कहते हैं कि संगीत सरहदें नहीं जानता और सभी सीमाओं के परे जाकर सुनने वालों के दिलों तक पहुंचता है। इस बात को एक बार फिर सही साबित किया दो गैर-मराठियों ने। दोनों मराठी भाषा में हो रहे सारेगामा को जीतने की होड़ में शामिल हैं। मराठी सारेगामा के फाइनल में पहुंचे वाले तीन कंटेस्टेंट में दो गैर-मराठी हैं। अभिलाषा चेलम तमिल हैं जबकि राहुल सक्सेना उत्तर भारतीय। प्रतियोगिता में एकमात्र मराठी हैं उर्मिला धांगर जो मुंबई के बाहरी इलाके बदलापुर की हैं। गौरतलब है कि इनदिनों मुंबई में एमएनएस ने टैक्सी ड्राइवरों को धमकी दी है कि वह 40 दिनों के भीतर मराठी सीखें या मुंबई छोड़ दें। एमएनएस की इस धमकी की तीखी आलोचना हो रही है। अभिलाषा और राहुल ने शो में अपने तजुर्बे को शेयर करते हुए बताया कि शुरू में दोनों मराठी भाषा से अनजाने थे। लेकिन अब वह इस भाषा को पसंद करते हैं। अभिलाषा ने कहा कि उन्होंने इस शो के लिए हुए ऑडिशन में सात मराठी गाने याद कर लिए थे। अभिलाषा एक साल पहले ही मुंबई आई हैं। अभिलाषा का कहना है कि मराठी गानों को समझने में रिसर्च टीम ने भी पूरा साथ दिया और वह अब गानों के बोल के अलावा उनके मतलब और संदर्भ को भी समझने लगी हैं। वहीं, राहुल सात साल पहले मुंबई आए थे। राहुल के मुताबिक वह हमेशा मराठी गीतों और कल्चर से प्रभावित थे। राहुल ने कहा कि वह कभी कभार मराठी गीत गाते थे। लेकिन अब वह इनके मतलब भी समझने लगे हैं, जिससे उन्हें ज़्यादा मजा आ रहा है।
Thursday, January 28, 2010
Tuesday, January 26, 2010
40 दिनों के भीतर मराठी बोलना सीख लें या फिर अपने घरों को लौट जाएं।
महाराष्ट्र में भाषा विवाद को और आगे बढ़ाते हुए राज ठाकरे की पार्टी ने आज हिंदी भाषी राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश के टैक्सी चालकों से कहा कि वे 40 दिनों के भीतर मराठी बोलना सीख लें या फिर अपने घरों को लौट जाएं। अपने मराठी मानूस के एजेंडे के तहत एमएनएस की परिवहन शाखा के सदस्य आज सड़कों पर उतरे और उन्होंने कुर्ला में मराठी वर्णमाला की पुस्तकें टैक्सी चालकों में बांटीं और उनसे जल्द मराठी सीख लेने को कहा। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की वाहतुक सेना के अध्यक्ष हाजी अराफात शेख ने कहा, कुर्ला में 300 उत्तर भारतीय टैक्सी चालकों को मराठी वर्णमाला की पुस्तकें वितरित कीं और उनसे 40 दिनों के भीतर मराठी सीख लेने को कहा। संगठन की उन टैक्सी और ऑटो चालकों में 50 हजार मराठी पुस्तकें वितरित करने की योजना है जो मराठी नहीं बोल सकते। शेख ने कहा, ' यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि लोग यहां 15 साल से अधिक समय से रोजी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन मराठी बोल नहीं सकते। उन्हें निश्चित तौर पर भाषा सीखनी चाहिए अन्यथा उत्तर प्रदेश और बिहार लौटने का टिकट बुक करा लेना चाहिए।' एमएनएस कार्यकर्ताओं ने शहर में होर्डिंग्स भी लगाई है जिनमें कहा गया है कि टैक्सी चालक जल्द से जल्द मराठी सीख लें।
Saturday, January 23, 2010
शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे का बर्थडे गिफ्ट भिवंडी (पूर्व) विधानसभा सीट
महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा की 3 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे शनिवार को आ गए। महाराष्ट्र में ठाणे जिले की भिवंडी (पूर्व) विधानसभा सीट पर शिवसेना ने समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी कांग्रेस-एनसीपी को जबर्दस्त झटका दिया। शिवसेना के रूपेश म्हात्रे ने इस मुस्लिम बहुल सीट पर एसपी कैंडिडेट फरहान आजमी को 1,676 वोट से हरा दिया। म्हात्रे ने इस जीत को शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे का बर्थडे गिफ्ट बताया है। ठाकरे शनिवार को 84 साल के हो गए। फरहान एसपी के प्रदेश अध्यक्ष अबू असीम आजमी के बेटे हैं। अबू आजमी के इस्तीफे से ही यह सीट खाली हुई थी। क्योंकि अबू इसके साथ पूर्वोत्तर मुंबई की मनखुर्द सीट से भी चुनाव जीत गए थे। फरहान के प्रचार में एसपी के सभी पदों से इस्तीफा देने वाले पूर्व महासचिव अमर सिंह ने खास योगदान दिया था। हरियाणा की ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर चौटाला की इंडियन नैशनल लोकदल ने (आईएनएलडी) ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। अभय सिंह चौटाला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेसी उम्मीदवार भरत सिंह बेनीवाल को तकरीबन 6,227 वोट से हराया। यह सीट आईएनएलडी अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला के इस्तीफे से खाली हुई थी। हालांकि इस सीट पर जीत का अंतर घटा है। लेकिन अभय ने कहा कि यह साबित हुआ है कि हरियाणा की जनता अब भी हमारे पक्ष में है। गुजरात की चोटिला विधानसभा सीट को बीजेपी ने जीत लिया है। भरत खोरानी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के शिवजी चौहान को 22,368 वोट से हराकर कमल का परचम फहराया।
Friday, January 22, 2010
पाक खिलाड़ियों को नहीं लेना चाहते थे
IPL में पाक खिलाड़ियों को न लिए जाने के मामले में राजस्थान रॉयल्स की मालिक और बॉलिवुड ऐक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने शिव सेना को लपेट लिया है। शुक्रवार को इशारों-इशारों में शिल्पा शेट्टी ने शिव सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पागल लोग अगर बाहर खड़े होकर चिल्लाएंगे, तो इन खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शिल्पा शेट्टी से पत्रकारों ने पूछा कि पाक खिलाड़ियों को क्या नहीं लिया गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हम पाक खिलाड़ियों को नहीं लेना चाहते थे, लेकिन इस देश में कुछ पार्टियां सनकियों की तरह व्यवहार कर रही हैं। ऐसे में उन क्रिकेटर्स की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। जाहिर है कि शिल्पा का इशारा शिव सेना की तरफ था। पाक खिलाड़ियों को लेकर शिव सेना का नजरिया तो जगजाहिर है ही, कुछ समय पहले पार्टी ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को भी धमकियां दे डाली थीं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय स्टूडेंट्स पर हो रहे हमलों के चलते शिव सेना ने कहा था कि आईपीएल में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को नहीं खेलने दिया जाएगा। शिल्पा शेट्टी का इशारा इसी ओर था।
Thursday, January 21, 2010
संगीता को उसके पति की मौत के बाद बीएमसी में नौकरी मिली थी।
