Friday, June 19, 2009
लड़की से मुंबई के कई स्थानों पर जबरदस्ती धंधा कराती रही।
एक अधिकारी ने बताया कि भारती दंपती के घर में एक महिला करीब एक दशक से काम करती थी। जब रजनी 2007 में दूसरी बार प्रेगनंट हुई तो महिला ने अपनी भतीजी को भी काम पर लगा लिया। मगर कुछ समय बाद वह महिला बाहर चली गई और रजनी का पति भी किसी काम से बाहर चला गया। भतीजी उनके घर में काम करती रही। अधिकारी ने कहा कि एक दिन लड़की को नशीली चीज मिलाकर सॉफ्ट ड्रिंक पीने के लिए दिया गया। ड्रिंक पीने से लड़की सो गई। अगली सुबह जब वह जगी तो उसने देखा कि उसके कपड़ों पर खून के धब्बे हैं। तब उसे लगा कि उसके साथ रेप हुआ है। उसे याद आया कि उसने अपने कमरे में एक अजनबी को देखा था। अधिकारी ने बताया कि जब लड़की ने इस बारे में रजनी से बात की तो उसने स्वीकार किया कि उसके कमरे में कल नंदू नाम का आदमी था और उसने उससे 50 हजार रुपए लिए हैं। रजनी ने लड़की को धमकी दी कि वह इस वाकये के बारे में किसी को नहीं बताए। अगले कुछ महीनों तक रजनी उस लड़की से मुंबई के कई स्थानों पर जबरदस्ती धंधा कराती रही।
इस साल जनवरी में, रजनी उस लड़की को लेकर पुणे गई। उसने लड़की से कहा कि वहां एक फिल्म की शूटिंग होनी है। मगर वहां एक फ्लैट में रजनी ने उस लड़की से हफ्ते भर वेश्यावृत्ति कराई। एक बार रजनी उसे लेकर एक होटेल भी गई। उसी रात पुलिस ने होटल पर छापा मारा और वहां वह लड़की अन्य तीन लड़कियों के साथ पकड़ी गई।
अधिकारी ने कहा कि जब इसकी खबर रजनी को लगी तो वह एक वकील को लेकर कोर्ट में आई। उसने उस लड़की की जमानत राशि भरी। इसके बाद वे मुंबई लौट गए। रजनी 8 मई को उस लड़की को लेकर सूरत चली गई। वहां भरत नाम के एक आदमी ने उस लड़की को बाध्य किया कि वह 8 ग्राहकों को खुश करे। नतीजा यह हुआ कि लड़की बीमार हो गई। इसके बावजूद रजनी को उसकी हालत पर रहम नहीं आया और उसने उसे दो नौकरों के साथ अहमदाबाद भेजने का फैसला किया। रजनी और पूरा ग्रुप 18 मई को सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच, लड़की ने किसी तरह उन्हें चकमा दे दिया और वह दूसरी ट्रेन पकड़ कर मुंबई आ गई।
लड़की ने अब अपनी चाची को पूरी कहानी बताई। तब उसकी चाची ने रजनी के पति को सूचना दी। उसे सदमा लगा। उसने कहा कि उसे इस बारे में कुछ भी नहीं मालूम है। वह लड़की और उसकी चाची को साथ लेकर पुलिस स्टेशन गया और वहां रजनी, नंदू और भरत के खिलाफ रेप, माइनर को वेश्यावृत्ति के लिए बेचने और धमकाने का केस दर्ज कराया।
Tuesday, June 16, 2009
राज ठाकरे को मिली जमानत और कल्याण सेशन कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे को निचली अदालत से
मिली जमानत को खारिज करते हुए उन्हें 29 जून को कल्याण के रेलवे कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया। पिछले साल अक्टूबर में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आए उत्तर भारतीय छात्रों की एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा पिटाई के मामले में कोर्ट ने यह आदेश दिया है। सरकारी वकील अमित देसाई ने बताया कि हाई कोर्ट ने कल्याण मैजिस्ट्रेट कोर्ट से राज ठाकरे को मिली जमानत और कल्याण सेशन कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे पुलिस ने राज ठाकरे की कस्टडी मांगी है, इसलिए उन्हें 29 जून को रेलवे मैजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर करना होगा। डोंबीवली में एमएनएस कार्यकर्ताओं की हिंसा के सिलसिले में कल्याण पुलिस ने राज के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद पिछले साल 22 अक्टूबर को राज को कल्याण मैजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। मैजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन जीआरपी ने कल्याण कोर्ट से उनकी कस्टडी मांगी, क्योंकि वह राज को रेलवे कोर्ट में पेश करना चाहती थी। मैजिस्ट्रेट ने जीआरपी को राज की ट्रांजिट कस्टडी दे दी थी। इस मामले में राज ने अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। राज्य सरकार और जीआरपी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि राज पहले से ही गिरफ्तार थे, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती थी। हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए राज की अग्रिम जमानत खारिज कर दी और 29 जून या उससे पहले कल्याण कोर्ट में पेश होने को कहा।
