शिवसेना के एक विधायक ने मंगलवार को विधान परिषद में मांग की कि राज्य में सभी बैंकों को अपने साइन बोर्ड एक महीने के अंदर मराठी में लिखना चाहिए। दिवाकर राउते ने सदन में कहा, 'सभी बैंकों के नाम एक महीने के अंदर मराठी भाषा में लिखे जाने चाहिए। उनके नाम मराठी भाषा में अनूदित होने चाहिए, अन्यथा शिवसेना इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी।' वह राज्य सरकार द्वारा हाल में स्थापित मराठी विभाग पर चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने मांग की कि हाउसिंग निकाय म्हाडा द्वारा जारी फार्म भी मराठी भाषा में उपलब्ध किए जाने चाहिए।
Thursday, July 22, 2010
Friday, July 16, 2010
मुंबई के आईवीएफ क्लिनिकों से कहा है कि वे उनके वाणिज्य दूतावासों से संपर्क किए बिना उनके नागरिकों को किराये की कोख की सुविधा न दें।
मुंबई समेत देश भर में धड़ल्ले से सरोगेसी का धंधा जोरों पर है, लेकिन न तो सरकार और न ही न्यायपालिका इस पर कोई लगाम कस सकी। जन्मे शिशु की नागरिकता को लेकर कई बार संबंधित देशों ने बवाल मचाया, कई बार एथिक्स पर भी सवाल उठे, लेकिन करोड़ों के चोखे धंधे पर जरा भी आंच न आई। हमने भले ही कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन आठ यूरोपीय देशों ने शहर के इस तेजी से बढ़ते बिजनेस को रोकने की पहल की है। उन्होंने मुंबई के आईवीएफ क्लिनिकों से कहा है कि वे उनके वाणिज्य दूतावासों से संपर्क किए बिना उनके नागरिकों को किराये की कोख की सुविधा न दें। क्लिनिकों से कहा गया है कि वे इलाज से पहले विदेशी नागरिकों से अपने वाणिज्य दूतावासों से संपर्क करने को कहें। जर्मनी, फ्रांस, पोलैंड, चेक गणराज्य, इटली, नीदरलैंड, बेल्जियम और स्पेन ने मुंबई में दस से अधिक आईवीएफ केंद्रों को अधिसूचित किया है कि वे उनके देशों के नागरिकों को सरोगेसी इलाज की सुविधा न दें। वाणिज्य दूतावासों ने कहा है कि उनके देश में किराये पर कोख लेना अवैध है। मामला कितना गंभीर है, यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि भारत में किराये की कोख का बाजार 1000 से लेकर 5000 करोड़ रुपये के बीच है। कई बार महिलाओं को परिवार या पति द्वारा मजबूर किए जाने के मामले भी सामने आए हैं। कुछ लाखों रुपयों के लालच में कई महिलाएं एक से अधिक बार भी कोख किराए पर देती पाई गई हैं। इसके अलावा, कई बार सरोगेट मदर को वायदे से कम रकम दिए जाने जैसे धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए। जिन क्लिनिकों को वाणिज्य दूतावासों का पत्र मिला है उनमें अधिकांश ने इस कदम का स्वागत किया है। प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. अंजलि मालपानी का कहना है, 'किराये की कोख को लेकर कई नैतिक मुद्दे अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। लेकिन हमने एहतियात लेना शुरू कर दिया है कि नये शिशुओं को उनके देशों में समस्या का सामना न करना पड़े और डॉक्टरों को इस पहलू से वाकिफ होना चाहिए।' लीलावती और हीरानंदानी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा यह पत्र हमारे भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सरोगेसी के कानूनी विशेषज्ञ अमित खरकानिस के अनुसार भारत में इस बारे में एक ठोस कानून की तात्कालिक आवश्यकता है और केंद्र को युद्धस्तर पर इस मुद्दे को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आठ देशों द्वारा लिया गया निर्णय पूरी तरह शिशुओं के भविष्य के हित में है। भारत को भी सरोगेसी को इंडस्ट्री के रूप में अनुमति नहीं देनी चाहिए। लिहाजा नियमन की तात्कालिक जरूरत है।'
