Friday, August 6, 2010

पनवेल और विरार साइड में दो नई टाउनशिप बनाई जाएंगी।

महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की विभिन्न योजनाएं पूरी होने पर पनवेल और विरार साइड में दो नई टाउनशिप बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने सह्यादि अतिथिगृह में सिटीजन एक्शन ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक में यह बात कही। श्री चव्हाण ने कहा कि अगले पांच सालों में मेट्रो रेल, मोनो रेल, सी लिंक, ईस्टर्न फ्री वे और वाशी-पनवेल एक्सप्रेस-वे का काम पूरा होने पर दो नए शहर बसाए जाएंगे।

Monday, August 2, 2010

डिमांड में रहा माटुंगा स्थित रुइया कॉलेज और कल्याण का बिड़ला कॉलेज।

शुक्रवार को वेबसाइट पर मची अफरातफरी के बाद आखिरकार शनिवार को मुंबई एमएमआर रीजन के कॉलेजों ने अपनी बाइफोकल लिस्ट जारी कर दी। ऑनलाइन एडमिशन की इस कवायद में सबसे ज्यादा डिमांड में रहा माटुंगा स्थित रुइया कॉलेज और कल्याण का बिड़ला कॉलेज। इलेक्ट्रॉनिक्स में जहां रुइया का कट ऑफ 97.6 प्रतिशत रहा, वहीं बिड़ला कॉलेज में कंप्यूटर साइंस का कट ऑफ भी यही रहा। गौरतलब है, छात्रों के बीच इन दोनों विषयों की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इलेक्ट्रॉनिक्स में साठ्ये और रुपारेल इनसे बस कुछ ही पीछे रहे जहां क्रमश: 96.4 और 96 प्रतिशत पर आखिरी स्टूडेंट को एडमिशन मिला। ज्ञान साधना कॉलेज, ठाणे में कंप्यूटर साइंस का कट ऑफ सबसे कम-85 प्रतिशत रहा। मुंबई एमएमआर रीजन में बाईफोकल (वोकेशनल) वर्ग की कुल 12,530 सीटें उपलब्ध थीं जिनमें से 4,724 विभिन्न कोटे (माइनॉरिटी, मैनेजमेंट और पहले से टेक्निकल विषय लेकर पढ़े छात्रों के लिए) के लिए कॉलेजों ने अपने पास रिजर्व रखी थीं। शेष 7906 सीटें ऑनलाइन एडमिशन के लिए उपलब्ध थीं। पहली लिस्ट में 99 प्रतिशत यानी 7,860 सीटें भरी जा चुकी हैं। बची हुई 46 सीटों के लिए दूसरी लिस्ट 5 अगस्त को जारी की जाएगी। बाइफोकल की मैनेजमेंट कोटे की बची सीटें भी इसी दिन अलॉट होंगी।

Thursday, July 29, 2010

( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी

50 हजार लोगों को मुंबई के फुटपाथों पर स्टॉल लगाने की इजाजत देने की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी है। नगर विकास राज्य मंत्री भास्कर जाधव ने विधान सभा में स्पष्ट किया कि हॉकरों का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने और नई हॉकर्स नीति बनने के बाद ही सरकार इस पर कोई विचार कर सकती है। फुटपाथों पर पहले से ही चलने की जगह नहीं है, ऐसे में और लोगों को फुटपाथ पर बैठाना संभव नहीं है। हॉकर्स जोन के बनने पर ही यह संभव होगा। MNS के प्रवीण दरेकर ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि 50 हजार बेरोजगार युवकों को काम धंधे से लगाने के लिए मुंबै बैंक 5,000 करोड़ रुपये देने की इच्छुक है। शर्त ये है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर पालिका युवकों को रोजगार के लिए जगह उपलब्ध कराएं। बंद झुणका-भाकर पर निर्णय शीघ्र: 'झुणका भाकर योजना' के तहत शुरू किए गए जो केंद्र बंद पड़े हैं, उनके संबंध में सरकार एक माह में कोई निर्णय करेगी। विधान परिषद के उपसभापति वसंत डावखरे के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति मंत्री अनिल देशमुख ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक माह में निर्णय करेगी।

( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी

50 हजार लोगों को मुंबई के फुटपाथों पर स्टॉल लगाने की इजाजत देने की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी है। नगर विकास राज्य मंत्री भास्कर जाधव ने विधान सभा में स्पष्ट किया कि हॉकरों का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने और नई हॉकर्स नीति बनने के बाद ही सरकार इस पर कोई विचार कर सकती है। फुटपाथों पर पहले से ही चलने की जगह नहीं है, ऐसे में और लोगों को फुटपाथ पर बैठाना संभव नहीं है। हॉकर्स जोन के बनने पर ही यह संभव होगा। MNS के प्रवीण दरेकर ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि 50 हजार बेरोजगार युवकों को काम धंधे से लगाने के लिए मुंबै बैंक 5,000 करोड़ रुपये देने की इच्छुक है। शर्त ये है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर पालिका युवकों को रोजगार के लिए जगह उपलब्ध कराएं। बंद झुणका-भाकर पर निर्णय शीघ्र: 'झुणका भाकर योजना' के तहत शुरू किए गए जो केंद्र बंद पड़े हैं, उनके संबंध में सरकार एक माह में कोई निर्णय करेगी। विधान परिषद के उपसभापति वसंत डावखरे के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति मंत्री अनिल देशमुख ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक माह में निर्णय करेगी।

( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी

50 हजार लोगों को मुंबई के फुटपाथों पर स्टॉल लगाने की इजाजत देने की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी है। नगर विकास राज्य मंत्री भास्कर जाधव ने विधान सभा में स्पष्ट किया कि हॉकरों का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने और नई हॉकर्स नीति बनने के बाद ही सरकार इस पर कोई विचार कर सकती है। फुटपाथों पर पहले से ही चलने की जगह नहीं है, ऐसे में और लोगों को फुटपाथ पर बैठाना संभव नहीं है। हॉकर्स जोन के बनने पर ही यह संभव होगा। MNS के प्रवीण दरेकर ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि 50 हजार बेरोजगार युवकों को काम धंधे से लगाने के लिए मुंबै बैंक 5,000 करोड़ रुपये देने की इच्छुक है। शर्त ये है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर पालिका युवकों को रोजगार के लिए जगह उपलब्ध कराएं। बंद झुणका-भाकर पर निर्णय शीघ्र: 'झुणका भाकर योजना' के तहत शुरू किए गए जो केंद्र बंद पड़े हैं, उनके संबंध में सरकार एक माह में कोई निर्णय करेगी। विधान परिषद के उपसभापति वसंत डावखरे के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति मंत्री अनिल देशमुख ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक माह में निर्णय करेगी।

( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी

50 हजार लोगों को मुंबई के फुटपाथों पर स्टॉल लगाने की इजाजत देने की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( MNS) की मांग महाराष्ट्र सरकार ने ठुकरा दी है। नगर विकास राज्य मंत्री भास्कर जाधव ने विधान सभा में स्पष्ट किया कि हॉकरों का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने और नई हॉकर्स नीति बनने के बाद ही सरकार इस पर कोई विचार कर सकती है। फुटपाथों पर पहले से ही चलने की जगह नहीं है, ऐसे में और लोगों को फुटपाथ पर बैठाना संभव नहीं है। हॉकर्स जोन के बनने पर ही यह संभव होगा। MNS के प्रवीण दरेकर ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि 50 हजार बेरोजगार युवकों को काम धंधे से लगाने के लिए मुंबै बैंक 5,000 करोड़ रुपये देने की इच्छुक है। शर्त ये है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर पालिका युवकों को रोजगार के लिए जगह उपलब्ध कराएं। बंद झुणका-भाकर पर निर्णय शीघ्र: 'झुणका भाकर योजना' के तहत शुरू किए गए जो केंद्र बंद पड़े हैं, उनके संबंध में सरकार एक माह में कोई निर्णय करेगी। विधान परिषद के उपसभापति वसंत डावखरे के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति मंत्री अनिल देशमुख ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक माह में निर्णय करेगी।

