोन पर मिल रही है।' गौरतलब है कि दही हांडी समारोह इस वर्ष चरम पर पहुंच गया, क्योंकि कई स्थानों पर मटकी फोड़ने का इनाम 25 लाख रुपये रखा गया था।