Tuesday, July 13, 2010
राज्य सरकार का प्रतिष्ठित राज कपूर सम्मान अभिनेता शाहरुख खान को दिए जाने की खबर गलत
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का प्रतिष्ठित राज कपूर सम्मान अभिनेता शाहरुख खान को दिए जाने की खबर गलत है। ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विधानसभा में सोमवार को बीजेपी सदस्य देवेंद्र फडणवीस ने सम्मान का मुद्दा उठाया था। उनका तर्क था कि शाहरुख भले ही अच्छे अभिनेता हों, मगर ये सम्मान मराठी कलाकारों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि 'जोगवा' जैसे मराठी फिल्म को पांच-पांच राष्ट्रीय अवॉर्ड मिले हैं। वहीं, 'मी शिवाजी राजे बोलतोय' और 'नटरंग' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए साफ किया कि सरकार वैसे भी इन पुरस्कारों का फैसला नहीं करती। इसके लिए अलग से समिति है, जो सम्मान के बारे में प्रस्ताव सरकार को भेजती है। फिलहाल, सरकार को ऐसा कोई प्रस्ताव मिला ही नहीं है। कुछ चैनलों ने शाहरुख को सम्मान दिए जाने की खबर चलाई, मगर इसमें सत्यता नहीं है। महाराष्ट्र सरकार हर साल हिन्दी सिनेमा में श्रेष्ठ योगदान के लिए राज कपूर सम्मान और मराठी सिनेमा में श्रेष्ठ योगदान के लिए वी. शांताराम सम्मान फिल्मी दुनिया की हस्तियों को प्रदान करती है।
Saturday, July 10, 2010
सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब पर बैन लगाने की महाराष्ट्र सरकार की अर्जी को ठुकरा
Monday, July 5, 2010
भारत बंद के असर से दिल्ली का हाल बेहाल
भारत बंद के असर से दिल्ली का हाल बेहाल हो रहा है। रात भर की बारिश के बाद सुबह से लेफ्ट पार
्टियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के जगह जगह प्रदर्शन से जाम लग गए हैं। कई जगहें मेट्रो तक रोक दी गई है और बीजेपी-लेफ्ट पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं समेत 1000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। राजनाथ सिंह, शरद यादव और गडकरी को पुलिस ने चांदनी चौक इलाके से हिरासत में लिया। अक्षरधाम पर बीजेपी के 200 कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए हैं। आईटीओ पर तगड़े जाम के कारण रूट बदल दिए गए हैं। शाहदरा में दो लोकल ट्रेंनें कार्यकर्ताओं ने रोक दी हैं। कई वरिष्ठ नेताओं जैसे अरुण जेटली, चंद्रबाबू नायडू और मुख्तार अब्बास नकवी को पुलिस ने देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार कर लिया है। लेफ्ट पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने आईटीओ पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया है जिसके चलते पुलिस से उनकी अनबन भी हो गई है। पटेल नगर मेट्रो स्टेशन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ताला लगा दिया है। राजीव चौक और करोल बाग पर कुछ देर के लिए मेट्रो रोकी गई।
Saturday, July 3, 2010
अरुण गवली को हफ्तावसूली के एक केस में जमानत
विशेष मकोका अदालत ने शुक्रवार को अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली को हफ्तावसूली के एक केस में जमानत दे दी। उसे इस केस में सन् 2008 में गिरफ्तार किया गया था। मकोका कोर्ट से इस केस में जमानत मिलने के बावजूद गवली अभी भी जेल में बंद रहेगा, क्योंकि उस पर एक पार्षद के मर्डर में भी मुकदमा चल रहा है।