पति की मौत के बाद 'अनुकंपा के आधार पर' किसी विधवा को मिली नौकरी क्या उसके फिर से विवाह करने के बाद जा सकती है। बंबई हाई कोर्ट इस सवाल पर दायर एक याचिका पर फैसला देगा। याचिकाकर्ता संगीता को उसके पति की मौत के बाद बीएमसी में नौकरी मिली थी। लेकिन उसने जब दूसरा विवाह कर लिया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। बीएमसी के अनुसार फिर से विवाह करने पर अनुकंपा पर मिली नौकरी बरकरार नहीं रह सकती। संगीता के वकील ने जस्टिस एफ.आई. रेबेलो तथा सी.एल. पांगरकर की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार को दलील दी कि ऐसा नियम मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण करता है। अदालत ने बीएमसी को लिखित जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।
Monday, January 18, 2010
दौड़ना तो था मगर हार जीत की जद्दोजहद पीछे छोड़कर एक उद्देश्य के लिए।
यूं तो हर सुबह अक्सर मुम्बईकर दौड़ता ही नजर आता है, कोई ट्रेन पकड़कर ऑफिस या अपनी दुकान पहुंचने के लिए तो कोई स्कूल-कालेज के लिए। मगर इस रविवार की सुबह मुम्बई के लिए एक अलग सुबह थी जहां उसे दौड़ना तो था मगर हार जीत की जद्दोजहद पीछे छोड़कर एक उद्देश्य के लिए। सातवीं स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुम्बई मैराथन 2010 में भाग लेने वाला हर मुम्बईकर दूसरे के लिए दौड़ा। हमारी एकता, अखंडता व शांति बरकरार रखने और पानी की किल्लत से जूझ रहे इस शहर को पानी की बचत के लिए जागरूक करने, मुम्बई के हर उम्र, हर वर्ग और हर धर्म के लोग एक साथ मिलकर दौड़े। साफ लगा कि यही तो है इस शहर का जज्बा और जोश है जो कभी नहीं थमता, कभी नहीं रुकता। आमतौर पर रविवार के दिन देर तक सोने वाले मुम्बईकर इस दौड़ को लेकर इतने उत्साहित थे कि पौ फटने से पहले ही उनका जमावड़ा आजाद मैदान में लगना शुरू हो गया। जहां एक ओर दौड़ में हिस्सा ले रहे लोगों का जोश उफान पर था तो दूसरी ओर उन्हें चीयरअप करने आए लोगों का उत्साह भी कम गजब का नहीं नजर आ रहा था। करीब सात बजकर चालीस मिनट पर सीएसटी स्टेशन के सामने से फ्लैग ऑफ होते ही फुल मैराथन रन शुरू हुई तो लोगों का उत्साह परवान चढ़ गया। इसमें आम मुम्बईकरों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष धावकों ने हिस्सा लिया। इसके कुछ ही देर बाद शुरू हुई उनकी दौड़ जो उम्र की रेस में भले ही आगे निकल गए हैं मगर मैराथन दौड़ने का जज्बा शिद्दत से बरकरार है। सीनियर सिटिजंस के लिए 'सिंह इज किंग' व 'खिलाड़ी' फेम अभिनेता अक्षय कुमार ने फ्लैग ऑफ किया। रंग बिरंगी वेषभूषा में सजे सीनियर सिटिजंस के कदम जब संगीत पर थिरकते हुए आगे बढ़े तो पूरे माहौल में बरबस ही हौले हौले एक अजब सी गर्मजोशी छाती चली गई। इसी बीच दूसरी ओर बांद्रा के रंग शारदा से शुरू हुआ हाफ मैराथन जो वर्ली सी लिंक से होता हुआ सीएसटी स्टेशन की ओर बढ़ रहा था। नई नवेली सी-लिंक पर दौड़ने के लिए हर आदमी बेताब दिखा। फिर बारी आई व्हील चेयर रन की जिसमें बच्चों सहित करीब सात सौ शारीरिक रूप से विकलांग लोगों ने हिस्सा लिया। अलबत्ता आम मुम्बईकर ही नहीं बल्कि सेलिब्रिटीज का भी पसंदीदा ड्रीम रन अभी शुरू होना बाकी ही था जो अंतत: नौ बजकर दस मिनट पर शुरू हुआ। इसमें बॉलीवुड अभिनेता राहुल बोस, पूरब कोहली, अभिनेत्री कोंकणा सेन, तारा शर्मा व सचिन तेंडुलकर की बिटिया सारा ने हिस्सा लिया। फुल मैराथन में पुरुष और महिला वर्ग में क्रमश: केन्या के डेनिस एनडिसो और इथियोपिया की बिजुनेश मोहम्मद ने जीत अपने नाम की। वहीं भारतीय पुरुष और महिला वर्ग में बिनिंग लिंगोई और शास्त्री देवी अव्वल रहे। हाफ मैराथन के पुरुष वर्ग में संदीप कुमार और महिला वर्ग में विजेता का खिताब जयश्री बोरगे ने जीता।