Monday, July 26, 2010

तेज बरसात से मुंबईकरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया

पिछले दो दिनों से महानगर में जारी तेज बरसात से मुंबईकरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। एक ओर लोकल ट्रेनों की सेवाओं पर असर पड़ा, तो दूसरी ओर बेस्ट की बसों को अपना मार्ग बदलना पड़ा। कस्तूरबा अस्पताल की बिल्डिंग का प्लास्टर गिरने से दो नर्सें घायल हो गईं। हवाई सेवाओं पर भी तेज बारिश का असर पड़ा। इस दौरान महानगर में कई जगहों पर दीवारें और पेड़ गिरने की खबरें हैं। विक्रोली में रेलवे कलवर्ट के जाम होने से आम आदमी को परेशानी झेलनी पड़ी। शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश पूर्व उपनगर दर्ज की गई। देवनार में सबसे ज्यादा 120 एमएम और कुर्ला में 114 एमएम और मुलुंड में 104 एमएम बारिश दर्ज की गई। शहर विभाग में धारावी में 95 एमएम और वडाला में 89 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि पश्चिम उपनगर में कुल मिलाकर औसतन 65 एमएम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश बांदा में हुई जहां कुल 104 एमएम और बीकेसी में 83 एमएम बारिश दर्ज की गई। पानी निकासी के लिए 40 मोटर पंप चलाने पड़े। भगवती अस्पताल में दुर्घटना: आमतौर पर किसी तरह के हादसे होने पर लोगों को अस्पताल में उपचार के लिए लाया जाता है मगर शनिवार को तो भगवती अस्पताल के उस इमारत का प्लास्टर गिर पड़ा जिसे महज छह महीने पहले की काम किया गया था। इस घटना में 35 वर्षीय योजना कदम और 48 साल की मिनल नाईक घायल हो गई। मुलुंड में बिल्डिंग के दिवार गिरने का मामला सामने आया। दादर पूर्व में एक निर्माणधीन बिल्डिंग का कुछ हिस्सा गिर पड़ा। पानी जाम: तेज बरसात के कारण महानगर के अनेक इलाकों में पानी भर गया। हिंद माता, सायन रोड नंबर 24, कुर्ला स्टेशन रोड, पाइप रोड, आकाश गली, काजूपाड़ा, एलबीएस मार्ग व अन्य इलाकों में पानी भर गया। चेम्बूर में ठक्कर बप्पा कॉलोनी, कस्तूरबा सोसायटी में पानी भर गया। पानी निकासी के लिए महानगर के कुल 195 मोटर पंपों में से 30 पंप चलाने पड़े। लोकल गाडि़यां: तेज बारिश के कारण लोकल गाडि़यों पर भी असर पड़ा। हालांकि, रेल अधिकारियों दावा करते रहे कि उनकी गाडि़यां सही समय पर चलती रही कोई परेशानी नहीं हुई। पश्चिम रेल में कांदिवली और बोरिवली स्टेशनों के बीच पाइंट फेल हो गया जिससे एक आधे घंटे के लिए वह उस रूट का बंद भी करना पड़ा। इसका असल लोकल गाडि़यों पर पड़ा। हार्बर में चुना भट्टी रेल स्टेशन पर पानी भरने से लोकल सेवाओं पर असर पड़ा। मेन लाइन में विक्रोली रेल स्टेशन पर पानी भरने की समस्या जरूरी हुई। बसों के बदले गए रूट: तेज बरसात के कारण पानी भर जाने से हिंदमाता से गुजरने वाली बेस्ट की बसो का आवागमन दो बार रोकना पड़ा। सायन के रोड नंबर 24 पर पानी भर जाने से यातायात पर असर पड़ा। रेलवे कलवर्ट जाम, घरों में घुसा पानी: विक्रोली रेलवे स्टेशन पर रेलवे कलवर्ट जाम पड़ने से पश्चिम की ओर जमा पानी पूर्व की ओर निकासी नहीं हो पा रहा था जिससे स्टेशन के आसपास के इलाकों में चार फुट तक पानी भर गया। रेलवे स्टेशन के करीब बसी चालियों के 15 घरों में पानी घुस गया। भाडुंप एस वार्ड के सब-इंजिनियर सुनील सिंह व उनके सहयोगी मोटर पंप लगाकर पानी की निकासी का काम करते रहे। देर शाम एक तरफ पानी की निकासी होती रही, तो दूसरी ओर जाम कलवर्ट को साफ करने के लिए उसकी खोजबीन जारी रहा।