Wednesday, January 13, 2010
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने बुधवार को सेना में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स पर बैन लगाने का ऐलान किया।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर लगातार हो रहे जानलेवा हमलों का विरोध करते हुए शिवसेना ने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स पर बैन लगाने की बात कही है। शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने बुधवार को सेना के मुखपत्र सामना में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स पर बैन लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- शिवसेना मुंबई और महाराष्ट्र में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स को पांव नहीं रखने देगी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में हो रहे भारतीयों पर हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि हमारे अंदर खासकर हमारे क्रिकेटर्स में स्वाभिमान और राष्ट्राभिमान बिल्कुल नहीं है। जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय नागरिकों और स्टूडंट्स पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, ऐसी सूरत में ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच कैसे खेल सकते हैं? उन्होंने कहा- हम जो स्पोर्ट्समैनशिप दिखा रहे हैं, वो शर्मनाक है।
अपने लेख में उन्होंने कहा कि- इससे पहले हमने पहले पाक खिलाड़ियों पर बैन लगाया था, जो आज भी लागू है। पाकिस्तान की तरफ से भारत में हो रहे दहशतवादी हमलों के खिलाफ, कश्मीर में हो रही हिंसा के विरोध में शिवसेना ने यह पाबंदी लगाई थी। गौरतलब है कि शिवसैनिकों ने दिल्ली में भी पाक खिलाड़ियों को रोका था। ऑस्ट्रेलिया के रुख को लेकर बाल ठाकरे ने बिग बी अमिताभ बच्चन की जमकर तारीफ की और कहा कि ऑस्ट्रेलिया में क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मान देने की घोषणा की थी, लेकिन बिग बी ने भारतीयों पर वहां हो रहे हमलों के विरोध में इस सम्मान को ग्रहण करने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। बाल ठाकरे ने कहा- बिग बी जैसा राष्ट्राभिमान और स्वाभिमान जिस दिन भारतीय क्रिकेटर्स में देखने को मिलेगा, उस दिन हमें बड़ा गर्व होगा लेकिन हमारे क्रिकेटर्स तो सिर्फ पैसे के लिए खेलते हैं।
अपने लेख में उन्होंने कहा कि- इससे पहले हमने पहले पाक खिलाड़ियों पर बैन लगाया था, जो आज भी लागू है। पाकिस्तान की तरफ से भारत में हो रहे दहशतवादी हमलों के खिलाफ, कश्मीर में हो रही हिंसा के विरोध में शिवसेना ने यह पाबंदी लगाई थी। गौरतलब है कि शिवसैनिकों ने दिल्ली में भी पाक खिलाड़ियों को रोका था। ऑस्ट्रेलिया के रुख को लेकर बाल ठाकरे ने बिग बी अमिताभ बच्चन की जमकर तारीफ की और कहा कि ऑस्ट्रेलिया में क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मान देने की घोषणा की थी, लेकिन बिग बी ने भारतीयों पर वहां हो रहे हमलों के विरोध में इस सम्मान को ग्रहण करने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया। बाल ठाकरे ने कहा- बिग बी जैसा राष्ट्राभिमान और स्वाभिमान जिस दिन भारतीय क्रिकेटर्स में देखने को मिलेगा, उस दिन हमें बड़ा गर्व होगा लेकिन हमारे क्रिकेटर्स तो सिर्फ पैसे के लिए खेलते हैं।
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